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सेल में सावधान: नकली वेबसाइट में पेमेंट कर फंस रहे लोग, सस्ती डील दिखाकर स्कैमर्स दे रहे झांसा, कैसे बचें?
Fri, 23 Oct 2026 07:01 AM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 23 Oct 2026 07:01 AM IST
सार
Festive Sale Scam: फेस्टिव सेल में सस्ते स्मार्टफोन और दूसरे प्रोडक्ट के ऑफर देखकर जल्दबाजी में क्लिक करना भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधी असली ब्रांड के लोगो, प्रोडक्ट की तस्वीरों और सेल के विज्ञापनों की नकल करके फर्जी वेबसाइट तक पहुंचा सकते हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर और साइबर दोस्त की ओर से साझा संदेश में ऐसे विज्ञापनों से सावधान रहने और खरीदारी से पहले ऑफर की जांच करने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन
फेस्टिव सेल को लगी स्कैमर्स की नजर।
- फोटो : अमर उजाला
त्योहारी सीजन में सस्ते स्मार्टफोन और दूसरे प्रोडक्ट के ऑफर देखकर जल्दबाजी में क्लिक करना भारी पड़ सकता है। साइबर अपराधी असली ब्रांड के लोगो, प्रोडक्ट की तस्वीरों और सेल के विज्ञापनों की नकल करके फर्जी वेबसाइट तक पहुंचा सकते हैं। इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर और साइबर दोस्त की ओर से साझा संदेश में ऐसे विज्ञापनों से सावधान रहने और खरीदारी से पहले ऑफर की जांच करने की सलाह दी गई है।
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सस्ते सामान का झांसा देखर लोगों को फंसा रहे स्कैमर्स।
- फोटो : एआई
असली लोगो और प्रोडक्ट की तस्वीरें देखकर न करें भरोसा
- फर्जी शॉपिंग विज्ञापनों में स्कैमर्स नामी कंपनियों के लोगो, प्रोडक्ट की तस्वीरों और सेल से जुड़े क्रिएटिव का इस्तेमाल कर सकते हैं। विज्ञापन पहली नजर में किसी असली ब्रांड या ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का लग सकता है, लेकिन उसके साथ दिया गया लिंक किसी नकली वेबसाइट पर ले जा सकता है।
- साइबर दोस्त द्वारा साझा किए गए पोस्टर में एक फर्जी सेल विज्ञापन का उदाहरण दिखाया गया है। इसमें Flipkart की Big Billion Days सेल जैसा डिजाइन इस्तेमाल किया गया है। विज्ञापन में iPhone 17 Pro Max (Cosmic Orange, 256GB) की कीमत 1,099 रुपये और Samsung Galaxy Z Flip5 5G (Pink, 256GB) की कीमत 1,276 रुपये दिखाई गई है। साथ ही मिक्सर ग्राइंडर 179 रुपये और छोटे पॉकेट साइज एयर पंप 99 रुपये में मिलने जैसे ऑफर भी दिखाए गए हैं। इसमें सीमित समय और कम स्टॉक का दबाव बनाने वाले संदेश भी हैं।
- इस पोस्टर के जरिए यह बताने की कोशिश की गई है कि बेहद कम कीमत और असली जैसी ब्रांडिंग देखकर किसी विज्ञापन पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। ये कीमतें पोस्टर में दिखाए गए उदाहरण का हिस्सा हैं, असली ऑफर नहीं।
असली जैसी दिखती है फर्जी वेबसाइट
- फोटो : फ्लिपकार्ट
खरीदारी से पहले इन 5 बातों का रखें ध्यान
1. URL और डोमेन चेक करें: किसी विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद वेबसाइट के पते को ध्यान से देखें। मिलते-जुलते नाम या संदिग्ध डोमेन वाली वेबसाइट से सावधान रहें।
2. ऑफर को आधिकारिक एप या वेबसाइट पर जांचें: विज्ञापन में दिए गए लिंक पर भरोसा करने के बजाय ब्रांड या शॉपिंग प्लेटफॉर्म की आधिकारिक एप खोलें या वेबसाइट का पता खुद टाइप करें। वहां ऑफर उपलब्ध है या नहीं, यह जरूर देखें।
3. ऑर्डर आधिकारिक सोर्स से ही करें: प्रोडक्ट खरीदने के लिए ब्रांड या भरोसेमंद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें। अनजान लिंक से ऑर्डर करने से बचें।
4. अनजान वेबसाइट पर एडवांस पेमेंट न करें: किसी संदिग्ध वेबसाइट पर पहले से पैसे मांगने पर भुगतान न करें। सिर्फ कम कीमत या ऑफर खत्म होने की जल्दबाजी में पेमेंट करने का फैसला न लें।
5. सेलर, रिव्यू और रिटर्न पॉलिसी जांचें: खरीदारी से पहले विक्रेता की जानकारी, ग्राहकों के रिव्यू और प्रोडक्ट लौटाने की शर्तें देखें। वेबसाइट पर ये जानकारियां साफ न हों या भरोसेमंद न लगें, तो खरीदारी से बचें।
1. URL और डोमेन चेक करें: किसी विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद वेबसाइट के पते को ध्यान से देखें। मिलते-जुलते नाम या संदिग्ध डोमेन वाली वेबसाइट से सावधान रहें।
2. ऑफर को आधिकारिक एप या वेबसाइट पर जांचें: विज्ञापन में दिए गए लिंक पर भरोसा करने के बजाय ब्रांड या शॉपिंग प्लेटफॉर्म की आधिकारिक एप खोलें या वेबसाइट का पता खुद टाइप करें। वहां ऑफर उपलब्ध है या नहीं, यह जरूर देखें।
3. ऑर्डर आधिकारिक सोर्स से ही करें: प्रोडक्ट खरीदने के लिए ब्रांड या भरोसेमंद ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के आधिकारिक माध्यमों का इस्तेमाल करें। अनजान लिंक से ऑर्डर करने से बचें।
4. अनजान वेबसाइट पर एडवांस पेमेंट न करें: किसी संदिग्ध वेबसाइट पर पहले से पैसे मांगने पर भुगतान न करें। सिर्फ कम कीमत या ऑफर खत्म होने की जल्दबाजी में पेमेंट करने का फैसला न लें।
5. सेलर, रिव्यू और रिटर्न पॉलिसी जांचें: खरीदारी से पहले विक्रेता की जानकारी, ग्राहकों के रिव्यू और प्रोडक्ट लौटाने की शर्तें देखें। वेबसाइट पर ये जानकारियां साफ न हों या भरोसेमंद न लगें, तो खरीदारी से बचें।
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फर्जी वेबसाइट में पेमेंट कर फंसते हैं लोग।
- फोटो : एआई
साइबर ठगी होने पर कहां करें शिकायत?
अगर किसी फर्जी शॉपिंग वेबसाइट या विज्ञापन के जरिए आपके साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत कार्रवाई करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके अलावा भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सबसे जरूरी बात यह है कि केवल ब्रांड का लोगो, प्रोडक्ट की तस्वीर या भारी डिस्काउंट देखकर किसी ऑफर को असली न मानें। वेबसाइट का पता जांचें, आधिकारिक ऐप पर ऑफर की पुष्टि करें और संदिग्ध लिंक या पेमेंट रिक्वेस्ट से दूर रहें।
अगर किसी फर्जी शॉपिंग वेबसाइट या विज्ञापन के जरिए आपके साथ साइबर ठगी होती है, तो तुरंत कार्रवाई करें। साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की रिपोर्ट करने के लिए 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें। इसके अलावा भारत सरकार के राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
ऑनलाइन खरीदारी के दौरान सबसे जरूरी बात यह है कि केवल ब्रांड का लोगो, प्रोडक्ट की तस्वीर या भारी डिस्काउंट देखकर किसी ऑफर को असली न मानें। वेबसाइट का पता जांचें, आधिकारिक ऐप पर ऑफर की पुष्टि करें और संदिग्ध लिंक या पेमेंट रिक्वेस्ट से दूर रहें।