फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

मजदूरी करके कमाए 500 रुपए, उससे खड़ा किया अरबों का कारोबार

Sat, 28 Nov 2015 12:51 PM IST
Updated Sat, 28 Nov 2015 12:51 PM IST
विज्ञापन

मजदूरी करके कमाए 500 रुपए, उससे खड़ा किया अरबों का कारोबार

founder of pan parag masala mansukh bhai kothari dead

पान पराग पान मसाला के संस्थापक मनसुख भाई कोठारी का शुक्रवार को कानपुर स्थित आवास पर निधन हो गया। वे 91 वर्ष के थे और काफी समय से बीमार थे। उनका अंतिम संस्कार शनिवार सुबह किया जाएगा। 25 जुलाई 1925 को गुजरात के सुरेंद्र नगर जिले के नरैली गांव में जन्मे कोठारी 16 साल की उम्र में कानपुर आए और सिर्फ 500 रुपये की पूंजी के साथ कारोबार की शुरुआत की। (ब्यूरो/अमर उजाला, कानपुर)

मजदूरी करके कमाए 500 रुपए, उससे खड़ा किया अरबों का कारोबार

founder of pan parag masala mansukh bhai kothari dead

बाबूजी के नाम से मशहूर मनसुख भाई कोठारी ने कानपुर में पान पराग की नींव रखने से पहले मजदूरी भी की थी। बाद में 500 रुपये की पूंजी के साथ कारोबार की शुरुआत की और धीरे-धीरे अरबों का साम्राज्य खड़ा कर लिया।

मजदूरी करके कमाए 500 रुपए, उससे खड़ा किया अरबों का कारोबार

founder of pan parag masala mansukh bhai kothari dead

पान का विकल्प देने की नई सोच के साथ उन्होंने 18 अगस्त 1973 में पान पराग पान मसाला की नींव रखी थी। 1983 में कोठारी प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई। उन्हानें 1985 में डिब्बे में बिकने वाले पान मसाला को पाउच में पेश करके क्रांति ला दी थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

मजदूरी करके कमाए 500 रुपए, उससे खड़ा किया अरबों का कारोबार

founder of pan parag masala mansukh bhai kothari dead

बाबूजी को 1987 में पान पराग के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया था। तत्कालीन पीएम राजीव गांधी ने उन्हें राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार भी दिया था। मौजूदा समय में पान मसाला के अलावा रियल इस्टेट, मिनरल वाटर, विंड एनर्जी, ऑयल इंडस्ट्री के अलावा नोएडा में कोठारी इंटरनेशनल स्कूल भी है।

विज्ञापन

मजदूरी करके कमाए 500 रुपए, उससे खड़ा किया अरबों का कारोबार

founder of pan parag masala mansukh bhai kothari dead

पान पराग के उस विज्ञापन को आज तक कोई नहीं भूल पाया है जो शम्मी कपूर और अशोक कुमार पर फिल्माया गया था। इस विज्ञापन का एक वाक्य ‘बारातियों का स्वागत पान पराग से कीजिएगा’ हर व्यक्ति की जुबान पर रहता था। इस विज्ञापन ने पान पराग ब्रांड को घर-घर तक न केवल पहचान दिलाई बल्कि इसे दुनिया भर में मशहूर कर दिया। 1983 से 87 तक पान पराग टीवी पर सबसे बड़ा एकल विज्ञापनदाता था।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed