फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Kamika Ekadashi Vrat Katha: कामिका एकादशी पर पढ़ें यह कथा, दूर होंगे संकट और जीवन में आएगी शुभता

Sat, 08 Aug 2026 03:46 PM IST
श्वेता सिंह धर्म डेस्क, अमर उजाला
धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Sat, 08 Aug 2026 03:46 PM IST
सार

Kamika Ekadashi Vrat Katha: 9 अगस्त 2026 को कामिका एकादशी का व्रत रखा जाएगा। भगवान विष्णु को समर्पित इस एकादशी पर व्रत और पूजा के साथ कथा सुनने-पढ़ने का भी विशेष महत्व माना जाता है। जानें कामिका एकादशी की पौराणिक कथा और इसका धार्मिक महत्व।

विज्ञापन
Kamika Ekadashi Vrat Katha 2026 Know the Vrat Katha and Its Religious Significance
कामिका एकादशी व्रत कथा - फोटो : amarujala

Kamika Ekadashi Vrat Katha: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। सावन मास की कामिका एकादशी का भी अपना धार्मिक महत्व है। साल 2026 में कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त को रखा जाएगा। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से नकारात्मकता दूर होती है और जीवन में शुभता आती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, व्रत के साथ कामिका एकादशी की कथा का श्रवण या पाठ करना भी पुण्यकारी माना गया है। आइए जानते हैं कामिका एकादशी से जुड़ी पौराणिक कथा।

Kamika Ekadashi Vrat Katha 2026 Know the Vrat Katha and Its Religious Significance
कामिका एकादशी व्रत कथा - फोटो : adobe stock

कामिका एकादशी व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक गांव में एक शक्तिशाली क्षत्रिय रहता था। उसका स्वभाव कुछ क्रोधी था। एक दिन किसी बात को लेकर उसका एक ब्राह्मण से विवाद हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि संघर्ष के दौरान ब्राह्मण की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद क्षत्रिय को अपने किए पर गहरा पश्चाताप हुआ और उसे ब्रह्महत्या के दोष का भय सताने लगा। वह ब्राह्मण के अंतिम संस्कार में शामिल होकर प्रायश्चित करना चाहता था, लेकिन वहां मौजूद ब्राह्मणों ने उसे रोक दिया। उन्होंने कहा कि पहले उसे अपने पाप का प्रायश्चित करना होगा। क्षत्रिय ने उनसे मुक्ति का उपाय पूछा।
ब्राह्मणों ने उसे बताया कि सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को भगवान विष्णु का श्रद्धापूर्वक पूजन करते हुए व्रत रखना चाहिए। साथ ही जरूरतमंदों और ब्राह्मणों को यथाशक्ति दान देना चाहिए। उन्होंने उसे भगवान विष्णु की शरण में जाने और पूरे मन से प्रायश्चित करने की सलाह दी। क्षत्रिय ने बताए गए नियमों के अनुसार कामिका एकादशी का व्रत रखा। उसने भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की और पूरी श्रद्धा के साथ उनकी आराधना की। पूजा में तुलसी दल अर्पित किया और अपने अपराध के लिए सच्चे मन से पश्चाताप किया।
कथा के अनुसार, उसकी भक्ति और प्रायश्चित से भगवान विष्णु प्रसन्न हुए और उसे उसके पाप से मुक्ति का आशीर्वाद मिला। इसके बाद उसके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया और वह धार्मिक एवं सदाचारी जीवन की ओर बढ़ने लगा। इसी कारण कामिका एकादशी को पापों से मुक्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने वाली एकादशी के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है।

Kamika Ekadashi Vrat Katha 2026 Know the Vrat Katha and Its Religious Significance
कामिका एकादशी की कथा क्यों पढ़ें? - फोटो : Adobe Stock

कामिका एकादशी की कथा क्यों पढ़ें?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामिका एकादशी की कथा का श्रवण या पाठ व्रत के आध्यात्मिक पक्ष को पूरा करने वाला माना जाता है। यह कथा व्यक्ति को अपने कर्मों पर विचार करने, गलतियों का प्रायश्चित करने और भगवान विष्णु की भक्ति में मन लगाने का संदेश देती है। कामिका एकादशी का मुख्य संदेश यही है कि सच्ची श्रद्धा, आत्मचिंतन और सद्कर्मों के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Kamika Ekadashi Vrat Katha 2026 Know the Vrat Katha and Its Religious Significance
कामिका एकादशी पर तुलसी का महत्व - फोटो : Adobe Stock

कामिका एकादशी पर तुलसी का महत्व
कामिका एकादशी की पूजा में तुलसी दल को विशेष स्थान दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं में तुलसी को भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु को तुलसी अर्पित कर उनकी पूजा करते हैं। मान्यता है कि भक्ति और श्रद्धा के साथ तुलसी अर्पित करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और प्रचलित पौराणिक कथाओं पर आधारित है। अलग-अलग परंपराओं और ग्रंथों में कथा के विवरण में अंतर मिल सकता है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed