फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट

Mon, 04 Jan 2016 05:59 PM IST
Updated Mon, 04 Jan 2016 05:59 PM IST
विज्ञापन

पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट

ten best test innings of fifty years
यूं तो पिछले 50 सालों में ढेरों नायाब पारियां खेली गई हैं। एक क्रिकेट मैगजीन ने इन 50 सालों में 50 शानदार पारियां चुनी हैं। क्रिकइंफो की 'द क्रिकेट मंथली' नाम की मैगजीन ने यह सूची 25 सदस्यों के एक पैनल की मदद से तैयार की है जिसमें कई पूर्व क्रिकेटर, कमेंट्रेटर, इतिहासकार और आंकड़ों के विशेषज्ञ शामिल थे। वोटिंग के जरिए ये पारियां तय की गई हैं। जानते हैं, बल्लेबाजों के नाम और ताजा करते हैं उनकी वे ऐतिहासिक पारियों को। (विवरण चढ़ते क्रम में है)

पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट

ten best test innings of fifty years

वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स इस श्रेणी में दसवें नंबर पर हैं। 1966 में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी ऐतिहासिक पारी आज भी क्रिकेट प्रशंसकों के लिए पुरानी नहीं। इस कैरेबियाई कप्तान ने इंग्लैंड के खिलाफ बल्ले और गेंद दोनों से अपना जलवा दिखाया था। पहले 174 रनों की शतकीय पारी खेली। फिर पहली पारी में 41 रन देकर 5 विकेट और दूसरी पारी में 39 रन देकर 3 विकेट झटककर टीम को जीत दिलाई। 5 मैचों की यह टेस्ट सीरीज वेस्टइंडीज 3-1 से जीतने में सफल रहा था।

पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट

ten best test innings of fifty years

इंग्लैंड के महान कप्तान और क्रिकेटरों में शुमार ग्राहम कोच की 1991 में वेस्टइंडीज के ‌खिलाफ खेली गई शतकीय पारी इस क्रम में नवें नंबर पर है। इस पूर्व कप्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत का जीत का सूखा 21 साल के इंतजार के बाद तोड़ा। मैच में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते बाधा आई लेकिन ग्राहम ने हिम्मत नहीं हारी और दोनों पारियों में क्रमश: 34 और 154 रनों की पारी खेलकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट

ten best test innings of fifty years

श्रींलका के महान स्पिनर मुथैय्या मुरलीधरन 8वें नंबर पर आते हैं। 1998 में इंग्लैंड के ओवेल मैदान में मेजबान टीम के खिलाफ दोनों पारियों में कुल 16 विकेट (पहली पारी में 7 और दूसरी पारी में 9 विकेट) लेकर टीम को जीत दिलाई। जिसकी बदौलत अर्जुन रणतुंगा की कप्तानी श्रीलंकाई टीम 10 विकेट से मैच जीतने में सफल रही।

विज्ञापन

पचास सालों की 50 नायाब पारियां, आपके लिए 10 बेस्ट

ten best test innings of fifty years

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व गेंदबाज बॉब मेसी भले ही कुल 6 टेस्ट मैच खेले हों। लेकिन इतने कम अंतराल में ही अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खुद को साबित ‌किया। एशेज सीरीज 1972 में लॉर्ड्स में ऑस्ट्रेलिया के ‌खिलाफ डेब्यू टेस्ट में इन्होंने अपनी घातक गेंदबाजी से इंग्लैंड को सकते में डाल दिया था। दोनों पारियों में 8-8 विकेट लेकर इन्होंने इंग्लैंड बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी थी। ऑस्ट्रेलिया यह मैच 8 विकेट से जीता।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed