डेढ़ सौ साल पहले कैसे होती थी सर्जरी, सिहर जाएंगे देखकर
डेढ़ सौ साल पहले भी उस वक्त के वैद्य और डॉक्टर मरीजों की सर्जरी और ऑपरेशन करते थे हालांकि आधुनिक यंत्रों के अभाव की वजह से इस सर्जरी का तरीका बेहद ही क्रूर था।
डेढ़ सौ साल पहले कैसे होती थी सर्जरी, सिहर जाएंगे देखकर
डेली मेल के अनुसार, 17वीं शताब्दी से 19 शताब्दी में होने वाली सर्जरी पर आई किताब 'क्रुसियल इन्वेन्शंस' में उस वक्त की तस्वीरों और कुछ दस्तावेजों के जरिए दावा किया गया है डॉक्टर मरीज को बिना बेहोश किए ही ऑपरेशन करते थे क्योंकि उस वक्त बेहोश करने कोई दवा नहीं थी। इतना ही नहीं डॉक्टर मरीजों की जिस तरह से चीर-फाड़ करते थे वह तरीका भी बहुत क्रूर था।
डेढ़ सौ साल पहले कैसे होती थी सर्जरी, सिहर जाएंगे देखकर
यह तस्वीर भी 1846 की एक चिकित्सीय किताब से है। तस्वीर में जीभ के कैंसर निकालने को दिखाया गया है। इस किताब के छपने दौरान ही बेहाश करने वाली दवाई की खोज हुई थी।
डेढ़ सौ साल पहले कैसे होती थी सर्जरी, सिहर जाएंगे देखकर
आंख का ऑपरेशन करने की यह तस्वीर 1846 की एक किताब से ली गई है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि आंख के ऑपरेशन पर बनी यह पहली तस्वीर है।
डेढ़ सौ साल पहले कैसे होती थी सर्जरी, सिहर जाएंगे देखकर
इन नई किताब में 1840 का एक चित्र दिया है। इस चित्र के माध्यम से आप समझ सकते हैं कि सबसे ज्यादा पीड़ा दायक परिस्थितियों में से एक प्रसव के दौरान ऑपरेशन कर महिला के पेट से किस तरह से बच्चे को निकाला जाता था।