40 साल की उम्र पूरी होने के बद महिलाओं के शरीर में अहम बदलाव आना शुरू हो जाते हैं। जिनका सीधा कनेक्शन मेनोपॉज से जुड़ा होता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं मेनोपॉज की वजह से होने वाली समस्याओं को जानें और उनका सही इलाज खोज सकें। तो चलिए जानें 40 साल की उम्र के बाद होने वाली सेहत से जुड़ी परेशानियां।
40 के बाद हर महिला को जाननी चाहिए सेहत से जुड़ी ये बातें
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सामान्यत 45 साल की उम्र के बाद महिलाओं के जीवन में पीरियड का चक्र पूरा होना शुरू हो जाता है। लेकिन इसके पूरा होने की प्रक्रिया किसी महिला में 40 के तुरंत बाद तो किसी के 50 के करीब आने पर होती है। इसलिए हर महिला में इससे जुड़ी परेशानियां अलग-अलग समय पर देखी जा सकती हैं। लेकिन ये दिक्कतें लगभग एक जैसी ही होती हैं।
इसमें गर्भाशय में प्रजनन क्षमता से जुड़ा हार्मोंस एस्ट्रोजन बनना बंद हो जाता है। महिलाओं में इस स्टेज के आने से पहले ही काफी सारे लक्षण नजर आने लगते हैं। जिन्हें प्रीमेनोपॉज कहते हैं।
प्री मेनोपॉज के समय महिलाओं को अनियमित माहवारी, हॉट फ्लैशेस यानी की अचानक से गर्मी का अनुभव होना होता है। इसी के साथ ही पसीना निकलना, मूड बदलना होता है। वहीं यूरिन से जुड़ी परेशानियां भी उन्हें परेशान करती हैं। वहीं त्वचा में ड्राईनेस, खुजली और बालों का झड़ना शामिल है। लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं इस तरह की परेशानी से गुजरती हैं।
बहुत बार महिलाओं को मेनोपॉज से जुड़ी इन समस्याओं के बारे में जानकारी नहीं होती और उन्हें कई सारी बीमारियां घेर लेती हैं। जिसमें हड्डियों के कमजोर होने के साथ दिल की बीमारी तक होने का खतरा होता है। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं खुद की सेहत का खूब ख्याल रखें।

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