{"_id":"6a58936197a6c842fd0a56b5","slug":"why-do-people-feel-tired-despite-sleeping-8-hours-in-humid-weather-disprj-2026-07-16","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Morning Fatigue: नींद पूरी होने के बाद भी क्यों रहती है थकान? जान लें इसकी वजह","category":{"title":"Health & Fitness","title_hn":"हेल्थ एंड फिटनेस","slug":"fitness"}}
Morning Fatigue: नींद पूरी होने के बाद भी क्यों रहती है थकान? जान लें इसकी वजह
Thu, 16 Jul 2026 03:19 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 16 Jul 2026 03:19 PM IST
सार
Morning Fatigue: अक्सर आपने नोटिस किया होगा कि आखिर कैसे 7-8 घंटे की नींद के बाद भी उमस के मौसम में थका-थका लगता है। इसके पीछे का क्या कारण है, आइए जानते हैं।
विज्ञापन
7-8 घंटे की नींद के बाद भी क्यों लगती है थकान?
- फोटो : AI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Morning Fatigue: गर्मियों और उमस भरे मौसम में कई लोगों को यह शिकायत रहती है कि 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद लेने के बाद भी सुबह उठते ही शरीर भारी और थका हुआ महसूस होता है। अक्सर लोग इसे ज्यादा काम या नींद की कमी से जोड़ते हैं, लेकिन इसके पीछे कई अन्य कारण जिम्मेदार हो सकते हैं।
7-8 घंटे की नींद के बाद भी क्यों लगती है थकान?
- फोटो : AI
1. शरीर में पानी की कमी
उमस वाले मौसम में शरीर से पसीने के जरिए अधिक पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। रात में भी शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन नहीं मिलने पर सुबह उठने के बाद कमजोरी, सिर दर्द और थकान महसूस हो सकती है।
2. नींद की गुणवत्ता खराब होना
सिर्फ लंबे समय तक सोना जरूरी नहीं है, बल्कि अच्छी और गहरी नींद भी जरूरी होती है। उमस के कारण गर्मी, पसीना और असहजता बढ़ जाती है, जिससे बार-बार नींद टूट सकती है और शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता।
उमस वाले मौसम में शरीर से पसीने के जरिए अधिक पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकल जाते हैं। रात में भी शरीर को पर्याप्त हाइड्रेशन नहीं मिलने पर सुबह उठने के बाद कमजोरी, सिर दर्द और थकान महसूस हो सकती है।
2. नींद की गुणवत्ता खराब होना
सिर्फ लंबे समय तक सोना जरूरी नहीं है, बल्कि अच्छी और गहरी नींद भी जरूरी होती है। उमस के कारण गर्मी, पसीना और असहजता बढ़ जाती है, जिससे बार-बार नींद टूट सकती है और शरीर को पूरा आराम नहीं मिल पाता।
7-8 घंटे की नींद के बाद भी क्यों लगती है थकान?
- फोटो : AI
3. शरीर का तापमान बढ़ना
उमस में हवा में नमी ज्यादा होने के कारण पसीना आसानी से नहीं सूखता। इससे शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम प्रभावित होता है और सुबह उठने पर सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है।
4. ऑक्सीजन और घुटन का एहसास
बंद कमरे या खराब वेंटिलेशन वाली जगह पर सोने से हवा का प्रवाह कम हो सकता है। इससे नींद में परेशानी और सुबह भारीपन महसूस हो सकता है।
उमस में हवा में नमी ज्यादा होने के कारण पसीना आसानी से नहीं सूखता। इससे शरीर का प्राकृतिक कूलिंग सिस्टम प्रभावित होता है और सुबह उठने पर सुस्ती और थकान महसूस हो सकती है।
4. ऑक्सीजन और घुटन का एहसास
बंद कमरे या खराब वेंटिलेशन वाली जगह पर सोने से हवा का प्रवाह कम हो सकता है। इससे नींद में परेशानी और सुबह भारीपन महसूस हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
7-8 घंटे की नींद के बाद भी क्यों लगती है थकान?
- फोटो : AI
5. इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन
पसीने के साथ शरीर से सोडियम, पोटैशियम और अन्य मिनरल्स कम हो सकते हैं। इनकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।
6. खान-पान की गलत आदतें
रात में ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है। इससे नींद प्रभावित होती है और सुबह शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता।
पसीने के साथ शरीर से सोडियम, पोटैशियम और अन्य मिनरल्स कम हो सकते हैं। इनकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।
6. खान-पान की गलत आदतें
रात में ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन करने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो सकती है। इससे नींद प्रभावित होती है और सुबह शरीर तरोताजा महसूस नहीं करता।
विज्ञापन
7-8 घंटे की नींद के बाद भी क्यों लगती है थकान?
- फोटो : AI
उमस के मौसम में थकान कम करने के उपाय
-------------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं
- नारियल पानी, नींबू पानी जैसे प्राकृतिक पेय लें
- सोने से पहले कमरे को ठंडा और हवादार रखें
- हल्का और संतुलित भोजन करें
- नियमित सोने और उठने का समय तय करें
- बहुत ज्यादा कैफीन और देर रात भारी भोजन से बचें
- सुबह हल्की एक्सरसाइज या वॉक करें
-------------------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।