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यूपी की गीता देवी की सफलता की कहानी: सरकारी योजना से आत्मनिर्भर बनीं, आर्थिक तंगी दूर कर पेश किया उदाहरण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: Kirtivardhan Mishra
Updated Mon, 06 Apr 2026 07:45 PM IST
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सार
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन में जुड़कर बागपत की गीता देवी ने लिखा सफलता का नया अध्याय। अब प्रति माह हो रही 40 से 45 हजार के बीच कमाई, स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व का भी मिला अवसर।
विद्युत सखी।
- फोटो : अमर उजाला/AI
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विस्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत से आने वाली गीता देवी का नाम पूरे क्षेत्र से लेकर प्रदेश में चर्चा में है। वजह है गीता देवी का सरकार की अहम योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़कर अपने जीवन की दिशा बदलना और आत्मनिर्भर होकर अपनी आर्थिक स्थिति संभालना। इसका असर यह हुआ है कि आज गीता देवी पूरे गांव में एक आत्मनिर्भर व आर्थिक रूप से सशक्त महिला के रूप में पहचानी जाती हैं।
बागपत जनपद के छपरौली ब्लॉक के लुहारा गांव की रहने वाली गीता देवी एक समय सीमित आय और आर्थिक तंगी जैसी कठिन परिस्थितियों से जूझ रही थीं। लेकिन आज न केवल अपने परिवार को सशक्त बना चुकी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
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बागपत जनपद के छपरौली ब्लॉक के लुहारा गांव की रहने वाली गीता देवी एक समय सीमित आय और आर्थिक तंगी जैसी कठिन परिस्थितियों से जूझ रही थीं। लेकिन आज न केवल अपने परिवार को सशक्त बना चुकी हैं, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।
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स्वयं सहायता समूह से मिली नई दिशा
वर्ष 2018 में कृष्णा स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद गीता देवी के जीवन में निर्णायक बदलाव आया। समूह की अध्यक्ष बनने के साथ ही उन्हें नेतृत्व का अवसर मिला और आर्थिक सशक्तिकरण की राह खुली। वर्तमान में वह 11 समूहों की महिलाओं का नेतृत्व कर रही हैं। यूपी की योगी सरकार सें उनके समूह को रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग के माध्यम से उन्होंने ₹25,000 का ऋण लेकर ‘विद्युत सखी’ के रूप में प्रशिक्षण हासिल किया और घर-घर बिजली बिल संग्रह का कार्य शुरू किया। इतना ही नहीं, बीसी सखी के रूप में चयनित होकर उन्होंने अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत भी विकसित किए। उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता ने उन्हें गांव में एक आर्थिक रूप से सशक्त महिला के रूप में स्थापित कर दिया है।
वर्ष 2018 में कृष्णा स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद गीता देवी के जीवन में निर्णायक बदलाव आया। समूह की अध्यक्ष बनने के साथ ही उन्हें नेतृत्व का अवसर मिला और आर्थिक सशक्तिकरण की राह खुली। वर्तमान में वह 11 समूहों की महिलाओं का नेतृत्व कर रही हैं। यूपी की योगी सरकार सें उनके समूह को रिवॉल्विंग फंड और सामुदायिक निवेश निधि के रूप में सहायता प्राप्त हुई। इस सहयोग के माध्यम से उन्होंने ₹25,000 का ऋण लेकर ‘विद्युत सखी’ के रूप में प्रशिक्षण हासिल किया और घर-घर बिजली बिल संग्रह का कार्य शुरू किया। इतना ही नहीं, बीसी सखी के रूप में चयनित होकर उन्होंने अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत भी विकसित किए। उनकी मेहनत और प्रतिबद्धता ने उन्हें गांव में एक आर्थिक रूप से सशक्त महिला के रूप में स्थापित कर दिया है।
योजनाओं से सशक्त होती महिला शक्ति
आज गीता देवी विद्युत सखी के रूप में कार्य करते हुए प्रति माह ₹40,000 से ₹45,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं, जो पहले लगभग ₹15,000 थी। उन्होंने लगभग ₹2 करोड़ के बिजली बिल का संग्रह कर ₹2 लाख का कमीशन प्राप्त किया है और जिले की शीर्ष विद्युत सखियों में अपना स्थान बनाया है। वहीं, वर्ष 2023 में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उनकी भागीदारी उनकी उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
3500 महिलाएं संगठित रूप से कर रहीं कार्य
छपरौली ब्लॉक के लुहारा गांव में गीता देवी के उदाहरण से प्रभावित होकर अब 3500 महिलाएं एक साथ संगठित होकर कार्य कर रही हैं। गीता देवी स्वयं भी अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह यात्रा दर्शाती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाएं न केवल रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं, बल्कि महिलाओं को सम्मान, आत्मविश्वास और सशक्त भविष्य की दिशा भी दे रही हैं।
आज गीता देवी विद्युत सखी के रूप में कार्य करते हुए प्रति माह ₹40,000 से ₹45,000 तक की आय अर्जित कर रही हैं, जो पहले लगभग ₹15,000 थी। उन्होंने लगभग ₹2 करोड़ के बिजली बिल का संग्रह कर ₹2 लाख का कमीशन प्राप्त किया है और जिले की शीर्ष विद्युत सखियों में अपना स्थान बनाया है। वहीं, वर्ष 2023 में लखपति दीदी योजना के अंतर्गत दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में उनकी भागीदारी उनकी उपलब्धियों का महत्वपूर्ण प्रमाण है।
3500 महिलाएं संगठित रूप से कर रहीं कार्य
छपरौली ब्लॉक के लुहारा गांव में गीता देवी के उदाहरण से प्रभावित होकर अब 3500 महिलाएं एक साथ संगठित होकर कार्य कर रही हैं। गीता देवी स्वयं भी अन्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनकी यह यात्रा दर्शाती है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित योजनाएं न केवल रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं, बल्कि महिलाओं को सम्मान, आत्मविश्वास और सशक्त भविष्य की दिशा भी दे रही हैं।