गर्भावस्था के दौरान तो महिलाओं के शरीर में बहुत सारे बदलाव होते हैं। लेकिन बच्चे की डिलीवरी के बाद भी इन बदलावों से उन्हें दो चार होना पड़ता है। जिसकी वजह से महिलाओं के लिए जरूरी है कि वो अपने खानपान और सेहत का ध्यान रखें। इन्हीं स्वास्थ्य की देखभाल में पानी पीना भी शामिल होता है। स्तनपान कराने वाली महिलाओं को पर्याप्त मात्रा में पानी भी जरूर पीना चाहिए।
स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए कितना पानी पीना है जरूरी
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महिलाओं को हर बार स्तनपान कराने के पहले और बाद में एक गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। लेकिन अगर शरीर में पानी की कमी हो रही है तो उसे कैसे पहचाने? सबसे पहले यूरिन के कलर की जांच कर लें। क्योंकि शरीर अगर डिहाइड्रेटेड होगा तो यूरिन का रंग गहरा पीला हो जाएगा। इस तरह की परेशानी से बचने के लिए दिनभर में कम से कम ग्यारह से बारह कप पानी पीना चाहिए।
अगर स्तनपान कराने वाली महिला के शरीर में पानी की कमी होती है तो उसमें ये सारे लक्षण नजर आने लगते हैं।
- यूरिन का रंग गहरा होना
- थकान
- चिड़चिड़ापन
- त्वचा में रूखापन और फटना
- कब्ज
- तनाव और सिरदर्द भी एक लक्षण हो सकते हैं।
बच्चों के लिए सबसे पोषक मां का दूध ही होता है और मां के दूध में 90 प्रतिशत पानी होता है। इसलिए स्तनपान कराने वाली मांओं को पर्याप्त मात्रा में पानी जरूर पीना चाहिए। साथ ही चाय, कॉफी, सोडा और शराब जैसी चीजों से भी दूर रहना चाहिए। क्योंकि ये सारे पेय पदार्थ शरीर में पानी की कमी पैदा कर देते हैं।

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