फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

नवरात्रि का छठा दिन 2026: जानें मां कात्यायनी की पूजा विधि, मंत्र, भोग, कथा और आरती

Thu, 15 Oct 2026 05:37 PM IST
ज्योति मेहरा धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: ज्योति मेहरा Updated Thu, 15 Oct 2026 05:37 PM IST
सार

नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना की जाती है। इस दिन भक्त मां को प्रिय पुष्प और भोग अर्पित करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ रंग, प्रिय भोग, मंत्र, पौराणिक कथा और आरती।

विज्ञापन
Navratri Day 6 2026 Maa Katyayani Puja Vidhi Mantra Bhog Katha Aarti in hindi
मां कात्यायनी - फोटो : AI

शारदीय नवरात्रि के छह दिन बीतते ही मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की आराधना की जाती है। देवी का यह स्वरूप शक्ति, साहस और अन्याय पर विजय का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा करने पर भक्तों को भय और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। विवाह में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए भी देवी की उपासना का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन भक्त मां को प्रिय पुष्प और भोग अर्पित करके सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। आइए जानते हैं नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा विधि, शुभ रंग, प्रिय भोग, मंत्र, पौराणिक कथा और आरती।



मां कात्यायनी का स्वरूप कैसा है?
मां कात्यायनी सिंह पर सवार रहती हैं और उनकी चार भुजाएं हैं। उनके दो हाथों में कमल और तलवार सुशोभित हैं, जबकि अन्य दो हाथ वर मुद्रा और अभय मुद्रा में रहते हैं। देवी का यह स्वरूप भक्तों को साहस, निर्भयता और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

Trending Videos
Navratri Day 6 2026 Maa Katyayani Puja Vidhi Mantra Bhog Katha Aarti in hindi
मां कात्यायनी की पूजा विधि - फोटो : Amar Ujala

मां कात्यायनी की पूजा विधि

  • नवरात्रि के छठे दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। 
  • इसके बाद पूजा स्थल की सफाई करके मां दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। 
  • देवी को गंगाजल अर्पित करें और पीले रंग के वस्त्र चढ़ाएं। 
  • इसके बाद रोली, चंदन, कुमकुम, अक्षत, फल, मिठाई और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
  • मां कात्यायनी को लाल फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। 
  • पूजा में लाल गुलाब या गुड़हल के फूल अर्पित कर सकते हैं। 
  • इसके बाद शहद का भोग लगाएं और श्रद्धापूर्वक मंत्रों का जाप करें। 
  • अंत में मां की आरती करें और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करें।
Navratri Day 6 2026 Maa Katyayani Puja Vidhi Mantra Bhog Katha Aarti in hindi
मां कात्यायनी का प्रिय भोग - फोटो : adobe stock

मां कात्यायनी का प्रिय भोग
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी को शहद प्रिय है। इसलिए नवरात्रि के छठे दिन देवी को शहद का भोग लगाया जाता है। इसके अतिरिक्त हलवा, मिठाई, गुड़ और मीठा पान भी अर्पित किया जा सकता है। भोग लगाते समय श्रद्धा और पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Navratri Day 6 2026 Maa Katyayani Puja Vidhi Mantra Bhog Katha Aarti in hindi
मां कात्यायनी का प्रिय भोग - फोटो : अमर उजाला

मां कात्यायनी की पौराणिक कथा
पौराणिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी भगवती को प्रसन्न करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति से प्रसन्न होकर देवी ने उन्हें वरदान दिया कि वह उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लेंगी। इसी कारण देवी का नाम कात्यायनी पड़ा।

दूसरी ओर, महिषासुर नामक असुर के अत्याचारों से देवता और अन्य लोकों के प्राणी परेशान थे। उसका सामना करने के लिए ब्रह्मा, विष्णु और महेश सहित देवताओं के तेज से एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई। इस देवी ने महर्षि कात्यायन के यहां पुत्री के रूप में जन्म लिया और आगे चलकर महिषासुर के विरुद्ध युद्ध किया।

कथा के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने देवी की सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथियों पर विशेष पूजा की। इसके बाद दशमी तिथि पर देवी ने महिषासुर का वध कर दिया। इस विजय के कारण मां दुर्गा को महिषासुर मर्दिनी के नाम से भी जाना जाता है। यह कथा अधर्म पर धर्म और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश देती है।

विज्ञापन
Navratri Day 6 2026 Maa Katyayani Puja Vidhi Mantra Bhog Katha Aarti in hindi
मां कात्यायनी जी की आरती - फोटो : amar ujala

मां कात्यायनी जी की आरती

जय जय अंबे जय कात्यायनी। 
जय जग माता जग की महारानी ॥ 

बैजनाथ स्थान तुम्हारा। 
वहावर दाती नाम पुकारा ॥ 

कई नाम है कई धाम है। 
यह स्थान भी तो सुखधाम है॥ 

हर मंदिर में ज्योत तुम्हारी। 
कही योगेश्वरी महिमा न्यारी ॥ 

हर जगह उत्सव होते रहते। 
हर मंदिर में भगत है कहते ॥ 

कत्यानी रक्षक काया की। 
ग्रंथि काटे मोह माया की ॥ 

झूठे मोह से छुडाने वाली। 
अपना नाम जपाने वाली ॥ 

बृहस्पतिवार को पूजा करिए। 
ध्यान कात्यानी का धरिये ॥ 

हर संकट को दूर करेगी। 
भंडारे भरपूर करेगी ॥ 

जो भी मां को भक्त पुकारे। 
कात्यायनी सब कष्ट निवारे ॥

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed