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Stomach Care Tips: पेट खराब होने पर क्यों खानी चाहिए मूंग दाल? जानिए इसके बड़े फायदे
Wed, 15 Jul 2026 11:46 AM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Wed, 15 Jul 2026 11:46 AM IST
सार
Stomach Care Tips: गर्मी और बारिश के मौसम में पेट खराब होना सबसे कॉमन दिक्कत है। ऐसे में ये जानना जरूरी है कि ऐसे समय में क्या खाना चाहिए, आज हम इसी बारे में बात करेंगे।
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पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खाई जाती है?
- फोटो : AI
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Stomach Care Tips: पेट खराब होने पर डॉक्टर और घर के बड़े अक्सर मूंग दाल खाने की सलाह देते हैं लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर पेट की समस्या होने पर मूंग दाल को ही सबसे बेहतर विकल्प क्यों माना जाता है?
पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खाई जाती है?
- फोटो : AI
पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खानी चाहिए?
1. आसानी से पच जाती है
मूंग दाल को सबसे हल्की दालों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर द्वारा अपेक्षाकृत आसानी से पचाए जा सकते हैं। जब पेट खराब होता है, तब पाचन तंत्र पहले से ही संवेदनशील होता है। ऐसे में भारी या अधिक मसालेदार भोजन करने से समस्या बढ़ सकती है। मूंग दाल पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालती और पाचन प्रक्रिया को अपेक्षाकृत सहज बनाए रखने में मदद करती है। यही वजह है कि डॉक्टर और डाइट एक्सपर्ट भी पेट संबंधी समस्याओं के दौरान सादी मूंग दाल या मूंग दाल की खिचड़ी खाने की सलाह देते हैं।
1. आसानी से पच जाती है
मूंग दाल को सबसे हल्की दालों में से एक माना जाता है। इसमें मौजूद प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट शरीर द्वारा अपेक्षाकृत आसानी से पचाए जा सकते हैं। जब पेट खराब होता है, तब पाचन तंत्र पहले से ही संवेदनशील होता है। ऐसे में भारी या अधिक मसालेदार भोजन करने से समस्या बढ़ सकती है। मूंग दाल पेट पर अतिरिक्त दबाव नहीं डालती और पाचन प्रक्रिया को अपेक्षाकृत सहज बनाए रखने में मदद करती है। यही वजह है कि डॉक्टर और डाइट एक्सपर्ट भी पेट संबंधी समस्याओं के दौरान सादी मूंग दाल या मूंग दाल की खिचड़ी खाने की सलाह देते हैं।
पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खाई जाती है?
- फोटो : AI
2. प्रोटीन का अच्छा स्रोत
दस्त, उल्टी या लंबे समय तक पेट खराब रहने पर शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में शरीर को रिकवरी के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। मूंग दाल पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और मांसपेशियों को ऊर्जा देने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें फोलेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। कम मसालों में बनी मूंग दाल पोषण और पाचन, दोनों के लिहाज से अच्छा विकल्प मानी जाती है।
दस्त, उल्टी या लंबे समय तक पेट खराब रहने पर शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है। ऐसे समय में शरीर को रिकवरी के लिए प्रोटीन की जरूरत होती है। मूंग दाल पौधों से मिलने वाले प्रोटीन का अच्छा स्रोत है, जो शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और मांसपेशियों को ऊर्जा देने में मदद करता है। इसके साथ ही इसमें फोलेट, मैग्नीशियम, पोटैशियम और आयरन जैसे पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, जो शरीर को आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। कम मसालों में बनी मूंग दाल पोषण और पाचन, दोनों के लिहाज से अच्छा विकल्प मानी जाती है।
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पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खाई जाती है?
- फोटो : AI
3. पेट को आराम देती है
पेट खराब होने पर सादा और हल्का भोजन करना सबसे बेहतर माना जाता है। मूंग दाल की पतली दाल या मूंग दाल की खिचड़ी न केवल आसानी से पचती है, बल्कि पेट को आराम भी पहुंचाती है। इसमें अधिक तेल और मसाले न होने के कारण पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। यदि इसे चावल के साथ खिचड़ी के रूप में बनाया जाए, तो यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ आवश्यक पोषक तत्व भी उपलब्ध कराती है। यही कारण है कि बीमारी के दौरान रिकवरी डाइट में मूंग दाल को अक्सर शामिल किया जाता है।
पेट खराब होने पर सादा और हल्का भोजन करना सबसे बेहतर माना जाता है। मूंग दाल की पतली दाल या मूंग दाल की खिचड़ी न केवल आसानी से पचती है, बल्कि पेट को आराम भी पहुंचाती है। इसमें अधिक तेल और मसाले न होने के कारण पाचन तंत्र पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता। यदि इसे चावल के साथ खिचड़ी के रूप में बनाया जाए, तो यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ आवश्यक पोषक तत्व भी उपलब्ध कराती है। यही कारण है कि बीमारी के दौरान रिकवरी डाइट में मूंग दाल को अक्सर शामिल किया जाता है।
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पेट खराब होने पर मूंग दाल क्यों खाई जाती है?
- फोटो : AI
4. गैस और अपच की संभावना कम
चना, राजमा, छोले या उड़द दाल जैसी कुछ दालें कई लोगों में गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ा सकती हैं। इसके मुकाबले मूंग दाल अपेक्षाकृत हल्की मानी जाती है और इससे गैस बनने की संभावना कम होती है, खासकर जब इसे अच्छी तरह पकाकर कम मसालों के साथ खाया जाए। पेट खराब होने के दौरान गैस और अपच की समस्या से बचना जरूरी होता है, इसलिए मूंग दाल एक बेहतर विकल्प मानी जाती है। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को मूंग दाल से भी असहजता महसूस होती है या पेट की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना उचित रहेगा।
चना, राजमा, छोले या उड़द दाल जैसी कुछ दालें कई लोगों में गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ा सकती हैं। इसके मुकाबले मूंग दाल अपेक्षाकृत हल्की मानी जाती है और इससे गैस बनने की संभावना कम होती है, खासकर जब इसे अच्छी तरह पकाकर कम मसालों के साथ खाया जाए। पेट खराब होने के दौरान गैस और अपच की समस्या से बचना जरूरी होता है, इसलिए मूंग दाल एक बेहतर विकल्प मानी जाती है। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति को मूंग दाल से भी असहजता महसूस होती है या पेट की समस्या लंबे समय तक बनी रहती है, तो डॉक्टर या योग्य डाइटिशियन से सलाह लेना उचित रहेगा।