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धोनी के 5 फैसले, जिसने बना दिया उन्हें सबसे चालाक कप्तान
Sat, 19 Dec 2015 04:56 PM IST
Updated Sat, 19 Dec 2015 04:56 PM IST
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धोनी के 5 फैसले, जिसने बना दिया उन्हें सबसे चालाक कप्तान
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टीम इंडिया के वनडे और टी-20 कप्तान महेंद्र सिंह के समक्ष अब जनवरी 2016 में ऑस्ट्रेलिया की चुनौती है। टीम इंडिया के अब तक के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी भले ही बल्ले की धमक दिखाने में उतने कामयाब न हों लेकिन कप्तानी में उनकी कोई जवाब नहीं।
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चलिए जानते हैं, ऐसे 5 निर्णय जिन्होंने महेंद्र सिंह धोनी को बनाया बेस्ट।
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ये तस्वीर 2007 टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच की है। टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मात्र 141 रनों का स्कोर किया। जवाब में पाक बल्लेबाज भी भारतीय गेंदबाजों के आगे ज्यादा स्कोर नहीं कर सके और 141 रन ही बना सकी। बात एक ओवर के मुकाबले पर आई। दोनों टीमों की की ओर से गेंदबाजी की गई। कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने चालाकी आजमाई और नियमित गेंदबाजों के बजाय हरभजन और वीरेंद्र सहवाग के साथ रॉबिन उथप्पा को गेंदबाजी दी। भारत ने मैच जीता।
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2013 में टीम इंडिया के चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया। बात फाइनल मैच की है। इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया ने 20 ओवर में 7 विकेट पर 129 रन बनाए। इंग्लैंड की जीत के पूरे आसार थे, लेकिन यहां धोनी ने फिर चालाकी की और 18वें ओवर में तेज गेंदबाज इशांत शर्मा की जगह स्पिनर को मौका दिया। वह निर्णय मास्टर स्ट्रोक रहा और टीम चैंपियन बनी।
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यह बात वर्ष 2010 में बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मैच की है। बंगलुरू में हुए मैच में चेतेश्वर पुजारा के लिए यह डेब्यू मैच था। धोनी ने पुजारा को राहुल द्रविड़ के क्रम नंबर 3 पर भेजा। पुजारा खुद को साबित नहीं कर सके। दूसरी पारी में धोनी ने पुजारा पर अपना भरोसा कायम रखा और फिर उसी क्रम पर बल्लेबाजी करने भेजा। इस बार पुजारा ने 72 रनों की आकर्षक पारी खेलकर सभी को चौंकाया।
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