सब्सक्राइब करें

Ratha Saptami 2026: कब है रथ सप्तमी? जानें सही तिथि, पूजा विधि और मंत्र

धर्म डेस्क, अमर उजाला Published by: श्वेता सिंह Updated Wed, 21 Jan 2026 12:18 AM IST
सार

Rath Saptami Importance: रथ सप्तमी माघ मास की सप्तमी तिथि का पवित्र पर्व है। यह सूर्य देव की पहली किरण के पृथ्वी पर आगमन के अवसर को दर्शाता है। इस दिन सूर्य देव की पूजा और व्रत करने से पाप नष्ट होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है। रथ सप्तमी को माघी सप्तमी, महती सप्तमी या पुत्र सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। भक्त इस दिन शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के अनुसार सूर्य देव की आराधना करते हैं।

विज्ञापन
When is Ratha Saptami 2026 Date Timing Muhurat and Puja Mantras
Rath Saptami 2026 - फोटो : amar ujala

Rath Saptami Kab Hai: माघ मास की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी के रूप में विशेष महत्व प्राप्त है। माना जाता है कि सृष्टि के आरंभ में सूर्य देव की पहली किरण इसी तिथि को पृथ्वी पर आई थी। रथ सप्तमी को माघी सप्तमी, महती सप्तमी, सप्त सप्तमी या पुत्र सप्तमी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान सूर्य का अवतरण हुआ था और इसे सूर्य पूजा का सबसे शुभ अवसर माना जाता है।


Budh Gochar 2026: बुध करेंगे शनि के घर प्रवेश, कुंभ सहित इन राशि वालों का चमक उठेगा भाग्य
रथ सप्तमी के दिन सूर्य देव की पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है और व्यक्ति को उत्तम लोक में स्थान प्राप्त होता है। पद्म पुराण और भविष्य पुराण में इस व्रत की महिमा का उल्लेख मिलता है। इस बार रथ सप्तमी कब है, इसका शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और मंत्र जानना भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि वे इस पवित्र अवसर का सही ढंग से लाभ उठा सकें।
Vastu Rules: क्या आप भी ऑफिस बैग में रखते हैं ये चीजें? बिगड़ सकते हैं बनते हुए काम, न करें ये गलती

Trending Videos
When is Ratha Saptami 2026 Date Timing Muhurat and Puja Mantras
Rath Saptami 2026 - फोटो : adobe stock

रथ सप्तमी 2026 कब है? 
पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि इस बार 24 जनवरी, शनिवार की रात 12 बजकर 40 मिनट से शुरू होगी और 25 जनवरी, रविवार की रात 11 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इसलिए, उदया तिथि के अनुसार रथ सप्तमी इस बार 25 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन स्नान, दान, व्रत और सूर्य देव की पूजा करना शास्त्र अनुसार अत्यंत शुभ माना जाता है।
इस बार रथ सप्तमी और भी विशेष है क्योंकि यह दिन सूर्य जयंती के साथ-साथ रविवार के दिन पड़ रहा है, जो स्वयं सूर्य देवता को समर्पित माना जाता है। इसलिए इस दिन किए गए सभी पूजा और व्रत का फल अत्यंत शुभ और लाभकारी माना जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
When is Ratha Saptami 2026 Date Timing Muhurat and Puja Mantras
Rath Saptami 2026 - फोटो : adobe stock

रथ सप्तमी 2026 स्नान और पूजा का शुभ मुहूर्त
रथ सप्तमी के दिन स्नान करने का सबसे उत्तम समय सुबह 5:32 बजे से 7:12 बजे तक रहेगा। वहीं, सूर्य देव की पूजा, दान और व्रत करने का शुभ मुहूर्त सुबह 11:13 बजे से 12:33 बजे तक रहेगा। इस समय अवधि में पूजा करना सबसे फलदायी माना जाता है और भक्तों को इसका अधिक लाभ प्राप्त होता है।

 

When is Ratha Saptami 2026 Date Timing Muhurat and Puja Mantras
Rath Saptami 2026 - फोटो : adobe stock

रथ सप्तमी पूजा विधि और मंत्र 

  • माघी सप्तमी के दिन सूर्योदय के बाद स्नान करना चाहिए। इसके लिए पहले आक के सात पत्ते और बेर के सात पत्ते लेकर तिल और तेल से भरे दीपक में रखें और उसे सिर पर रख लें। इसके बाद सूर्य देवता का ध्यान करते हुए गन्ने के जल को हल्के से हिलाकर दीपक को बहते जल में प्रवाहित कर दें।
  • दीपक बहाने से पहले "नमस्ते रुद्ररूपाय रसानां पतये नमः। वरुणाय नमस्तेऽस्तु" मंत्र का उच्चारण करें।
  • इसके बाद "यद् यज्जन्मकृतं पापं यच्च जन्मान्तरार्जितम..." मंत्र का जाप करते हुए गंगाजल या चरणामृत से स्नान करें। इससे पाप नष्ट होते हैं और मन, वचन और कर्म से हुई गलतियां क्षमा होती हैं।
  • सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए अक्षत, पुष्प, दूर्वा, जल, गंध और सात आक के पत्ते और बदरी पत्र का प्रयोग करें।
  • "सप्तसप्तिवह प्रीत सप्तलोकप्रदीपन, सप्तम्या सहितो देव गृहाणार्घ्य दिवाकर" और "जननी सर्वलोकानां सप्तमी सप्तसप्तिके, सप्तव्याहृतिके देवि नमस्ते सूर्यमण्डले" बोलते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दें।
  • यदि पास में सूर्य मंदिर हो तो वहीं बैठे और सूर्य भगवान की मूर्ति को अष्टदल कमल पर स्थापित करके संकल्प करें – "ममाखिलकामना-सिद्ध्यर्थे सूर्यनारायणप्रीतये च सूर्यपूजनं करिष्ये।" इसके बाद "ॐ सूर्याय नमः" या पुरुष सूक्तादि के मंत्रों से षोडशोपचार पूजा करें।
  • सप्तमी के दिन उपवास करके सूर्य पूजा करना विशेष लाभकारी माना जाता है। इस दिन रथ में सूर्य को स्थापित कर पूजा करने और प्रत्येक शुक्ल सप्तमी पर इसे दोहराने से जीवन के सात जन्मों के पाप दूर होते हैं। साथ ही, वर्ष के अंत में ब्राह्मण को दान करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

 

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

विज्ञापन
अगली फोटो गैलरी देखें
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें आस्था समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। आस्था जगत की अन्य खबरें जैसे पॉज़िटिव लाइफ़ फैक्ट्स,स्वास्थ्य संबंधी सभी धर्म और त्योहार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed