Sawan Somvar Vrat 2026: श्रावण का महीना भगवान शिव को समर्पित माना जाता है। धार्मिक परंपराओं में सावन के दौरान शिव आराधना, जलाभिषेक और व्रत-पूजन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इस पवित्र महीने में भोलेनाथ की उपासना करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। यही वजह है कि सावन के हर सोमवार को श्रद्धालु उपवास रखते हैं और शिवलिंग पर जल, दूध आदि अर्पित करके भगवान शिव की पूजा करते हैं।
Sawan Somvar Vrat: सावन सोमवार का व्रत गलती से टूट जाए तो क्या करें? जानें 4 आसान उपाय
Sawan Somvar Vrat Rules: कई बार भूलवश कुछ खाने-पीने, व्रत के नियम का पालन न कर पाने या किसी अन्य अनजाने कारण से सावन सोमवार का व्रत टूट जाता है। ऐसी स्थिति में परेशान होने के बजाय श्रद्धा के साथ आप कुछ धार्मिक उपाय कर सकते हैं। आइए इन उपायों के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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सावन सोमवार व्रत रखने से क्या लाभ मिलता है?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन सोमवार का उपवास मन को स्थिरता और शांति प्रदान करता है। इसे भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने और जीवन की परेशानियों से राहत पाने का माध्यम भी माना जाता है। मान्यता है कि विवाहित महिलाएं इस व्रत के जरिए दांपत्य जीवन में प्रेम और सामंजस्य की कामना करती हैं। वहीं अविवाहित कन्याएं अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए सावन सोमवार का व्रत रखती हैं। भक्त अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए भी इस उपवास को श्रद्धापूर्वक करते हैं।
अनजाने में व्रत टूट जाए तो अपनाएं ये उपाय
1. भगवान शिव से क्षमा मांगें
अगर भूलवश सावन सोमवार का व्रत टूट गया है, तो सबसे पहले मन में किसी तरह का भय न रखें। शिवलिंग के सामने जाकर अपनी भूल के लिए भगवान शिव से क्षमा प्रार्थना करें। साथ ही दोबारा ऐसी गलती न करने का संकल्प लें। श्रद्धा हो तो उसी दिन या अगले सावन सोमवार को व्रत रखा जा सकता है।
2. अगले सोमवार उपवास करें
यदि किसी परिस्थिति के कारण व्रत के नियम पूरे नहीं हो पाए हैं, तो अगले सोमवार को प्रायश्चित भाव से व्रत रखना धार्मिक रूप से शुभ माना जाता है। कुछ परंपराओं में इस अवसर पर घर में छोटा हवन करने की भी मान्यता है।
3. महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
धार्मिक मान्यताओं में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए महामृत्युंजय मंत्र का जाप विशेष फलदायी माना गया है। व्रत भंग होने पर शिवजी से क्षमा मांगते हुए श्रद्धापूर्वक महामृत्युंजय मंत्र का जाप किया जा सकता है। इससे मन को शांति और सकारात्मकता का अनुभव होने की मान्यता है।
4. दान-पुण्य करें
व्रत टूटने की स्थिति में जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराना, अन्न का दान करना या अपनी क्षमता के अनुसार किसी जरूरतमंद की सहायता करना भी शुभ माना जाता है। इससे सेवा और प्रायश्चित की भावना मजबूत होती है। धार्मिक दृष्टि से दान-पुण्य को भगवान शिव की भक्ति से जोड़कर भी देखा जाता है।
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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।