Kamada Ekadashi 2026: कामदा एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित सबसे महत्वपूर्ण एकादशियों में से एक है। यह चैत्र माह के शुक्ल पक्ष को पड़ती है। यह एकादशी आमतौर पर मार्च या अप्रैल के महीनों में आती है। कामदा नाम का अर्थ है इच्छाओं को पूरा करने वाली। यानी इस एकादशी पर जो भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की आराधना करता है उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं। हालांकि यह केवल भौतिक वस्तुओं को प्राप्त करने से संबंधित नहीं है। वराह पुराण में कामदा एकादशी के महत्व का वर्णन किया गया है। इसमें भगवान कृष्ण राजा युधिष्ठिर को बताते हैं कि यह पवित्र दिन वास्तव में कितना गहरा और महत्वपूर्ण है।
कामदा एकादशी आज, जानें पूजा विधि, चालीसा, आरती ,मंत्र और पारण का समय
कामदा एकादशी चैत्र माह के शुक्ल पक्ष को पड़ती है। कामदा नाम का अर्थ है इच्छाओं को पूरा करने वाली। यानी इस एकादशी पर जो भी पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की आराधना करता है उसकी सभी मनोकामना पूरी होती हैं।
कामदा एकादशी तिथि
एकादशी तिथि प्रारंभ 28 मार्च 2026, सुबह 08:45 बजे
एकादशी तिथि समाप्त 29 मार्च 2026, सुबह 07:46 बजे
उदयातिथि के अनुसार व्रत की तिथि 29 मार्च है।
कामदा एकादशी कैसे मनाएं
- एकादशी के दिन भगवान विष्णु का पूजन किया जाता है।
- व्रत के एक दिन पहले एक बार भोजन करके भगवान का स्मरण किया जाता है।
- कामदा एकादशी व्रत के दिन ब्रह्ममुहूर्त में स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं।
- इसके बाद साफ कपड़े पहनकर व्रत का संकल्प लें।
- व्रत का संकल्प लेने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करें।
- भगवान विष्णु की पूजा में फल, फूल, दूध, तिल और पंचामृत आदि सामग्री का प्रयोग करना चाहिए।
- एकादशी व्रत की कथा सुनने का भी विशेष महत्व है।
- द्वादशी के दिन ब्राह्मण को भोजन कराने के बाद दक्षिणा देकर विदा करें।
कामदा एकादशी के लाभ
- कामदा एकादशी का व्रत जिस भी कामना से किया जाता है वो अवश्य ही पूरा होता है।
- पारिवारिक जीवन की समस्याएं भी खत्म हो जाती हैं।
- कामदा एकादशी को सांसारिक कामनाएं पूरी करने वाला व्रत माना गया है।
कामदा एकादशी पारण समय
कामदा एकादशी व्रत का पारण हमेशा द्वादशी तिथि में किया जाता है।
पारण का समय : 30 मार्च प्रातः 06 बजकर 14 मिनट से प्रातः 07 बजकर 09 मिनट के बीच करना शुभ रहेगा।

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