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Reasons to Take the Stairs: लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ना कितना फायदेमंद? जानें एक्सपर्ट्स क्या कहते हैं
Thu, 16 Jul 2026 12:02 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Thu, 16 Jul 2026 12:02 PM IST
सार
Reasons to Take the Stairs: आज के समय में हर जगह सीढ़ियों के साथ-साथ लिफ्ट भी लगी होती हैं। पर, हर क्या हर समय लिफ्ट का इस्तेमाल करना सही है? आइए इस लेख में जानते हैं।
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लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ना कितना फायदेमंद?
- फोटो : AI
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Reasons to Take the Stairs: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग छोटी-छोटी दूरियों के लिए भी लिफ्ट का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं। चाहे ऑफिस हो, मॉल, अस्पताल या फिर घर, सीढ़ियां चढ़ने की बजाय अधिकतर लोग सीधे लिफ्ट का बटन दबा देते हैं। हालांकि, यह आदत धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधियों को कम कर सकती है, जिसका असर स्वास्थ्य पर भी पड़ता है।
लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ना कितना फायदेमंद?
- फोटो : AI
लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के फायदे
1. दिल को स्वस्थ रखने में मददगार
सीढ़ियां चढ़ना एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज मानी जाती है, जो हृदय और फेफड़ों दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है। जब आप सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो हार्ट रेट बढ़ता है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। नियमित रूप से सीढ़ियों का इस्तेमाल करने से हृदय की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है और लंबे समय में हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
2. तेजी से कैलोरी बर्न होती है
अगर आप बिना जिम जाए वजन नियंत्रित करना चाहते हैं, तो सीढ़ियां चढ़ना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह सामान्य चलने की तुलना में अधिक ऊर्जा खर्च करवाता है, जिससे ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने से मेटाबॉलिज्म सक्रिय रहता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है।
1. दिल को स्वस्थ रखने में मददगार
सीढ़ियां चढ़ना एक बेहतरीन कार्डियो एक्सरसाइज मानी जाती है, जो हृदय और फेफड़ों दोनों के लिए फायदेमंद हो सकती है। जब आप सीढ़ियां चढ़ते हैं, तो हार्ट रेट बढ़ता है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। नियमित रूप से सीढ़ियों का इस्तेमाल करने से हृदय की कार्यक्षमता में सुधार हो सकता है और लंबे समय में हृदय संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।
2. तेजी से कैलोरी बर्न होती है
अगर आप बिना जिम जाए वजन नियंत्रित करना चाहते हैं, तो सीढ़ियां चढ़ना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। यह सामान्य चलने की तुलना में अधिक ऊर्जा खर्च करवाता है, जिससे ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने से मेटाबॉलिज्म सक्रिय रहता है और शरीर में अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है।
लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ना कितना फायदेमंद?
- फोटो : AI
3. पैरों की मांसपेशियां होती हैं मजबूत
सीढ़ियां चढ़ते समय शरीर का पूरा वजन पैरों पर आता है, जिससे जांघों, पिंडलियों, कूल्हों और ग्लूट्स की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। नियमित अभ्यास से इन मांसपेशियों की ताकत बढ़ सकती है और शरीर का संतुलन भी बेहतर होता है। यह गतिविधि पैरों की मजबूती बढ़ाने के साथ-साथ रोजमर्रा के कामों को भी आसान बनाने में मदद कर सकती है।
4. फिटनेस और स्टैमिना बढ़ता है
रोजाना 10 से 15 मिनट सीढ़ियां चढ़ने की आदत शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने में मदद कर सकती है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और शरीर में ऑक्सीजन का संचार भी अच्छा होता है। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने वाले लोगों को थकान कम महसूस हो सकती है और उनकी शारीरिक फिटनेस में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
सीढ़ियां चढ़ते समय शरीर का पूरा वजन पैरों पर आता है, जिससे जांघों, पिंडलियों, कूल्हों और ग्लूट्स की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं। नियमित अभ्यास से इन मांसपेशियों की ताकत बढ़ सकती है और शरीर का संतुलन भी बेहतर होता है। यह गतिविधि पैरों की मजबूती बढ़ाने के साथ-साथ रोजमर्रा के कामों को भी आसान बनाने में मदद कर सकती है।
4. फिटनेस और स्टैमिना बढ़ता है
रोजाना 10 से 15 मिनट सीढ़ियां चढ़ने की आदत शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने में मदद कर सकती है। इससे फेफड़ों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और शरीर में ऑक्सीजन का संचार भी अच्छा होता है। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने वाले लोगों को थकान कम महसूस हो सकती है और उनकी शारीरिक फिटनेस में भी सुधार देखने को मिल सकता है।
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लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ना कितना फायदेमंद?
- फोटो : AI
5. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में सहायक
कुछ शोध बताते हैं कि भोजन के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि करने से शरीर ग्लूकोज का बेहतर उपयोग कर सकता है। ऐसे में थोड़ी देर सीढ़ियां चढ़ना ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इस तरह की गतिविधि करनी चाहिए।
6. मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
सीढ़ियां चढ़ना केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हो सकता है। शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर में एंडोर्फिन और अन्य 'फील गुड' हार्मोन रिलीज होते हैं, जो तनाव कम करने और मूड बेहतर बनाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने की आदत मानसिक ताजगी बनाए रखने, ऊर्जा बढ़ाने और काम के दौरान बेहतर फोकस बनाए रखने में भी सहायक हो सकती है।
कुछ शोध बताते हैं कि भोजन के बाद हल्की शारीरिक गतिविधि करने से शरीर ग्लूकोज का बेहतर उपयोग कर सकता है। ऐसे में थोड़ी देर सीढ़ियां चढ़ना ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि, डायबिटीज के मरीजों को अपनी स्वास्थ्य स्थिति और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इस तरह की गतिविधि करनी चाहिए।
6. मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद
सीढ़ियां चढ़ना केवल शरीर ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक हो सकता है। शारीरिक गतिविधि के दौरान शरीर में एंडोर्फिन और अन्य 'फील गुड' हार्मोन रिलीज होते हैं, जो तनाव कम करने और मूड बेहतर बनाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से सीढ़ियां चढ़ने की आदत मानसिक ताजगी बनाए रखने, ऊर्जा बढ़ाने और काम के दौरान बेहतर फोकस बनाए रखने में भी सहायक हो सकती है।
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लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ना कितना फायदेमंद?
- फोटो : AI
किन लोगों को सीढ़ियां चढ़ते समय सावधानी बरतनी चाहिए?
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
- घुटनों के गंभीर दर्द या गठिया के मरीज।
- हृदय रोग से पीड़ित व्यक्ति।
- सांस संबंधी गंभीर समस्या वाले लोग।
- बुजुर्ग, जिन्हें संतुलन बनाने में परेशानी होती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।