National Girl Child Day 2023: बालिकाएं किसी भी समाज के कल्याण, विकास में अहम भूमिका निभाती हैं। एक बालिका जो स्वस्थ वातावरण में बढ़ी होती है, वहीं एक काबिल स्त्री बनती है, जो परिवार, समाज और देश को स्वस्थ रखने की दिशा में अपना योगदान देते हैं। आज लड़कियां लगभग हर क्षेत्र में कार्यरत हैं और अपनी स्थिति को मजबूत कर रही हैं लेकिन एक दौर ऐसा भी था जब बच्चियों को गर्भ में ही मार दिया जाता था। इस कारण लिंग असमानता की समस्या बढ़ी। जन्म के बाद उनका बाल विवाह कर देते, जिसकी वजह से वह अपना बचपन खो देती हैं। शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास से वंचित रह जाती हैं और साथ ही कम उम्र में गर्भवती होने से किशोरी और शिशु दोनों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ता है। इन सभी का असर देश के विकास पर भी होता है। बालिकाओं के खिलाफ होने वाली इन्हीं कुरीतियों के अंत और किशोरियों को समाज के प्रथम पायदान पर लाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष जनवरी माह में राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाते हैं। सरकार और यूनिसेफ मिलकर बालिकाओं के लिए कई योजनाएं चला रहे हैं, ताकि उनका सर्वांगीण विकास हो सके और बालिकाओं के रहने लायक सुरक्षित समाज बन सके। आइए जानते हैं राष्ट्रीय बालिका दिवस के इतिहास व महत्व के बारे में, साथ ही किशोरियों के लिए यूनिसेफ की योजनाओं के बारे में भी जानें।
National Girl Child Day 2023: देश मना रहा राष्ट्रीय बालिका दिवस, जानें इतिहास, महत्व और यूनिसेफ की भूमिका
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राष्ट्रीय बालिका दिवस कब है?
प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाते हैं। राष्ट्रीय बालिका दिवस को मनाने की शुरुआत 2009 में हुई थी, जब पहली बार महिला बाल विकास मंत्रालय ने देश में बालिका दिवस मनाया था।
24 जनवरी को ही क्यों मनाते हैं बालिका दिवस?
बालिका दिवस को 24 जनवरी को ही मनाने के पीछे खास वजह है। देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की वजह से ही 24 जनवरी को बालिका दिवस मनाया जाने लगा। 1966 में जब इंदिरा गांधी पहली बार देश की प्रधानमंत्री बनीं तो उनका शपथ ग्रहण समारोह 24 जनवरी को ही हुआ था। यह दिन भारत के इतिहास में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अहम है। इस दिन को यादगार बनाने के लिए राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी को मनाने का फैसला लिया गया।
बालिका दिवस 2023 की थीम
हर वर्ष राष्ट्रीय बालिका दिवस की एक खास थीम होती है। 2019 में बालिका दिवस की थीम 'उज्जवल कल के लिए लड़कियों का सशक्तिकरण' थी। वर्ष 2020 की थीम 'मेरी आवाज, हमारा साक्षा भविष्य' रही और 2021 की बालिका दिवस की थीम 'डिजिटल पीढ़ी, हमारी पीढ़ी' है। राष्ट्रीय बालिका दिवस 2022 की थीम 'उमंग रंगोली उत्सव' के तौर पर मनाई गई। फिलहाल राष्ट्रीय बालिका दिवस 2023 की थीम की घोषणा अब तक नहीं हुई है।
राष्ट्रीय बालिका दिवस का महत्व
विश्व में बालिकाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने व किशोरियों के बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा और करियर के लिए मार्ग बनाने के उद्देश्य से प्रत्येक वर्ष 11 अक्तूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों और महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करना है।

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