{"_id":"5fdb67238ebc3ecd6c2900aa","slug":"women-bear-the-symptoms-during-menopause","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"मेनोपॉज के समय महिलाओं को करना पड़ सकता है इन समस्याओं का सामना","category":{"title":"Shakti","title_hn":"शक्ति","slug":"shakti"}}
मेनोपॉज के समय महिलाओं को करना पड़ सकता है इन समस्याओं का सामना
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अपराजिता शुक्ला
Updated Thu, 28 Jan 2021 09:29 AM IST
विज्ञापन
1 of 4
menopause
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
Link Copied
महिलाओं की जिंदगी में माहवारी के खत्म होने का दौर मेनोपॉज के नाम से जाना जाता है। लगभग 45 साल या इससे ऊपर की महिलाओं को मेनोपॉज के लक्षणों के साथ गुजरना पड़ता है। पीरियड्स के खत्म होने को ही मेनोपॉज कहते हैं। इस दौरान महिलाओं के शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं। जिसकी वजह से उन्हें कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। तो चलिए जानें उनक समस्याओं के बारे में महिलाओं को मेनोपॉज के समय में झेलनी पड़ती है।
2 of 4
memory
- फोटो : pixa
याद्दाश्त में कमी
मेनोपॉज से महिलाओं को भूलने की बीमारी हो सकती है। कुछ महिलाओं में यह डिसऑर्डर शुरुआती समय से तो कुछ में बाद में देखने को मिलता है। हार्मोन के कम होने से छोटी-छोटी बातें भूलने की दिक्कत होती है। यह रूटीन लाइफ को प्रभावित करता है। कॉर्टिसोल एक हार्मोन है जो मेमोरी को बनाए रखने में बहुत मददगार होता है। कॉर्टिसोल दिमाग के केमिकल को संतुलित रखता है। इसमें उतार-चढ़ाव से असंतुलन होता है जिससे शार्ट टर्म मेमोरी लॉस भी हो सकता है।
3 of 4
tired
शरीर में जरूरत से ज्यादा थकावट
शरीर में अचानक से होने वाले बदलाव के कारण आप पूरा दिन थका हुआ महसूस कर सकती हैं। मेनोपॉज के बाद शरीर की एनर्जी काफी कम हो जाती है। इसमें सभी हार्मोन के लेवल जैसे की प्रोजेस्टेरोन, एस्ट्रोजन और थाइरॉइड में तेजी से बदलाव आता है। शरीर के एनर्जी लेवल को नॉर्मल बनाए रखने में ये हार्मोन मदद करते हैं। थकान को दूर करने के लिए जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाना जरूरी है। सभी चीजें समय-समय पर करनी चाहिए साथ ही साथ अपने आहार में न्यूट्रीएंट्स का खास ध्यान भी रखना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
4 of 4
menopause
हॉट फ्लैश
मेनोपॉज के बाद हॉट फ्लैश की समस्या हो सकती है। हॉट फ्लैश होने पर शरीर का तापमान अचानक से बढ़ और घट जाता है। यह किसी बाहरी कारण की वजह से नहीं होता बल्कि मेनोपॉज के बाद विकार के तौर पर होता है। हॉट फ्लैश की समस्या मेनोपॉज के बाद 10 साल तक रह सकती है। इससे गर्दन और माथे में पसीना आता है, तनाव और दिल की धड़कन बहुत तेज हो जाती है। मेनोपॉज के लक्षण में हॉट फ्लैश के जरूरी लक्षण है।
सबसे विश्वसनीयहिंदी न्यूज़वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ेंलाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसेहेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health and fitness news), लाइवफैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्टफूड न्यूज़इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) औरयात्रा (travel news in Hindi) आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X