Medically Reviewed by Ms. Priya Pandey
डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ), उजाला सिग्नस हॉस्पिटल
डिग्री- बी.एस.सी. (मानव पोषण)
अनुभव- 8 वर्ष
सुबह का नाश्ता हो, दोपहर का खाना या फिर रात का खाना, सेहत को दुरुस्त बनाए रखने के लिए इन सभी पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी होता है। विशेषज्ञ कहते हैं कि लोगों को रात के खाने पर विशेष रूप से ध्यान देना चाहिए, क्योंकि ये न सिर्फ आपकी सेहत से जुड़ा होता है बल्कि इससे आपकी नींद पर भी असर पड़ता है। अगर आप रात को अच्छा खाना खाएंगे तो जाहिर है आपको नींद भी अच्छी आएगी और हमेशा स्वस्थ बने रहेंगे। लेकिन ध्यान रहे कि रात के खाने में ऐसी चीजों को शामिल करें जो फायदा पहुंचाए, क्योंकि कई चीजें ऐसी भी होती हैं जो फायदे की जगह नुकसान भी पहुंचा सकती हैं। आइए जानते हैं कि रात में किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए?
सलाह: रात में भूलकर भी न करें इन चार चीजों का सेवन, फायदे की जगह हो सकते हैं नुकसान
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मसालेदार खाना
- रात को सोने से ठीक पहले मसालेदार खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अपच और सीने में जलन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा विशेषज्ञ कहते हैं कि मसाले में मौजूद केमिकल इंद्रियों को जगा देते हैं, जिसकी वजह से रात में सोने में परेशानी हो सकती है।
केला
- केले को प्राकृतिक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, क्योंकि यह विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसे पेट के लिए भी फायदेमंद माना जाता है, लेकिन ध्यान रहे कि रात में सोने से पहले केले का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे बलगम का निर्माण हो सकता है और साथ ही अपच की भी समस्या हो सकती है।
सेब
- सेब खाना सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। इसमें काफी मात्रा में पौष्टिक तत्व होते हैं। चूंकि सेब फाइबर और पेक्टिन में समृद्ध होते हैं, इसलिए रात में इसके सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि इससे अनुचित नींद या पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
शराब
- रात में सोने से पहले शराब का सेवन न करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इससे पाचन तंत्र पर बुरा असर पड़ता है और साथ ही नींद की समस्या भी हो सकती है। अक्सर कई लोगों की आदत होती है कि वे रात के समय अधिक मात्रा में शराब पी लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञ कहते हैं कि शराब का अधिक सेवन आपकी प्रतिरोधी क्षमता को कमजोर कर सकता है। इसलिए इससे बचें।
नोट: प्रिया पांडेय योग्य और अनुभवी डायटिशियन (आहार विशेषज्ञ) हैं। उन्होंने कानपुर के सी.एस.जे.एम. विश्वविद्यालय से मानव पोषण में बी.एस.सी. किया है। उन्होंने कानपुर के आभा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में आहार विशेषज्ञ के रूप में काम किया है। उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पोषण व्याख्यान के विषय के प्रतिनिधि के रूप में भी भाग लिया है। उनका इस क्षेत्र में 8 वर्ष का लंबा अनुभव है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।