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वीआईपी के महाकाल: सशुल्क दर्शन व्यवस्था पर संत नाराज, पीएम-सीएम को पत्र लिख कहा- दुष्परिणाम सत्ताधीश भुगतेंगे
Fri, 12 May 2023 09:17 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 12 May 2023 09:17 PM IST
सार
महाकाल मंदिर में सशुल्क दर्शन व्यवस्था को लेकर संत महंतों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ही मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी पत्र लिखा है। इसमें बताया है कि धर्म स्थल पर केवल अर्थोपार्जन करना विनाश का लक्षण है। कुप्रबंधन चलता रहा तो इसका दुष्परिणाम सत्ताधीशों को भुगतना होगा।
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महाकाल दर्शन की रेट लिस्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में सशुल्क दर्शन व्यवस्था को लेकर संत महंतों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने शुल्क दर्शन व्यवस्था को तत्काल बंद करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को पत्र लिख दिए हैं। पत्र में सशुल्क दर्शन व्यवस्था को मुगलकाल के समय चलने वाले जजिया कर के रूप में बताया गया है। साथ ही यह भी लिखा गया है कि पाकिस्तान में किसी हिंदू मंदिर में किसी को प्रवेश ना मिले तो समझ आता है लेकिन हिंदुस्तान में भी हिंदुओं के साथ दर्शन के लिए ऐसा भेदभाव होना सरासर गलत है। पत्र में यह भी लिखा गया है कि धर्म स्थल पर केवल अर्थोपार्जन करना विनाश का लक्षण है। कुप्रबंधन चलता रहा तो इसका दुष्परिणाम सत्ताधीशों को भुगतना होगा।
क्रांतिकारी संत परमहंस डॉ. अवधेशपुरी महाराज और महामंडलेश्वर डॉ सुमनानंद जी महाराज
- फोटो : सोशल मीडिया
संतों का कहना है कि दर्शनार्थियों से दर्शन शुल्क, गर्भगृह में प्रवेश शुल्क, प्रोटोकॉल शुल्क और भस्मारती दर्शन के लिए जो पैसा लिया जा रहा है, उसे जजियाकर के रूप में देखा जा रहा है। शुल्क लेने तक तो ठीक है, किंतु शिव के आराध्यों और उनके अनुयायियों को साधु संतों के साथ प्रवेश करने की अनुमति नहीं मिल पा रही है। पत्र में लिखा है कि आप पता कर सकते हैं कि महाकाल के भक्त दर्शन के लिए कितनी पीड़ा से होकर गुजरते हैं तब कहीं जाकर उनको दर्शन हो पाते हैं।
कलेक्टर-एसपी के कोटे भी समाप्त कर दो
संतों ने कहा कि यदि मंदिर प्रशासन ने कलेक्टर, एसपी आदि का कोटा निर्धारित कर रखा है तो साधु संतों और महामंडलेश्वरों के लिए भी कोटा निर्धारित किया जाए, जिससे कि उनके शिष्य, भक्त और अनुयायी भी प्रवेश कर दर्शन कर सकें। ऐसा नहीं किया जाता तो कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के कोटा भी समाप्त कर दिया जाए, जिससे कि समानता का संदेश दिया जा सके।
कलेक्टर-एसपी के कोटे भी समाप्त कर दो
संतों ने कहा कि यदि मंदिर प्रशासन ने कलेक्टर, एसपी आदि का कोटा निर्धारित कर रखा है तो साधु संतों और महामंडलेश्वरों के लिए भी कोटा निर्धारित किया जाए, जिससे कि उनके शिष्य, भक्त और अनुयायी भी प्रवेश कर दर्शन कर सकें। ऐसा नहीं किया जाता तो कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के कोटा भी समाप्त कर दिया जाए, जिससे कि समानता का संदेश दिया जा सके।
संतों ने पीएम मोदी और सीएम शिवराज तो पत्र लिखकर नाराजगी जाहिर की है।
- फोटो : सोशल मीडिया
दर्शन के नाम पर शुल्क क्यों..?
बाबा महाकाल में आस्था रखने वाले अनेक दानदाता सामने आ रहे हैं। अग्रवाल ग्रुप 18 करोड़ रुपये से अन्नक्षेत्र भवन बनवा रहा और नया फेसिलिटी सेंटर भी बनवाने के लिए एक दानदाता ने 10 करोड़ रुपये देने की सहमति दी है। जेके सीमेंट ग्रुप ने निमार्णाधीन अन्नक्षेत्र के सामने गेस्ट हाउस बनवाया है। अत: उद्योगपतियों से व्यवस्था के लिए भी दानराशि लेकर सामान्य श्रद्धालुओं के लिए लागू शुल्क व्यवस्था समाप्त कर देना चाहिए। वर्तमान में महाकाल मंदिर में व्यवस्था के नाम पर जो शुल्क लिया जा रहा है वह अविलंब बंद होना चाहिए।
कांग्रेस मेनिफेस्टो में लिखे महाकाल मंदिर में निशुल्क दर्शन व्यवस्था की बात
स्वस्तिक पीठाधीश्वर डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने कांग्रेस के पदाधिकारियों को कहा है कि वे यदि अपने आपको भगवान शिव का भक्त कहते हैं तो उन्हें अपने घोषणा पत्र में यह बात लिखनी चाहिए कि महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर को समाप्त किया जाएगा। मंदिर में निशुल्क दर्शन व्यवस्था लागू की जाएगी। मध्यप्रदेश में मठ मंदिरों के सरकारीकरण को समाप्त किया जाएगा।
बाबा महाकाल में आस्था रखने वाले अनेक दानदाता सामने आ रहे हैं। अग्रवाल ग्रुप 18 करोड़ रुपये से अन्नक्षेत्र भवन बनवा रहा और नया फेसिलिटी सेंटर भी बनवाने के लिए एक दानदाता ने 10 करोड़ रुपये देने की सहमति दी है। जेके सीमेंट ग्रुप ने निमार्णाधीन अन्नक्षेत्र के सामने गेस्ट हाउस बनवाया है। अत: उद्योगपतियों से व्यवस्था के लिए भी दानराशि लेकर सामान्य श्रद्धालुओं के लिए लागू शुल्क व्यवस्था समाप्त कर देना चाहिए। वर्तमान में महाकाल मंदिर में व्यवस्था के नाम पर जो शुल्क लिया जा रहा है वह अविलंब बंद होना चाहिए।
कांग्रेस मेनिफेस्टो में लिखे महाकाल मंदिर में निशुल्क दर्शन व्यवस्था की बात
स्वस्तिक पीठाधीश्वर डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने कांग्रेस के पदाधिकारियों को कहा है कि वे यदि अपने आपको भगवान शिव का भक्त कहते हैं तो उन्हें अपने घोषणा पत्र में यह बात लिखनी चाहिए कि महाकाल मंदिर में वीआईपी कल्चर को समाप्त किया जाएगा। मंदिर में निशुल्क दर्शन व्यवस्था लागू की जाएगी। मध्यप्रदेश में मठ मंदिरों के सरकारीकरण को समाप्त किया जाएगा।