आजकल खानपान और सेहत को लेकर लोग पहले से कहीं ज्यादा जागरूक हो गए हैं। असल में दुनियाभर में तेजी से बढ़ती कई तरह की क्रॉनिक बीमारियों के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ डाइट और आहार में गड़बड़ी को ही प्रमुख कारण बताते हैं। यही वजह है कि पारंपरिक खाद्य पदार्थों और प्राकृतिक चीजों की ओर लोग फिर से बढ़ रहे हैं।
हेल्थ की बात: हिमाचल के गुम्मा नमक की क्यों हो रही है चर्चा? क्या होते हैं इसके फायदे और क्या सावधानियां जरूरी
Gumma Salt Benefits: गुम्मा नमक हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले की प्राकृतिक नमक खदानों से निकलने वाला चट्टानी नमक है। इसमें मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड होता है और अन्य खनिजों की मात्रा अलग-अलग हो सकती है। यह खाने का स्वाद बढ़ाता है, इसके कई तरह के औषधीय स्वास्थ्य लाभ भी हो सकते हैं।
गुम्मा चट्टानी नमक अब बाजार तक पहुंचाने की तैयारी में
अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक गुम्मा नमक अब देश की थाली तक पहुंचने की तैयारी में है। वर्षों से चली आ रही इस नमक को खाद्य उपयोग के योग्य बनाने की योजना अब सफलता की ओर बढ़ती देखी जा रही है। करीब डेढ़ साल से बंद खदान में दोबारा उत्पादन शुरू करने की तैयारियां अंतिम चरण में हैं।
हिंदुस्तान साल्ट्स लिमिटेड की नई खनन योजना को भारतीय खान ब्यूरो से मंजूरी मिल गई है। औपचारिकताएं पूरी होने के बाद अब जल्द ही उत्पादन शुरू होगा। गुणवत्ता जांच और आवश्यक मानकों को पूरा करने के बाद ही इसे खाद्य उत्पाद के रूप में बाजार में उतारा जा सकेगा। स्वीकृत खनन योजना के तहत पांच साल में करीब 7,700 टन चट्टानी नमक निकालने का लक्ष्य रखा गया है।
गुम्मा नमक पोषक तत्वों से होता है भरपूर
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि गुम्मा नमक में मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड पाया जाता है। प्राकृतिक चट्टानी नमक में स्रोत और प्रोसेसन के आधार पर कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, आयरन और सल्फेट जैसे तत्व भी थोड़ी मात्रा में मौजूद हो सकते हैं।
- सोडियम क्लोराइड: शरीर में तरल पदार्थों का संतुलन बनाए रखने और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है।
- कैल्शियम और मैग्नीशियम: हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य काम के लिए जरूरी खनिज हैं।
- पोटैशियम: मांसपेशियों और हृदय की सामान्य कार्यप्रणाली में के लिए जरूरी है।
- आयरन: शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में मदद करता है।
क्या हैं इसके फायदे और सावधानियां
आयुर्वेदिक चिकित्सालय मंडी के डॉ. हितेश के अनुसार गुम्मा यानी सेंधा नमक सेहत के लिए काफी लाभकारी हो सकता है।सेंधा नमक का इस्तेमाल साबूदाना खिचड़ी, फलाहार, रायता, सलाद और चाट जैसे व्यंजनों में स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। इसके अलावा गुनगुने पानी में मिलाकर गरारे करने के लिए भी इसका उपयोग प्रचलित है। इससे गले की खराश में राहत मिल सकती है। इसके अलावा गैस, कब्ज या एसिडिटी दूर करने में भी यह नमक मददगार है। श्वसन रोगों में यह नमक लाभदायक है। मांसपेशियों की अकड़न में भी इससे लाभ पाया जा सकता है।
हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, नमक चाहे सेंधा हो, काला हो या साधारण, उसकी मात्रा सीमित रखना जरूरी है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के दिशा-निर्देशों के अनुसार वयस्कों को कुल नमक का सेवन प्रतिदिन 5 ग्राम से कम होना चाहिए। इसमें खाना पकाने और अन्य खाद्य पदार्थों से मिलने वाला नमक भी शामिल है। हाई ब्लड प्रेशर या किडनी की बीमारी वाले लोगों को नमक की मात्रा का ध्यान रखना और भी जरूरी है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: ये रूपायन में प्रकाशित कंटेट है। अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।