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आखिर पाकिस्तान पर पीएम मोदी की असली चुनौती क्या है?

Mon, 11 Jan 2016 07:52 AM IST
आकार पटेल/वरिष्ठ विश्लेषक, बीबीसी
आकार पटेल/वरिष्ठ विश्लेषक, बीबीसी Updated Mon, 11 Jan 2016 07:52 AM IST
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आखिर पाकिस्तान पर पीएम मोदी की असली चुनौती क्या है?

What is the real challenge on Modi against Pakistan?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को किस तरह से अपनी पाकिस्तान नीति को संभालना चाहिए? इस मुद्दे को भावशून्य होकर ही देखना चाहिए। दरअसल विदेश नीति कई तरह के विशेषज्ञों की सलाह पर निर्भर करती है। लेकिन ना तो मैं और ना ही आप, न्यूजीलैंड, नॉर्वे और नाइजीरिया के लिए भारत की विदेश नीति के बारे में जानते हैं और ना ही हम इसकी चिंता भी करते हैं। आम लोगों की दिलचस्पी नहीं होने के चलते विशेषज्ञ और राजनेता इन देशों के साथ विदेश नीति पर लचीला रुख अपनाते हैं। (आकार पटेल/वरिष्ठ विश्लेषक, बीबीसी)

आखिर पाकिस्तान पर पीएम मोदी की असली चुनौती क्या है?

What is the real challenge on Modi against Pakistan?

अगर भारत को इन देशों के साथ अपने स्टैंड में कोई बदलाव लाना होता है, तो वह आसानी से हो जाता है। लेकिन कई बार विदेशी नीति पॉपुलर डोमेन में आ जाती है, यह हमने अमरीकी चुनाव के दौरान भी सितंबर 11 हमले को लेकर देखा था। जिन देशों की अमरीका लंबे समय तक उपेक्षा करता रहा है, लोगों के दबाव में उससे उसे आक्रामक अंदाज में बातचीत शुरू करनी पड़ी। प्रतिशोध की मांग के चलते अमरीका को युद्ध में उतरना पड़ा।

आखिर पाकिस्तान पर पीएम मोदी की असली चुनौती क्या है?

What is the real challenge on Modi against Pakistan?

हिलेरी क्लिंटन जैसे राजनेता, जो सावधानी बरतने की बात करते रहे, वे विरोध करने में असमर्थ रहे। उन कार्रवाइयों का नतीजा अभी भी भुगतना पड़ रहा है, लेकिन ये अलग बात है। पाकिस्तान को लेकर भारतीय नीति, इस वक्त पॉपुलर डोमेन में है। दो चीजों की वजह से भारत इस स्थिति तक पहुंचा है। एक तो पाकिस्तानी सरकार के घटक और वहां बीते तीन दशक से सक्रिय चरमपंथियों की भारत में नापाक हरकते हैं। यह किसी धारावाहिक के एपिसोडों की तरह है और इसमें लोगों की दिलचस्पी भी है। इस दिलचस्पी को लोग घटाते बढ़ाते रहते हैं, इस वक्त टीवी डिबेट शो ये काम कर रहे हैं। वैसे भारत के लिए हिंसा कोई बड़ा मसला नहीं है। कश्मीर के विवादित क्षेत्र, उत्तर पूर्व का हिस्सा और नक्सल प्रभावित इलाके को मिला दें, तो भारत में 2015 में हिंसा के चलते 13 लोगों की मौत हुई है। इनमें वे लोग भी शामिल हैं, जो चरमपंथी होने के चलते मारे गए। इन आंकड़ों के मुताबिक भारत में चरमपंथ चिंता का प्राथमिक मसला नहीं है।

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आखिर पाकिस्तान पर पीएम मोदी की असली चुनौती क्या है?

What is the real challenge on Modi against Pakistan?

हर साल कुपोषण से पांच लाख बच्चों की भारत में मौत होती है, इस आंकड़े को परिदृश्य में रखकर देखने की जरूरत है। लेकिन हमें ये स्वीकार करना चाहिए कि चरमपंथी हिंसा से भारतीयों में गुस्सा है। अब बात दूसरे पहलू की, जिसके चलते चरमपंथ और भारत की पाकिस्तान नीति पब्लिक डोमेन में आती है। दरअसल भारतीय जनता पार्टी और खासकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पिछली सरकारों पर पाकिस्तान के खिलाफ नरम रवैया अपनाने का आरोप लगाते रहे हैं। एक मजबूत रुख (जो बीजेपी देगी) से भारत की समस्याएं खत्म हो सकती हैं। क्या ये संभव है? हालांकि घटनाएं बताती हैं कि इसका जवाब नकारात्मक है, यह अनुमानित है।

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आखिर पाकिस्तान पर पीएम मोदी की असली चुनौती क्या है?

What is the real challenge on Modi against Pakistan?

पाकिस्तान के साथ ही नहीं, किसी दूसरे देश के साथ भी भारत तीन ही तरीके से आगे बढ़ सकता है, भले ही किसी भी पार्टी की सरकार हो। वो तीन तरीके हैं- बातचीत, मध्यस्थता और युद्ध। भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध कर सकता है या फिर किसी तीसरी पार्टी या अदालत को मध्यस्थता करने के लिए कह सकता है या फिर बातचीत कर सकता है। कोई चौथा विकल्प है ही नहीं। बीजेपी अपने आप ये मान चुकी है कि बातचीत नहीं करना भी एक नीति हो सकती है। लेकिन ऐसा है नहीं। यह केवल गुस्सा और हताशा को दर्शाने वाला रवैया है। इससे भारत को वह हासिल नहीं होगा जो वह चाहता है। पठानकोट हमले के बाद ये कहना कि 'गेंद पाकिस्तान के पाले में है,' से भारत को कुछ भी हासिल नहीं हुआ।

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