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Kark Sankranti 2022: इस दिन है कर्क संक्रांति, जानिए तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता सिंह Updated Fri, 08 Jul 2022 06:01 PM IST
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Kark Sankranti 2022 Date Puja Vidhi Shubh Muhurat And Importance In Hindi
इस दिन है कर्क संक्रांति - फोटो : iStock
Kark Sankranti 2022:  संक्रांति का अर्थ है सूर्य का एक राशि से दूसरी राशि में परिवर्तन। कर्क संक्रांति भगवान सूर्य की दक्षिणी यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। दक्षिणायन, जो छह महीने का होता है, कर्क संक्रांति से शुरू होता है। कर्क संक्रांति मकर संक्रांति का प्रतिपक्ष है और दान की गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसा माना जाता है कि छह महीने के इस चरण के दौरान देवता सो जाते हैं। इस दिन, भक्त महाविष्णु को ध्यान में रखते हुए उपवास रखते हैं और भगवान की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद लेते हैं। देव शयनी कर्क संक्रांति के दिनों में आती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन अन्न और वस्त्र दान करना बहुत फलदायी होता है। इस दिन श्री विष्णु के साथ सूर्यदेव की आराधना करनी चाहिए।  इस वर्ष कर्क संक्रांति 16 जुलाई 2022 शनिवार को मनाई जाएगी। आइए जानते हैं कर्क संक्रांति की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व 
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Kark Sankranti 2022 Date Puja Vidhi Shubh Muhurat And Importance In Hindi
इस दिन है कर्क संक्रांति - फोटो : Pixabay

कर्क संक्रांति 2022 तिथि 
कर्क संक्रांति 16 जुलाई, शनिवार को मनाई जाएगी।
कर्क संक्रांति पुण्य काल:  16 जुलाई, शनिवार, दोपहर 12:28 से सायं  06:45 बजे तक है
कर्क संक्रांति महा पुण्य काल: 16 जुलाई, शनिवार सायं 04:40 से सायं 06:45 बजे तक है

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Kark Sankranti 2022 Date Puja Vidhi Shubh Muhurat And Importance In Hindi
इस दिन है कर्क संक्रांति - फोटो : अमर उजाला

कर्क संक्रांति का महत्व
कर्क संक्रांति श्रावण मास के आरंभ का प्रतीक माना जाता है। इस दिन उत्तरायण समाप्त होता है और दक्षिणायन शुरू होता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से भक्तों को जीवन के सभी परेशानियों से मुक्ति मिलती है। कर्क संक्रांति उन लोगों के लिए सबसे अनुकूल समय है जो अपने पितरों दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करने के लिए पितृ तर्पण करना चाहते हैं।

Kark Sankranti 2022 Date Puja Vidhi Shubh Muhurat And Importance In Hindi
कर्क संक्रांति पूजा विधि - फोटो : अमर उजाला

कर्क संक्रांति पूजा विधि
आइए जानते हैं कर्क संक्रांति 2022 की पूजा विधि के बारे में -

  • सबसे पहले सुबह उठकर दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर नदी में स्नान करना चाहिए।
  • स्नान के बाद भगवान सूर्य को अर्घ्य देते हुए सूर्य मंत्र का जाप करना चाहिए।
  • इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। 
  • पूजा के दौरान विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ किया जाता है। इससे भक्तों को शांति और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।
  • कर्क संक्रांति के दिन लोगों को विशेष रूप से ब्राह्मणों को अनाज, कपड़े और तेल आदि का दान करना चाहिए।
  • कर्क संक्रांति पर भगवान विष्णु के साथ-साथ सूर्य देव की भी आराधना की जाती है।
  • इस दिन कुछ भी नया या महत्वपूर्ण शुरू करने से बचना चाहिए बल्कि केवल पूजा, ध्यान, दान और सेवा के लिए है।
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