शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की आराधना के लिए हर तिथि का अपना विशेष महत्व माना गया है। हालांकि, महाष्टमी और महानवमी के बीच आने वाला संधि काल बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी दौरान की जाने वाली पूजा को संधि पूजा कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह वह विशेष समय है, जब अष्टमी तिथि समाप्त होती है और नवमी तिथि का आगमन होता है। इस साल शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 अक्तूबर 2026 से शुरू होगा और 20 अक्तूबर को विजयदशमी के साथ इसका समापन होगा। नवरात्रि के दौरान 19 अक्तूबर 2026, सोमवार को संधि पूजा की जाएगी। आइए जानते हैं संधि पूजा का सही मुहूर्त, इसका महत्व और इस दौरान कौन से धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं।
नवरात्रि की संधि पूजा कब है? 19 अक्तूबर को बन रहा महासंयोग, जानें क्यों है यह दिन खास
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Fri, 09 Oct 2026 10:25 AM IST
सार
शारदीय नवरात्रि में संधि पूजा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस साल 19 अक्तूबर को अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल में पूजा का महासंयोग बन रहा है। मान्यता है कि इस समय मां दुर्गा की आराधना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
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