दुनियाभर में बांझपन (इनफर्टिलिटी) की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में 35-49 वर्ष की करीब 5.36 करोड़ महिलाएं ऐसी हैं जो सामान्य रूप से गर्भधारण नहीं कर पा रही हैं। वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगर यही रुझान जारी रहा तो 2036 तक यह संख्या बढ़कर लगभग 7.96 करोड़ हो सकती है। इस बढ़ती समस्या के कारण पर्यावरणीय कारकों के अलावा लाइफस्टाइल-खानपान की गड़बड़ी और धूम्रपान-शराब जैसी आदतों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
IVF Treatment: शादी के कितने समय तक बच्चा न होने पर आईवीएफ कराना चाहिए? यहां जानिए विशेषज्ञ से
आईवीएफ आधुनिक प्रजनन चिकित्सा की एक महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन यह हर दंपती के लिए पहला विकल्प नहीं होती। कई बार जीवनशैली में सुधार, दवाओं, ओव्यूलेशन इंडक्शन या अन्य उपचारों से भी गर्भधारण संभव हो जाता है।
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गर्भधारण में होने वाली दिक्कतें
डॉक्टर कहते हैं, आईवीएफ आधुनिक प्रजनन चिकित्सा की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीक है, लेकिन यह हर दंपती के लिए पहला विकल्प नहीं होती। गर्भधारण में आ रही कई दिक्कतों को कई बार लाइफस्टाइल में सुधार, दवाओं या अन्य उपचारों से भी ठीक किया जा सकता है। इसलिए शादी के तुरंत बाद आईवीएफ के लिए नहीं जाना चाहिए।
- विशेषज्ञों के अनुसार, यदि शादी के बाद नियमित असुरक्षित संबंध बनाने के बावजूद लंबे समय तक गर्भधारण नहीं हो रहा है, तो समय पर फर्टिलिटी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
- महिलाओं की बढ़ती उम्र के साथ अंडों की संख्या और गुणवत्ता कम हो सकती है, इसलिए समय रहते अपनी समस्या को लेकर डॉक्टर से जरूर मिलें।
फर्टिलिटी की बढ़ती समस्याएं
डॉक्टर कहते हैं, आमतौर पर इंफर्टिलिटी तब माना जाता है जब नियमित और बिना गर्भनिरोधक के यौन संबंध बनाने के बावजूद गर्भधारण न हो पाना।
- सामान्य तौर पर यदि 35 वर्ष से कम उम्र की महिला में 12 महीने तक प्रयास के बाद भी गर्भधारण न हो तो फर्टिलिटी जांच की सलाह दी जाती है।
- वहीं 35 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिला में 6 महीने तक प्रयास के बाद भी गर्भधारण न होने पर विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
- यदि महिला की उम्र 40 वर्ष के आसपास हो या मासिक धर्म अनियमित हो, तो और भी जल्दी डॉक्टरी सलाह जरूरी है।
शादी के कितने समय बाद आईवीएफ के बारे में सोचना चाहिए?
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ गरिमा व्यास कहती हैं, केवल इस आधार पर निर्णय नहीं लिया जाता कि आपकी शादी को कितने वक्त बीत गया है। इसमें महिला की उम्र, जांच रिपोर्ट और कारणों को भी देखा जाता है।
- यदि महिला की उम्र 35 वर्ष से कम है और एक वर्ष तक प्रयास के बाद भी गर्भधारण नहीं हुआ, तो पहले फर्टिलिटी मूल्यांकन कराया जाना चाहिए।
- यदि महिला 35 वर्ष या उससे अधिक है और जांच के बाद यदि डॉक्टर को लगता है कि प्राकृतिक गर्भधारण या अन्य उपचार की संभावना कम है, तो वह आईवीएफ की सलाह दे सकते हैं।
डॉक्टर कहती हैं, आईवीएफ 100% सफल हो ये भी जरूरी नहीं है। यह महिला की उम्र, अंडों की गुणवत्ता, शुक्राणुओं की स्थिति और गर्भाशय की स्थिति पर निर्भर करती है। कम उम्र की महिलाओं में सफलता की संभावना सामान्यतः अधिक होती है।
आईवीएफ और आईसीएसआई को जानिए
डॉक्टर कहती हैं, गर्भधारण न हो पाने के कारणों को समझने के लिए आवश्यकतानुसार आईवीएफ या फिर आईसीएसआई जैसी तकनीक को प्रयोग में लाया जाता है। आईसीएसआई में विशेषज्ञ केवल एक स्वस्थ शुक्राणु चुनकर उसे सीधे अंडाणु के भीतर इंजेक्ट करते हैं। इसलिए आईसीएसआई विशेष रूप से पुरुष बांझपन के मामलों में उपयोगी मानी जाती है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए यहां क्लिक करें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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