कैल्शियम का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में सबसे पहले हड्डियों और दांतों की मजबूती का ख्याल आता है। पर क्या आप जानते हैं कि कैल्शियम का काम सिर्फ हड्डियों और दांतों को मजबूत करना ही नहीं है, ये मिनरल मांसपेशियों, नसों और दिल की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए भी जरूरी है। शरीर में कैल्शियम की कमी होने पर कई तरह की परेशानियां हो सकती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि खून में कैल्शियम का स्तर जरूरत से ज्यादा बढ़ना भी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है?
सेहत की बात: शरीर में कैल्शियम की कमी बहुत आम, लेकिन इसकी मात्रा बढ़ने से क्या होता है? जानते हैं आप
High Calcium Symptoms: कैल्शियम हड्डियों, मांसपेशियों और नसों के लिए जरूरी है, लेकिन खून में इसका स्तर बढ़ना भी नुकसानदायक हो सकता है। हाइपरकैल्सीमिया के कारण ज्यादा प्यास, बार-बार पेशाब, कब्ज, कमजोरी और मानसिक भ्रम जैसे लक्षण दिख सकते हैं।
शरीर में कैल्शियम की मात्रा
शरीर में कैल्शियम एक महत्वपूर्ण खनिज है। वयस्कों के रक्त में कैल्शियम की सामान्य मात्रा लगभग 8.5 से 10.5 मिलीग्राम प्रति डेसीलीटर होती है।
जब रक्त में कैल्शियम का स्तर 10.5 mg/dL से अधिक हो जाता है, तो इस स्थिति को हाइपरकैल्सीमिया कहते हैं। इसकी अधिकता के कारण कब्ज, मतली, उल्टी, अत्यधिक प्यास, बार-बार पेशाब आना, कमजोरी और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। गंभीर स्थिति में किडनी में इसके कारण पथरी, हृदय की धड़कन अनियमित होने और मानसिक भ्रम भी हो सकता है
कैल्शियम बढ़ने की पहचान क्या है?
शरीर में कैल्शियम की कमी जितना खतरनाक है, उसकी अधिकता भी सेहत के लिए उतना ही मुश्किल बढ़ाने वाली हो सकती है।
- खून में कैल्शियम बढ़ने पर किडनी की पानी को बचाकर रखने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इससे ज्यादा प्यास लगने और बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है।
- कैल्शियम का स्तर बढ़ने पर पाचन धीमा पड़ सकता है। इसके कारण कब्ज, भूख कम लगने, मतली या उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
- जरूरत से ज्यादा कैल्शियम होने पर मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और शरीर में दर्द महसूस हो जाता है।
- लंबे समय तक कैल्शियम का स्तर बढ़ा रहने से किडनी में पथरी बनने या किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने का जोखिम बढ़ जाता है।
- हाइपरकैल्सीमिया के कारण कई लोगों में सुस्ती, मानसिक भ्रम, याददाश्त या ध्यान केंद्रित करने में परेशानी हो सकती है।
कैल्शियम को कैसे कंट्रोल रखें?
शरीर में कैल्शियम का स्तर नियंत्रित रखने के लिए खानपान, पर्याप्त पानी और सही जीवनशैली अपनाना जरूरी है।
- कैल्शियम को कंट्रोल करने के लिए संतुलित आहार लें। दूध-दही, पनीर, हरी सब्जियां संतुलित मात्रा खाएं।
- डॉक्टर की सलाह के बिना कैल्शियम और विटामिन डी की गोलियां न लें।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से किडनी को सामान्य रूप से काम करने में मदद मिलती है।
- रोजाना टहलना और हल्का व्यायाम हड्डियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है।
- विटामिन डी कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसकी जांच और जरूरत के अनुसार सेवन करें।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।