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Yogini Ekadashi 2026: 10 या 11 जुलाई, कब रखें योगिनी एकादशी व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Thu, 02 Jul 2026 04:50 PM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Thu, 02 Jul 2026 04:50 PM IST
सार

Yogini Ekadashi 2026 Date: इस बार आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 और 11 जुलाई, दोनों दिन पड़ने से व्रत की सही तारीख को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस बना हुआ है। जानें शास्त्रों के अनुसार सही दिन, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और व्रत से जुड़े जरूरी नियम।

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Yogini Ekadashi 2026 10 or 11 July Know the Correct Date Shubh Muhurat and Puja Vidhi
योगिनी एकादशी - फोटो : अमर उजाला

Yogini Ekadashi 2026: सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए सबसे उत्तम दिनों में गिना जाता है, और इसी कड़ी में आषाढ़ मास के कृष्ण पक्ष में आने वाली योगिनी एकादशी का स्थान भी बेहद खास है। धार्मिक ग्रंथों में इसे अत्यंत पुण्यदायी व्रत बताया गया है, जो भक्तों के जीवन से कष्टों और पापों को दूर करने में सहायक माना जाता है। इस साल एक खास ज्योतिषीय स्थिति बन रही है, क्योंकि एकादशी तिथि 10 जुलाई और 11 जुलाई, दोनों ही तारीखों को स्पर्श कर रही है। इसी वजह से बहुत से श्रद्धालुओं के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर व्रत किस दिन रखा जाना चाहिए। आइए वैदिक पंचांग की गणना और शास्त्रों में बताए गए नियमों की मदद से यह समझने की कोशिश करते हैं कि इस वर्ष योगिनी एकादशी का व्रत किस तारीख को रखना सबसे उपयुक्त होगा।

 

Yogini Ekadashi 2026 10 or 11 July Know the Correct Date Shubh Muhurat and Puja Vidhi
कब से कब तक रहेगी एकादशी तिथि? - फोटो : freepik

कब से कब तक रहेगी एकादशी तिथि?
वैदिक पंचांग के अनुसार आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर शुरू होगी। यह तिथि अगले दिन यानी 11 जुलाई 2026, शनिवार की सुबह 5 बजकर 23 मिनट तक बनी रहेगी, जिसके बाद द्वादशी तिथि लग जाएगी। तिथि के इसी दोहरे प्रभाव के चलते इस बार व्रत की तारीख को लेकर श्रद्धालुओं में असमंजस की स्थिति देखी जा रही है।
धर्म-शास्त्रों की जानकारी रखने वालों के अनुसार, इस वर्ष एक खास ज्योतिषीय संयोग बन रहा है । दोनों ही दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि पूरी तरह मौजूद नहीं रहेगी। 11 जुलाई को सूर्योदय से पहले ही एकादशी समाप्त होकर द्वादशी तिथि आरंभ हो जाएगी। शास्त्रों में इस स्थिति को एकादशी क्षय कहा जाता है। ऐसे संयोग में जब किसी भी दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि पूर्ण रूप से उपलब्ध न हो, तब पहले दिन ही व्रत रखने का विधान श्रेष्ठ माना गया है। इस हिसाब से गृहस्थ जीवन जीने वाले श्रद्धालुओं के लिए 10 जुलाई 2026, शुक्रवार को योगिनी एकादशी का व्रत रखना शास्त्र-सम्मत रहेगा। वहीं वैष्णव संप्रदाय की परंपरा का पालन करने वाले भक्त 11 जुलाई को व्रत रख सकते हैं।

Yogini Ekadashi 2026 10 or 11 July Know the Correct Date Shubh Muhurat and Puja Vidhi
योगिनी एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त - फोटो : adobe

योगिनी एकादशी 2026 का शुभ मुहूर्त 

विवरण समय
एकादशी तिथि प्रारंभ 10 जुलाई 2026, शुक्रवार, सुबह 8:10 बजे
एकादशी तिथि समाप्त 11 जुलाई 2026, शनिवार, सुबह 5:23 बजे
गृहस्थों के लिए व्रत 10 जुलाई 2026
वैष्णव संप्रदाय के लिए व्रत 11 जुलाई 2026
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Yogini Ekadashi 2026 10 or 11 July Know the Correct Date Shubh Muhurat and Puja Vidhi
योगिनी एकादशी व्रत के नियम - फोटो : adobe stock

व्रत विधि 

  • योगिनी एकादशी व्रत के नियम दशमी तिथि से ही शुरू हो जाते हैं।
  • दशमी के दिन केवल सात्विक भोजन करें।
  • तामसिक भोजन से पूरी तरह परहेज रखें।
  • मूंग, मसूर, गेहूं, जौ और बैंगन का सेवन न करें।
  • एकादशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त या सूर्योदय से पहले उठें।
  • स्नान कर स्वच्छ एवं साफ वस्त्र धारण करें।
  • भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें।
  • पूजा स्थान पर कलश स्थापित करें।
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र का विधिवत पूजन करें।
  • तुलसी दल, पीले पुष्प, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
  • विष्णु मंत्र, ॐ नमो भगवते वासुदेवाय का जप या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • दिनभर श्रद्धा, संयम और सात्विक आचरण बनाए रखें।
  • द्वादशी तिथि पर विधिपूर्वक पारण कर व्रत का समापन करें।
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योगिनी एकादशी व्रत के दौरान बरतें ये सावधानियां - फोटो : adobe stock

व्रत के दौरान बरतें ये सावधानियां

  • एकादशी और द्वादशी, दोनों दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना जाता है।
  • पूजा के लिए आवश्यक तुलसी दल एक दिन पहले ही तोड़कर रख लें।
  • एकादशी के दिन चावल का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • व्रती के साथ परिवार के अन्य सदस्यों को भी चावल खाने से परहेज करना चाहिए।
  • तुलसी और अन्न से जुड़े इन नियमों का पालन धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है।
  • मान्यता है कि इन नियमों का पालन करने से एकादशी व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है।
  • व्रत के दौरान सात्विकता, संयम और भगवान विष्णु के प्रति श्रद्धा बनाए रखें।
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