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Karnataka: बिदादी टाउनशिप पर रार, मंत्री ने किया विरोध तो सीएम शिवकुमार ने किया बचाव

आईएएनएस, बंगलूरू Published by: नितिन गौतम Updated Tue, 16 Jun 2026 03:35 PM IST
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सार

कर्नाटक में सीएम डीके शिवकुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट बिदादी टाउनशिप पर रार जारी है। किसानों में इसे लेकर कथित तौर पर नाराजगी है। सीएम इस परियोजना का बचाव कर रहे हैं, लेकिन मंत्री जारकीहोली ने कहा है कि कैबिनेट की बैठक में किसानों की नाराजगी पर भी विचार किया जाएगा। 

Karnataka CM defends Bidadi township minister expresses concern over project
सीएम डीके शिवकुमार - फोटो : एएनआई
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विस्तार

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना का बचाव किया है। हालांकि किसान और कांग्रेस के कुछ वर्ग इसका विरोध कर रहे हैं। लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली ने बढ़ती असहमति पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा 20 जून को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में चर्चा के लिए आ सकता है। बिदादी टाउनशिप परियोजना सीएम डीके शिवकुमार की महत्वाकांक्षी ग्रेटर बंगलूरू इंटीग्रेटेड टाउनशिप का हिस्सा है। इसे भारत की पहली एआई-संचालित एकीकृत टाउनशिप बताया गया है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह परियोजना क्षेत्र के नौ गांवों में लगभग 7,481 एकड़ भूमि को कवर करेगी। इस टाउनशिप परियोजना में हजारों करोड़ रुपये के निवेश का अनुमान है। इसमें बंगलूरू के बाहरी इलाके बिदादी और उसके आसपास बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण की योजना है।


मुख्यमंत्री का बचाव
सीएम शिवकुमार ने 15 जून को बंगलूरू में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह टाउनशिप उनकी कल्पना नहीं है, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने इसे अधिसूचित किया था। पिछली भाजपा सरकार में केआईएडीबी ने लगभग 1,000 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था। मुख्यमंत्री ने बताया कि महाराष्ट्र (80,000 एकड़) और तेलंगाना (40,000 एकड़) जैसे अन्य राज्यों में भी ऐसी बड़ी परियोजनाएं लागू हैं। उन्होंने आलोचकों पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। शिवकुमार ने कहा कि प्रभावित भूस्वामियों ने पिछली विकास पहलों को स्वीकार किया था।
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मंत्री ने जताई चिंता
कर्नाटक सरकार के मंत्री सतीश जारकीहोली ने इस पर बात करते हुए अधिक सतर्क रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सरकार अंतिम निर्णय लेने से पहले परियोजना से संबंधित चिंताओं पर विचार करेगी। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा चर्चा के लिए आ सकता है। पूरी पार्टी का भविष्य भी इस पर निर्भर करता है। अनावश्यक भ्रम पैदा नहीं होना चाहिए। मंत्री ने कहा कि टाउनशिप विकसित करने के प्रयास के कारण सरकार पर बोझ नहीं पड़ना चाहिए। परियोजना के विरोध से सरकार की छवि को नुकसान पहुंचने के सवाल पर जारकीहोली ने कहा कि प्रशासन राजनीतिक प्रभावों के प्रति सचेत है।
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व्यापक चर्चा की जरूरत
जारकीहोली ने कहा कि सरकार के पास अभी इसकी जानकारी नहीं है कि विरोध का स्तर कितना बड़ा है। फिर भी, उन्होंने जोर देकर कहा कि चर्चा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि किसी भी कार्यक्रम से सकारात्मक परिणाम आने चाहिए, नकारात्मक नहीं। हमें जमीन पर विरोध की सीमा के बारे में पूरी जानकारी नहीं है। हमें नहीं पता कि कितना विरोध है। फिर भी, पार्टी के व्यापक परिप्रेक्ष्य से इस पर चर्चा करना आवश्यक है।
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