शादी की पहली रात हुआ कुछ ऐसा, बदल गई इन महिलाओं की पूरी जिंदगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोमैया ने अपने ब्वॉयफ्रैंड इब्राहिम से शादी करने के लिए परिवार से लंबी लड़ाई लड़ी थी। परिवार इसके लिए राजी नहीं था। लेकिन, सोमैया, इब्राहिम से बेइंतिहा मोहब्बत करती थीं और उसे किसी भी लड़की के लिए आदर्श शौहर मानती थीं। लेकिन, सोमैया को इस बात का बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि उन्हें बहुत बड़ा सदमा लगने वाला है।
शादी के बाद इब्राहिम के साथ पहली रात को ही कुछ ऐसा हुआ, जब सोमैया की सारी मोहब्बत काफूर हो गई। शादी के बाद पहली रात या सुहागरात को 'प्रवेश की रात' भी कहते हैं। उस रात सोमैया के कौमार्य को लेकर उठे सवाल ने उसके दिल से इब्राहिम के लिए मोहब्बत को हमेशा के लिए मिटा दिया।
उस वक्त सोमैया की उम्र 23 बरस थी। वो सीरिया की राजधानी दमिश्क की यूनिवर्सिटी में अरबी साहित्य में पढ़ाई कर रही थी। उसकी डिग्री पूरी ही होने वाली थी। लेकिन, वो इब्राहिम से बहुत प्यार करती थी। इब्राहिम ने भी सोमैया से वादा किया था कि कुछ भी हो जाए, लेकिन वो उसे पढ़ाई पूरी करने देगा।
सोमैया का परिवार चाहता था कि वो पहले अपनी पढ़ाई पूरी कर ले। साथ ही सोमैया के परिवार को इस बात से भी दिक्कत थी कि इब्राहिम के पास अपना घर नहीं था। फिर भी सोमैया, इब्राहिम से शादी के लिए अड़ी हुई थीं। उन्होंने अपने पूरे परिवार के विरोध का डट कर मुकाबला किया। यहां तक कि ये भी कह दिया कि वो इब्राहिम की मां के पास रहने चली जाएंगी, जिन्हें वो अपनी मां की तरह ही मानती थीं।
इब्राहिम ने उसे ये कहकर समझाने की कोशिश की कि ये तो उसकी सोमैया के प्रति मोहब्बत है, जो वो उसे पाने के लिए इतना उतावला हुआ जा रहा है। सोमैया कहती हैं, 'मैं थकी हुई थी लेकिन मैंने सहयोग किया। उसकी जिद के आगे मैं झुक गई।'
लेकिन, सोमैया का रूमानी एहसास तुरंत ही हवा हो गया। सोमैया को लग गया कि उसके पति को उसके कौमार्य पर शक हो गया है। इब्राहिम को ये लग रहा है कि वो वर्जिन नहीं है।
पहली बार यौन संबंध बनाने पर ज्यादातर महिलाओं को खून निकलता है। इसकी तादाद अलग-अलग महिलाओं में अलग होती है। इसकी वजह होती है, पेशियों की झिल्ली जिसे हाइमेन कहते हैं। लेकिन, डॉक्टरों और जानकारों के मुताबिक, पहली बार यौन संबंध बनाने पर हर लड़की को खून निकले, ये जरूरी नहीं है क्योंकि हाइमेन भी अलग-अलग तरह के होते हैं।
सोमैया अपने शौहर की प्रतिक्रिया के बारे में बताती हैं, "उसकी आंखों के खंजर मेरे सीने में चुभ रहे थे। उसने ये जाना ही नहीं कि उस नजर ने मेरी हस्ती को मिटा दिया।"
सोमैया बताती हैं, "इब्राहिम ने मुझसे बात करने की भी कोशिश नहीं की। मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं संदिग्ध हूं और मुझ पर मुकदमा चलने वाला है। शादी से पहले हमने बहुत सी बातों पर चर्चा की थी। यहां तक कि हम ने सुहागरात के बारे में भी बातें की थी, जो हमारी जिंदगी की सबसे हसीन रात होनी चाहिए थी। हमें ये लगता था कि हम एक-दूसरे के बारे में बहुत कुछ जानते हैं। लेकिन, जब सुहागरात को खून नहीं निकला, तो सारी मोहब्बत हवा हो गई।"
हालांकि, जिस समाज से सोमैया ताल्लुक रखती है, वहां ऐसी बातें आम हैं। लेकिन, सोमैया को इसका कतई अंदाजा नहीं था कि खुद उन्हें भी ऐसे तजुर्बे से गुजरना पड़ेगा। सोमैया को लगता था कि नई पीढ़ी के लोगों का नजरिया ऐसी बातों पर बदला है। उनका होने वाला पति भी अक्लमंद है, खुले जहन का है और उसने यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की है। लेकिन, जब शादी के अगले दिन इब्राहिम ने सलाह दी कि सोमैया के कौमार्य की तस्दीक के लिए उन्हें डॉक्टर के पास जाना चाहिए, तो वो हैरान हो गई।
लड़कियों का कौमार्य परीक्षण, बहुत पुरानी परंपरा है। लेकिन, इसका मकसद और वर्जिनिटी जांचने का तरीका, दोनों ही हर जगह और समाज के हिसाब से बदल जाते हैं। बहुत से रुढ़िवादी परिवारों में किसी लड़की की शादी वाली रात को उसके कुंवारी साबित होने का जश्न बड़े जोर-शोर से मनाया जाता है। मसलन, दूल्हा और दुल्हन के परिवार को खून के धब्बों वाली चादर दिखाई जाती है। कई बार तो कौमार्य की तस्दीक होने पर खास आयोजन भी किए जाते हैं।

कमेंट
कमेंट X