मातृ नवमी 2026: पितृ पक्ष में मातृ नवमी का दिन महिला पूर्वजों के श्राद्ध के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन परिवार की दिवंगत माताओं, दादी, नानी और अन्य महिला पूर्वजों का श्राद्ध और तर्पण किया जाता है। इस दिन पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के साथ-साथ कुछ नियमों का पालन करने की भी परंपरा है। इस साल मातृ नवमी 4 अक्तूबर को मनाई जाएगी। अगर आपके परिवार में इस दिन किसी महिला पूर्वज का श्राद्ध किया जाता है, तो पूजा-पाठ और श्राद्ध कर्म के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। मान्यता है कि श्राद्ध के दिन सात्विक आचरण और शुद्धता बनाए रखना जरूरी होता है। आइए जानते हैं मातृ नवमी के दिन किन कामों से बचने की सलाह दी जाती है।
मातृ नवमी के दिन इन 5 गलतियों से रहें दूर, जानें क्या मानते हैं धार्मिक नियम
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Thu, 01 Oct 2026 02:20 PM IST
सार
पितृ पक्ष में मातृ नवमी का दिन महिला पूर्वजों के श्राद्ध और तर्पण के लिए विशेष माना जाता है। इस दिन कुछ कामों से परहेज करने की धार्मिक मान्यता है। जानें मातृ नवमी पर किन गलतियों से बचना चाहिए।
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