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सिडनी स्वीनी का स्पोर्ट्स एड बना बवाल की वजह: महिला एथलीटों ने जताई नाराजगी, पूछा- खेल बेचने का ये कैसा तरीका?
Tue, 15 Sep 2026 08:53 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 15 Sep 2026 08:53 AM IST
सार
सिडनी स्वीनी के स्पोर्ट्स विज्ञापन को लेकर महिला खिलाड़ियों ने नाराजगी जताई है। ओलंपिक चैंपियन एरियाने टिटमस समेत कई खिलाड़ियों ने सवाल उठाया कि महिला खेलों को बढ़ावा देने के लिए उनके शरीर और आकर्षण का सहारा क्यों लिया जा रहा है। खिलाड़ियों ने खेल की असली मेहनत और पहचान पर जोर दिया।
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सिडनी स्वीनी
- फोटो : Instagram
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अभिनेत्री सिडनी स्वीनी एक नए विज्ञापन को लेकर विवादों में घिर गई हैं। अमेरिका की स्पोर्ट्स प्रेडिक्शन कंपनी नोविग के लिए बनाए गए इस एड अभियान में स्वीनी को अलग-अलग खेलों के उपकरणों के साथ बेहद कम या बिना कपड़ों के दिखाया गया है। विज्ञापन में वह अमेरिकी फुटबॉल, टेनिस, बेसबॉल और बास्केटबॉल जैसे प्रॉम्प्ट्स के साथ नजर आती हैं। एक तस्वीर में वह बिना कपड़ों के बास्केटबॉल के ऊपर लेटी दिखाई देती हैं।
सिडनी स्वीनी
- फोटो : Instagram
महिला खिलाड़ियों ने पूछा- खेल को इस तरह दिखाने की जरूरत क्यों पड़ी?
विज्ञापन के खिलाफ सबसे मुखर आवाजों में ऑस्ट्रेलियाई सर्फर फेलिसिटी पाल्मेटियर रहीं। उन्होंने सीएनएन से बातचीत में कहा कि इस तरह का अभियान महिला खिलाड़ियों और खेलों से जुड़ने की कोशिश कर रही युवा लड़कियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। पाल्मेटियर ने कहा, 'पूरी तरह से अविश्वास और बेहद निराशा है। सिर्फ 42 सेकंड के विज्ञापन में आप महिला खेलों को कितने पीछे ले जा सकते हैं। यह खास तौर पर खेलों से जुड़ने वाली युवा लड़कियों, खेलों में मौजूद महिलाओं और महिलाओं के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसमें महिलाओं को जरूरत से ज्यादा दिखावटी तरीके से पेश किया गया है।'
उन्होंने महिला खिलाड़ियों की उस पुरानी मांग को भी सामने रखा, जिसमें खेल में महिलाओं की पहचान उनके प्रदर्शन से करने की बात कही जाती है। पाल्मेटियर ने कहा, 'हम चाहती हैं कि हमें इस बात के लिए महत्व दिया जाए कि हम क्या कर सकती हैं, न कि इस बात के लिए कि हम कैसी दिखती हैं।'
विज्ञापन के खिलाफ सबसे मुखर आवाजों में ऑस्ट्रेलियाई सर्फर फेलिसिटी पाल्मेटियर रहीं। उन्होंने सीएनएन से बातचीत में कहा कि इस तरह का अभियान महिला खिलाड़ियों और खेलों से जुड़ने की कोशिश कर रही युवा लड़कियों के लिए नुकसानदायक हो सकता है। पाल्मेटियर ने कहा, 'पूरी तरह से अविश्वास और बेहद निराशा है। सिर्फ 42 सेकंड के विज्ञापन में आप महिला खेलों को कितने पीछे ले जा सकते हैं। यह खास तौर पर खेलों से जुड़ने वाली युवा लड़कियों, खेलों में मौजूद महिलाओं और महिलाओं के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसमें महिलाओं को जरूरत से ज्यादा दिखावटी तरीके से पेश किया गया है।'
उन्होंने महिला खिलाड़ियों की उस पुरानी मांग को भी सामने रखा, जिसमें खेल में महिलाओं की पहचान उनके प्रदर्शन से करने की बात कही जाती है। पाल्मेटियर ने कहा, 'हम चाहती हैं कि हमें इस बात के लिए महत्व दिया जाए कि हम क्या कर सकती हैं, न कि इस बात के लिए कि हम कैसी दिखती हैं।'
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ओलंपिक तैराक एरियार्न टिटमस भी भड़कीं
ऑस्ट्रेलिया की ओलंपिक तैराक एरियार्न टिटमस ने भी सोशल मीडिया पर इस अभियान के खिलाफ प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह शुरुआत में इस विवाद को और ध्यान नहीं देना चाहती थीं, लेकिन विज्ञापन देखने के बाद चुप नहीं रह सकीं। टिटमस ने लिखा, 'मैं इसे देखकर कितनी गुस्से में हूं, इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती।'
उन्होंने महिला खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत और खेलों की मूल भावना का जिक्र करते हुए कहा, 'यह हर उस महिला के मुंह पर तमाचा है, जिसने अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर दी। यह हर उस महिला के लिए भी अपमानजनक है, जो खेलों को उसकी असली भावना- टीमवर्क, दोस्ती, समर्पण, उत्कृष्टता और एकता के लिए पसंद करती है।' टिटमस ने सवाल उठाया कि आज भी महिलाओं के शरीर और आकर्षण के जरिए पैसा कमाने और महिला खेलों को ग्लैमर के नजरिए से पेश करने की कोशिश क्यों की जा रही है।
ऑस्ट्रेलिया की ओलंपिक तैराक एरियार्न टिटमस ने भी सोशल मीडिया पर इस अभियान के खिलाफ प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह शुरुआत में इस विवाद को और ध्यान नहीं देना चाहती थीं, लेकिन विज्ञापन देखने के बाद चुप नहीं रह सकीं। टिटमस ने लिखा, 'मैं इसे देखकर कितनी गुस्से में हूं, इसे शब्दों में बयां नहीं कर सकती।'
उन्होंने महिला खिलाड़ियों की वर्षों की मेहनत और खेलों की मूल भावना का जिक्र करते हुए कहा, 'यह हर उस महिला के मुंह पर तमाचा है, जिसने अपने खेल को बेहतर बनाने के लिए पूरी जिंदगी समर्पित कर दी। यह हर उस महिला के लिए भी अपमानजनक है, जो खेलों को उसकी असली भावना- टीमवर्क, दोस्ती, समर्पण, उत्कृष्टता और एकता के लिए पसंद करती है।' टिटमस ने सवाल उठाया कि आज भी महिलाओं के शरीर और आकर्षण के जरिए पैसा कमाने और महिला खेलों को ग्लैमर के नजरिए से पेश करने की कोशिश क्यों की जा रही है।
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'सिडनी स्वीनी, महिला खिलाड़ी ऐसी दिखती हैं'
ऑस्ट्रेलियाई तैराक लानी पैलिस्टर ने विवाद को अपने पक्ष में इस्तेमाल करते हुए अपने प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और पदकों का वीडियो साझा किया। वीडियो पर लिखा था, 'पता नहीं सिडनी के हिसाब से खेल कैसा दिखता है, लेकिन खेल ऐसा दिखता है।' ब्रिटिश धाविका एमी हंट ने भी सीधे स्वीनी को संबोधित किया। रविवार को एथलेटिक्स की अल्टीमेट चैंपियनशिप में 200 मीटर में चौथे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने बीबीसी से कहा, 'सिडनी स्वीनी, महिला खिलाड़ी ऐसी दिखती हैं।'
हंट ने 200 मीटर में विजेता मेलिसा जेफरसन-वुडन के 21.47 सेकंड के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, '21.4 सेकंड। मांसपेशियों में दर्द। कड़ी मेहनत, खून, पसीना और आंसू...जब आप एक एथलीट महिला हैं, तो यह हमेशा सुंदर नहीं होता। यह हमेशा ग्लैमरस नहीं होता और निश्चित तौर पर हमेशा दिखावटी भी नहीं होता।'
ऑस्ट्रेलियाई तैराक लानी पैलिस्टर ने विवाद को अपने पक्ष में इस्तेमाल करते हुए अपने प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और पदकों का वीडियो साझा किया। वीडियो पर लिखा था, 'पता नहीं सिडनी के हिसाब से खेल कैसा दिखता है, लेकिन खेल ऐसा दिखता है।' ब्रिटिश धाविका एमी हंट ने भी सीधे स्वीनी को संबोधित किया। रविवार को एथलेटिक्स की अल्टीमेट चैंपियनशिप में 200 मीटर में चौथे स्थान पर रहने के बाद उन्होंने बीबीसी से कहा, 'सिडनी स्वीनी, महिला खिलाड़ी ऐसी दिखती हैं।'
हंट ने 200 मीटर में विजेता मेलिसा जेफरसन-वुडन के 21.47 सेकंड के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा, '21.4 सेकंड। मांसपेशियों में दर्द। कड़ी मेहनत, खून, पसीना और आंसू...जब आप एक एथलीट महिला हैं, तो यह हमेशा सुंदर नहीं होता। यह हमेशा ग्लैमरस नहीं होता और निश्चित तौर पर हमेशा दिखावटी भी नहीं होता।'
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बॉक्सर स्काई निकोलसन ने बताया- फर्क क्या है?
विश्व चैंपियन बॉक्सर स्काई निकोलसन ने भी विज्ञापन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'विवाद इस बात पर नहीं है कि महिला खिलाड़ी कैसी दिखती हैं, बल्कि मुद्दा यह है कि खेल को बेचने के लिए महिलाओं की खूबसूरती और शरीर का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है।' निकोलसन ने लिखा, 'खेल की वजह से आकर्षक दिखना अलग बात है और खेल बेचने के लिए महिलाओं के शरीर और आकर्षण का इस्तेमाल करना अलग। दोनों में बड़ा अंतर है।'
उन्होंने कहा, 'खेल करना और अच्छा दिखना गलत नहीं है। अपनी स्त्रीत्व को अपनाते हुए एक मजबूत एथलीट होना भी गलत नहीं है।' ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सर ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह का विज्ञापन महिला खेलों का मजाक बनाता है। उनके अलावा वॉटर पोलो की रजत पदक विजेता टिली कियर्न्स ने भी विज्ञापन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
विश्व चैंपियन बॉक्सर स्काई निकोलसन ने भी विज्ञापन पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'विवाद इस बात पर नहीं है कि महिला खिलाड़ी कैसी दिखती हैं, बल्कि मुद्दा यह है कि खेल को बेचने के लिए महिलाओं की खूबसूरती और शरीर का इस्तेमाल कैसे किया जा रहा है।' निकोलसन ने लिखा, 'खेल की वजह से आकर्षक दिखना अलग बात है और खेल बेचने के लिए महिलाओं के शरीर और आकर्षण का इस्तेमाल करना अलग। दोनों में बड़ा अंतर है।'
उन्होंने कहा, 'खेल करना और अच्छा दिखना गलत नहीं है। अपनी स्त्रीत्व को अपनाते हुए एक मजबूत एथलीट होना भी गलत नहीं है।' ऑस्ट्रेलियाई बॉक्सर ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह का विज्ञापन महिला खेलों का मजाक बनाता है। उनके अलावा वॉटर पोलो की रजत पदक विजेता टिली कियर्न्स ने भी विज्ञापन को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।