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TMC Crisis: काकोली घोष का दावा- NCPI बागी सांसदों के विलय के लिए तैयार, MPs की संख्या बढ़कर हो सकती है 22
पीटीआई, कोलकाता।
Published by: Rahul Kumar
Updated Tue, 16 Jun 2026 03:48 PM IST
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सार
टीएमसी की बागी सांसद काकोली ने दावा किया है कि पार्टी के बागी सांसदों के एनसीपीआई में विलय के लिए तैयार हो गई है। उन्होंने कहा कि ऐसे सांसदों की संख्या 22 तक पहुंच सकती है।
काकोली घोष दस्तीदार
- फोटो : फेसबुक/काकोली घोष
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विस्तार
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी सांसद काकोली घोष ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रवादी सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) ने उनकी पार्टी के सभी असंतुष्ट लोकसभा सदस्यों को स्वीकार करने पर सहमति जताई है। उन्होंने एक बार फिर से दावा किया है कि बागी सांसदों की संख्या वर्तमान 20 से बढ़कर 22 तक पहुंचने की संभावना है।
वे हमें लेने के लिए तैयार है- घोष
काकोली घोष ने यह भी कहा कि बागी सांसदों का पश्चिम बंगाल विधानसभा में असंतुष्ट टीएमसी विधायकों के साथ कोई संबंध नहीं है, जिन्होंने स्पीकर द्वारा मान्यता प्राप्त एक अलग समूह बनाया है। काकोली घोष ने आगे रहा कि हमें पहले ही स्वीकृति मिल गई है। वे (एनसीपीआई) हमें लेने के लिए खुश हैं। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में एनडीए के साथ मिलकर काम करेंगे। अपनी गुट की ताकत के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, "वर्तमान में हम 20 (सांसद) हैं। यह संख्या 22 तक जा सकती है।"
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बागी विधायकों से मेरा कोई संबंध नहीं- काकोली
पश्चिम बंगाल में बागी टीएमसी विधायकों के साथ संबंधों पर, दत्ता ने कहा कि असंतुष्ट सांसदों का राज्य के विधायकों से कोई संबंध नहीं है। हमारा उनसे कोई संबंध नहीं है। वे एक अलग समूह हैं; उनके मुद्दे और एजेंडा अलग हैं। दत्ता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में पिछली टीएमसी सरकार ने पिछले 10 वर्षों में राज्य में महिला सुरक्षा योजना को लागू नहीं किया था।
उन्होंने कहा कि हम बस इस पर चर्चा कर रहे थे कि बंगाल में बाल सुरक्षा के मुद्दों की भी अनुमति नहीं थी। इसी तरह, पिछली (टीएमसी) सरकार के तहत कई अन्य योजनाओं को लागू नहीं किया गया था वरिष्ठ सांसद ने कहा कि वे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मदद से बंगाल में सभी केंद्रीय योजनाओं को लागू करने की उम्मीद कर रहे हैं। कुछ योजनाओं को पश्चिम बंगाल में लागू नहीं किया गया है। एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, बंगाल में बाल विवाह सबसे अधिक है। यह भी एक अपराध है। तो, ये चीजें बंगाल में हो रही थीं, जिन पर उनमें से किसी ने ध्यान नहीं दिया। इसलिए, हम बंगाल के लोगों की बेहतरी के लिए काम करने की कोशिश कर रहे हैं।
बिरला से सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग
रविवार को टीएमसी में संकट तब और गहरा गया जब असंतुष्ट सांसदों ने एक कम ज्ञात एनसीपीआई के साथ अपने विलय की घोषणा की और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सदन में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की।बिरला से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बात करते हुए दत्ता ने कहा था कि 20 टीएमसी सांसदों ने अध्यक्ष को प्रस्तुत एक अभ्यावेदन पर हस्ताक्षर किए थे। दो-तिहाई टीएमसी सांसदों ने सदन में अलग बैठने की व्यवस्था के लिए अध्यक्ष को एक पत्र दिया है। हम राष्ट्रवादी सिटीजन पार्टी में विलय करेंगे और एनडीए का समर्थन करेंगे। एनसीपीआई ने जनवरी 2023 में खुद को एक राजनीतिक दल के रूप में पंजीकृत किया था, जिसका निर्वाचन आयोग के रिकॉर्ड में पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के शंकरैल में एक इमारत को उसका पता बताया गया था।