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February 2026 Bhadra Kaal: भद्रा काल में ये काम करना होता है वर्जित, जानें समय और नियम

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Tue, 27 Jan 2026 09:37 PM IST
सार

Bhadra Kaal: भद्रा काल को ज्योतिष में अशुभ समय माना गया है, जिसमें कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता। फरवरी महीने में लगने वाली भद्रा की सही तारीख और समय जानना जरूरी है ताकि विवाह, पूजा-पाठ और अन्य मांगलिक कार्यों की योजना सही तरीके से बनाई जा सके।
 

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Bhadra Kaal in February 2026 Know the Dos and Don’ts in hindi
bhadra kaal 2026 - फोटो : amar ujala

Do's And Dont's During Bhadra Kaal: हिंदू धर्म में भद्रा काल को अत्यंत अशुभ समय माना गया है। इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ या मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है, क्योंकि मान्यता है कि भद्रा में किए गए कार्यों से अपेक्षित शुभ फल प्राप्त नहीं होते। इसी कारण विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, नए व्यापार की शुरुआत और तीर्थ यात्रा जैसे कार्य इस काल में नहीं किए जाते। भद्रा को ज्योतिष में विष्टि करण के नाम से भी जाना जाता है और इसका विशेष महत्व पंचांग में बताया गया है।


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भद्रा काल की अवधि चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करती है और यह आमतौर पर 7 घंटे से लेकर 13 घंटे या उससे अधिक समय तक रह सकती है। ऐसे में किसी भी शुभ कार्य की योजना बनाने से पहले भद्रा की तिथि और समय जानना आवश्यक हो जाता है। इस लेख में हम आपको फरवरी माह में लगने वाली भद्रा की सही तारीख और समय की जानकारी देंगे, साथ ही यह भी बताएंगे कि भद्रा कितने प्रकार की होती है और किस भद्रा में कौन से कार्य वर्जित या मान्य माने जाते हैं।
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भद्रा जिस लोक में स्थित होती है, उसका प्रभाव उसी लोक पर पड़ता है। - फोटो : adobe stock

भद्रा क्या है और इसका प्रभाव कैसे पड़ता है
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भद्रा बारह चंद्र राशियों के अनुसार तीनों लोकों-स्वर्ग लोक, पृथ्वी लोक (मृत्युलोक) और पाताल लोक में भ्रमण करती है। भद्रा जिस लोक में स्थित होती है, उसका प्रभाव उसी लोक पर पड़ता है। जब भद्रा स्वर्ग लोक में होती है, तब पृथ्वी पर रहने वाले लोगों पर उसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। मान्यता है कि जब चंद्रमा मेष, वृष, मिथुन और वृश्चिक राशि में होता है, तब भद्रा स्वर्ग लोक में निवास करती है। ऐसी स्थिति में भद्रा अशुभ नहीं मानी जाती और इस दौरान कुछ शुभ कार्य भी किए जा सकते हैं।

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Bhadra Kaal in February 2026 Know the Dos and Don’ts in hindi
जब भद्रा स्वर्ग लोक में होती है, तब शुभ कार्य करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं।

किस भद्रा में किए जा सकते हैं शुभ कार्य
स्वर्ग लोक की भद्रा को शुभ माना गया है। इस भद्रा का मुख ऊर्ध्वमुखी, यानी ऊपर की ओर होता है और इसका प्रभाव पृथ्वी लोक पर नहीं पड़ता। जब भद्रा स्वर्ग लोक में होती है, तब शुभ कार्य करने से सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। इसलिए हर भद्रा को अशुभ मानना सही नहीं होता, बल्कि यह देखना जरूरी होता है कि भद्रा किस लोक में स्थित है।

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धर्मग्रंथों के अनुसार पृथ्वी लोक की भद्रा सभी कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है। - फोटो : adobe stock

किस भद्रा में नहीं करने चाहिए शुभ कार्य
जब भद्रा मृत्युलोक यानी पृथ्वी लोक में स्थित होती है, तब इसे सबसे अधिक अशुभ माना जाता है। धर्मग्रंथों के अनुसार पृथ्वी लोक की भद्रा सभी कार्यों में बाधा उत्पन्न करती है। संस्कृत ग्रंथ पीयूषधारा में भी कहा गया है कि स्वर्ग लोक की भद्रा शुभ फल देती है, पाताल लोक की भद्रा धन लाभ कराती है, लेकिन पृथ्वी लोक में स्थित भद्रा सभी कार्यों का नाश करने वाली होती है। इसी कारण इस दौरान कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है।

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फरवरी 2026 में भद्रा की तारीख और समय - फोटो : adobe stock

फरवरी 2026 में भद्रा की तारीख और समय

भद्रा की तारीख भद्रा आरंभ (समय) भद्रा समाप्त (समय)
2 फरवरी 2026 दोपहर 3:37 बजे 3 फरवरी, सुबह 2:38 बजे
5 फरवरी 2026 रात 8:06 बजे 6 फरवरी, सुबह 6:57 बजे
9 फरवरी 2026 रात 12:35 बजे 9 फरवरी, सुबह 11:43 बजे
12 फरवरी 2026 सुबह 9:15 बजे रात 9:24 बजे
16 फरवरी 2026 रात 1:50 बजे दोपहर 3:02 बजे
19 फरवरी 2026 रात 10:24 बजे 20 फरवरी, सुबह 11:21 बजे
23 फरवरी 2026 दोपहर 1:40 बजे 24 फरवरी, रात 1:27 बजे
28 फरवरी 2026 शाम 5:08 बजे 1 मार्च, सुबह 3:59 बजे



डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।
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