सावन का महीना भगवान शिव की उपासना के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस पूरे मास में की गई शिव आराधना कई गुना अधिक फलदायी होती है। भक्त इस दौरान जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, पंचामृत, बेलपत्र, धतूरा और विभिन्न पुष्प अर्पित कर भोलेनाथ को प्रसन्न करने का प्रयास करते हैं। शिव पुराण में उल्लेख मिलता है कि भगवान शिव को श्रद्धापूर्वक अर्पित किए गए प्रत्येक पुष्प का अपना अलग आध्यात्मिक महत्व और फल है। मान्यता है कि अलग-अलग पुष्प अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति का माध्यम बनते हैं। आइए जानते हैं कि कौन-सा पुष्प किस कामना के लिए भगवान शिव को अर्पित किया जाता है।
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Sawan 2026: सावन में इन फूलों से करें भगवान शिव का श्रृंगार, पूरी होंगी हर मनोकामनाएं और मिलेगा आशीर्वाद
सार
सावन का महीना भगवान शिव जी की आराधना के लिए सबसे पवित्र और शुभ माना जाता है। इस पूरे महीने शिवलिंग पर जलाभिषेक और उनके प्रिय फूलों से श्रृंगार करने का विशेष महत्व होता है।
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सावन में शिवजी का फूलों से श्रृंगार करने का महत्व
- फोटो : अमर उजाला
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Sawan Month Special 2026
- फोटो : अमर उजाला AI
मंदार का पुष्प
शिवजी को मंदार (मदार) का पुष्प अर्पित करने से बल, बुद्धि और धन की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि यह पुष्प रोगों और शत्रुओं के भय को दूर करता है। विशेष रूप से मदार के फूल चढ़ाने से नेत्र और हृदय संबंधी स्वास्थ्य में शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता भी बताई गई है।
कनेर
कनेर के पुष्प भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माने गए हैं। शिव पुराण के अनुसार इनसे पूजा करने पर भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही उत्तम वस्त्र एवं सम्मान की प्राप्ति का भी उल्लेख मिलता है।
धतूरा
धतूरा भगवान शिव का अत्यंत प्रिय अर्पण माना जाता है। मान्यता है कि धतूरे के पुष्प चढ़ाने से भय, चिंता और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। साथ ही विषैले जीवों के भय से भी सुरक्षा प्राप्त होने का धार्मिक विश्वास है।
शिवजी को मंदार (मदार) का पुष्प अर्पित करने से बल, बुद्धि और धन की प्राप्ति होती है। धार्मिक मान्यता है कि यह पुष्प रोगों और शत्रुओं के भय को दूर करता है। विशेष रूप से मदार के फूल चढ़ाने से नेत्र और हृदय संबंधी स्वास्थ्य में शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता भी बताई गई है।
कनेर
कनेर के पुष्प भगवान शिव को अत्यंत प्रिय माने गए हैं। शिव पुराण के अनुसार इनसे पूजा करने पर भक्त की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त होती है। साथ ही उत्तम वस्त्र एवं सम्मान की प्राप्ति का भी उल्लेख मिलता है।
धतूरा
धतूरा भगवान शिव का अत्यंत प्रिय अर्पण माना जाता है। मान्यता है कि धतूरे के पुष्प चढ़ाने से भय, चिंता और नकारात्मक शक्तियों से रक्षा होती है। साथ ही विषैले जीवों के भय से भी सुरक्षा प्राप्त होने का धार्मिक विश्वास है।
सावन में शिव जी की पूजा का महत्व
- फोटो : AI
आक के पुष्प
आक के पुष्पों से भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धापूर्वक इन्हें अर्पित करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है तथा परिवार में सुख, शांति और सौहार्द बना रहता है।
चमेली
चमेली के सुगंधित पुष्प भगवान शिव को अर्पित करने से मन को शांति और सुकून मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति प्रसन्नचित्त रहता है। साथ ही वाहन सुख की प्राप्ति भी होती है।
आक के पुष्पों से भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धापूर्वक इन्हें अर्पित करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है तथा परिवार में सुख, शांति और सौहार्द बना रहता है।
चमेली
चमेली के सुगंधित पुष्प भगवान शिव को अर्पित करने से मन को शांति और सुकून मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे मानसिक तनाव कम होता है और व्यक्ति प्रसन्नचित्त रहता है। साथ ही वाहन सुख की प्राप्ति भी होती है।
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Shivling Puja Vidhi
- फोटो : freepik
बिल्वपत्र
भगवान शिव की पूजा बिल्वपत्र के बिना अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि बिल्वपत्र अर्पित करने से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। शिव पुराण में उल्लेख मिलता है कि एक लाख बिल्वपत्र श्रद्धापूर्वक अर्पित करने वाला साधक अपनी काम्य वस्तुओं की प्राप्ति करता है।
भगवान शिव की पूजा बिल्वपत्र के बिना अधूरी मानी जाती है। शास्त्रों में कहा गया है कि बिल्वपत्र अर्पित करने से पापों का क्षय होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। शिव पुराण में उल्लेख मिलता है कि एक लाख बिल्वपत्र श्रद्धापूर्वक अर्पित करने वाला साधक अपनी काम्य वस्तुओं की प्राप्ति करता है।
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Shivling Par Kya Chadhana Chahiye
- फोटो : अमर उजाला AI
कमल
कमल का पुष्प अर्पित करने से धन, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है। साथ ही यह पूजा साधक को आध्यात्मिक उन्नति की ओर भी अग्रसर करती है।
नीलकमल
नीलकमल भगवान शिव को अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे अद्भुत साहस, आत्मबल और आध्यात्मिक जागृति प्राप्त होती है। यह साधक को जीवन में ऊँचे लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा भी देता है।
कमल का पुष्प अर्पित करने से धन, वैभव और समृद्धि की प्राप्ति होने की मान्यता है। साथ ही यह पूजा साधक को आध्यात्मिक उन्नति की ओर भी अग्रसर करती है।
नीलकमल
नीलकमल भगवान शिव को अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इससे अद्भुत साहस, आत्मबल और आध्यात्मिक जागृति प्राप्त होती है। यह साधक को जीवन में ऊँचे लक्ष्य प्राप्त करने की प्रेरणा भी देता है।