Monsoon Trip Safety: मानसून अपने साथ हरियाली, ठंडी हवाएं और खूबसूरत नजारे लेकर आता है। यही वजह है कि कई लोग इस मौसम में घूमने जाते हैं लेकिन बारिश का माहौल जितना सुहावना होता है, उतना चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। लगातार बारिश, भूस्खलन, अचानक बाढ़, फिसलन भरी सड़कें और तेज जलधाराएं कई लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर जोखिम बढ़ा सकती हैं।
Monsoon Travel Tips: मानसून में इन 7 जगहों पर जाने से बचें, नहीं तो मजेदार ट्रिप बन सकती है मुसीबत
Travel Safety Tips: मानसून में किन जगहों पर घूमने से बचना चाहिए? मानसून के दौरान भूस्खलन (लैंडस्लाइड) वाले पहाड़ी इलाकों, तेज बहाव वाली नदियों और झरनों के आसपास, बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों, समुद्र तटों पर खराब मौसम के दौरान, घने जंगलों और खराब सड़क संपर्क वाले दूरदराज़ इलाकों में यात्रा से बचना बेहतर माना जाता है। यात्रा से पहले मौसम और स्थानीय प्रशासन की सलाह अवश्य जांचें।
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मानसून में इन जगहों पर जाने से बचें
भूस्खलन वाले पहाड़ी क्षेत्र
- कई ऐसी जगहें हैं जो पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हैं लेकिन यहां मानसून में आना सुरक्षित नहीं है।
- जैसे उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम।
- हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन और रास्ते बंद होने की घटनाएं होती हैं, जो चार धाम यात्रा को खतरनाक बना सकती हैं।
- पहाड़ी स्थलों पर लगातार बारिश से मिट्टी ढीली हो सकती है, चट्टानें और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ जाता है।
- सड़कें बंद या क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। साथ ही लंबे ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है।
नदियां, झरने और जलभराव वाले स्थान
- बारिश में कई स्थानों में जलस्तर अचानक बढ़ सकता है।
- मुंबई और असम स्थित काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान आदि स्थानों में मानसून के दौरान नदी तटीय इलाके बाढ़ की चपेट में आ जाते हैं।
- राष्ट्रीय उद्यानों के अधिकांश हिस्से जलमग्न हो जाते हैं।
- तेज बहाव में संतुलन बिगड़ सकता है।
- सेल्फी या फोटो खींचने के दौरान दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता है।
- मुंबई में भी बारिश के कारण सड़कों और निचले इलाकों में गंभीर जलभराव हो जाता है।
समुद्र तटीय क्षेत्र
- मानसून के दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठती हैं और तेज हवाएं चलती हैं।
- इससे वाटर-स्पोर्ट्स खतरनाक हो जाते हैं और फेरी सेवाएं रद्द होने की संभावना रहती है।
- ऐसे में मानसून में अंडमान-निकोबार या ओडिशा में घूमने के लिए न जाएं।
- तटीय ओडिशा में मानसून और चक्रवाती तूफानों के दौरान समुद्र का जलस्तर बढ़ सकता है।
- तूफानी हवाओं के कारण तटीय यात्रा जोखिम भरी हो जाती है।
घने जंगल और ऑफ-रोड ट्रैक
- ऐसे स्थानों पर जहां घने जंगल हों, वहां मानसून में घूमने न जाएं।
- भारी बारिश के कारण ऐसी जगहों पर रास्ते फिसलन भरे हो सकते हैं।
- जोंक और कीड़ों की संख्या बढ़ सकती है।
- मोबाइल नेटवर्क कमजोर हो सकता है।
- रास्ता भटकने का जोखिम बढ़ जाता है।