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International Women Day 2022: इन पांच महिला अधिकारों के बारे में हर औरत को पता होना चाहिए

Tue, 08 Mar 2022 12:13 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 08 Mar 2022 12:13 AM IST
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International Women Day 2022 Know Five Indian Women Rights in Hindi
महिलाओं के अधिकार - फोटो : self

देश की महिलाएं आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नति कर रही हैं। खेल से लेकर तकनीक और सेना से लेकर राजनीति में महिलाओं की सहभागिता बढ़ रही है। महिलाएं समाज निर्माण और देश का मान बढ़ाने की दिशा में पुरुषों के समान ही योगदान दे रही हैं लेकिन आज भी महिलाओं को पुरुषों के बराबर का सम्मान नहीं मिलता। कई मामलों और क्षेत्रों में 'यह तो औरत है' कह कर पीछे धकेल दिया जाता है या आगे नहीं बढ़ने दिया जाता। समाज में महिलाओं को सम्मान और सुरक्षित वातावरण देने के लिए भारतीय संविधान में कुछ अधिकार दिए गए हैं। कई महिलाओं को उनके अधिकारों के बारे में पता नहीं होता, जिसके चलते उन्हें कई बार ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ता है जो उन्हें कानूनी तौर पर नहीं करना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर यहां कुछ खास महिला अधिकारों के बारे में बताया जा रहा है, जिसके बारे में हर महिला को पता होना चाहिए।

International Women Day 2022 Know Five Indian Women Rights in Hindi
महिलाओं के अधिकार - फोटो : Istock

समान वेतन का अधिकार

मजदूरी हो या कार्यालय हो, कई जगहों पर देखने को मिलता है कि समान काम के लिए पुरुष और महिला के वेतन में अंतर होता है। महिलाओं को कई बार पुरुषों से कम वेतन दिया जाता है। लेकिन हर महिला को पता होना चाहिए कि समान पारिश्रमिक अधिनियम के तहत, वेतन या मजदूरी में लिंग के आधार पर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा सकता। समान काम के लिए पुरुषों और महिलाओं को समान वेतन दिए जाने का प्रावधान है।

International Women Day 2022 Know Five Indian Women Rights in Hindi
महिलाओं के अधिकार - फोटो : Pixabay

नाम और पहचान गोपनीय रखने का अधिकार

भारत में यौन उत्पीड़न के मामले में महिला के नाम को न छापने देने या पहचान गोपनीय रखने का अधिकार होता है। कोई भी महिला यौन उत्पीड़न होने पर गोपनीयता की रक्षा के लिए अकेले अपना बयान किसी महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज करा सकती है। चाहें तो जिलाधिकारी के सामने भी वह अपनी शिकायत दर्ज करा सकती है। इस बाबत उसका नाम पुलिस, अधिकारी और मीडिया को जाहिर करने का अधिकार नहीं होता।

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महिलाओं के अधिकार - फोटो : Pixabay

मातृत्व से जुड़े लाभ का अधिकार

कामकाजी महिलाओं को मातृत्व संबंधी लाभ व सुविधा लेने का अधिकार होता है। मातृत्व लाभ अधिनियम के अंतर्गत, महिला के प्रसव के बाद उन्हें 6 महीने तक छुट्टी मिल सकती है और इस दौरान उनके वेतन में भी कोई कटौती नहीं की जाती। बाद में महिला फिर से काम पर वापस लौट सकती हैं।

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महिलाओं के अधिकार - फोटो : istock

रात में गिरफ्तारी न होने का अधिकार

किसी भी महिला को सूरज डूबने यानी शाम होने के बाद गिरफ्तार नहीं किया जा सकता। अगर महिला का अपराध गंभीर हो या कोई खास मामला हो तो भी बिना प्रथम श्रेणी के मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना पुलिस महिला को शाम से लेकर सूरज निकलने तक गिरफ्तार नहीं कर सकती है।

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