एक समय पूरी दुनिया को ठहरा देने वाला कोरोना वायरस अब भले ही पहले जैसी चर्चा का विषय न रहा हो, लेकिन इसका खतरा पूरी तरह टला नहीं है। समय-समय पर वायरस में म्यूटेशन के साथ नए वैरिएंट्स का खतरा देखा जाता रहा है। पिछले कुछ दिनों में भारत में फिर से कोरोना की चर्चाएं तेज हो गई हैं। महाराष्ट्र और आंध्र-प्रदेश से कोरोना की आ रही खबरें लोगों के फिर से सोचने को मजबूर कर रही हैं कि कहीं पुराना दौर वापस तो नहीं आ रहा?
Covid-19: भारत में कोविड की टेंशन, चीन में एक महीने में मिले 79 हजार मामले; क्या फिर लौट रही है महामारी?
दुनिया के कई देशों में समय-समय पर कोरोना संक्रमण में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। भारत में भी इन दिनों कोरोना के कुछ केस रिपोर्ट किए गए हैं। ऐसे में सवाल ये है कि क्या इसका फिर चीन से कोई लिंक है, क्या चीन में भी कोविड-19 फिर से तबाही मचा रहा है?
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आंध्र प्रदेश में कोरोना के मामले
कोरोना की वैश्विक स्थिति, विशेषतौर पर चीन के हालात जानने से पहले भारत में इसके जोखिमों को जान लेना जरूरी है।
आंध्र प्रदेश में कोरोना के मामलों पर गौर करें तो मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात यह है कि संक्रमित पाए गए लोगों ने कोविड वैक्सीन की कम से कम दो डोज लगवाई थीं। इनमें से एक व्यक्ति ने तो बूस्टर डोज भी ली थी।
डॉक्टर कहते हैं, वैक्सीन संक्रमण की स्थिति में गंभीर खतरे को कम करने में मदद करती है। वैक्सीनेशन करा चुके लोग संक्रमित हो सकते हैं, पर ऐसे लोगों में गंभीर रोग होने का जोखिम कम रहता है। फिलहाल कोरोना को लेकर घबराने या चिंता का कोई बात नहीं है।
- बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को एहतियाती तौर पर भीड़भाड़ वाली जगहों पर सावधानी बरतनी चाहिए।
- विशेषज्ञों का मानना है कि कोविड अब स्थानिक (एंडेमिक) स्वरूप की ओर बढ़ चुका है, लेकिन नए वैरिएंट सामने आने की आशंका हमेशा बनी रहती है। इसलिए निगरानी, समय पर जांच और बचाव के उपाय आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
क्या चीन में भी फिर बढ़ रहा कोविड का आतंक?
कोरोना की चर्चा दुनियाभर में है। चीन में भी हाल के दिनों में कोविड-19 की जांच में पॉजिटिव आने वाले लोगों की संख्या बढ़ी है। इसके बावजूद, चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के विशेषज्ञों का कहना है कि देश में कोविड-19 का प्रकोप अभी भी निचले स्तर पर है। अभी तक ऐसा कोई नया वायरस वैरिएंट नहीं मिला है, जो पहले की तुलना में लोगों की सेहत के लिए ज्यादा खतरनाक हो।
- 8 जुलाई को जारी चीनी सीडीसी के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 30 जून के बीच चीन के 31 प्रांतीय क्षेत्रों में कोविड-19 के करीब 79,000 नए कन्फर्म मामले दर्ज किए गए।
- इन मामलों में 130 मरीजों की हालत गंभीर रही। वहीं एक व्यक्ति की मौत हुई, जिसे पहले से कोई गंभीर बीमारी थी और उसी के साथ कोविड-19 संक्रमण भी हो गया था।
- आंकड़ों के अनुसार, जून के दौरान कोविड-19 के मामलों में कुल मिलाकर बढ़ोतरी का रुझान देखा गया।
चीनी सीडीसी के संक्रामक रोग विभाग के शोधकर्ता चांग झाओरुई ने गुरुवार को बताया कि अक्टूबर 2025 से लगातार साढ़े आठ महीने तक चीन में कोविड-19 की गतिविधि बहुत कम रही। हालांकि मई 2026 के आखिर में मामलों में बढ़ोतरी शुरू हुई, लेकिन जून के मध्य तक यह बढ़ोतरी एक सीमित स्तर के प्रकोप तक ही पहुंची। यानी संक्रमण बढ़ा जरूर, लेकिन यह बड़े पैमाने पर फैलने वाली लहर जैसी स्थिति नहीं बनी।
इस समय चीन में सबसे ज्यादा फैल रहा वायरस NB.1.8.1 वैरिएंट है।
कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं
विशेषज्ञों के मुताबिक, अब कोविड-19 एक सामान्य श्वसन संक्रमण रह गया है। इसलिए संक्रमण के मामलों में समय-समय पर होने वाली सामान्य बढ़ोतरी या कमी को लेकर लोगों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
- विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि लोग हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को ढकें और घर या कमरे में पर्याप्त हवा आने-जाने की व्यवस्था रखें।
- अगर किसी व्यक्ति में सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश या सांस से जुड़े अन्य लक्षण दिखाई दें, तो उसे अपनी सेहत पर नजर रखनी चाहिए।
- जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए और डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं ही लेनी चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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