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Mobile Tariff: पेट्रोल-डीजल की महंगाई का 'डबल अटैक'! जून में 15% तक महंगे हो सकते हैं मोबाइल रिचार्ज प्लान
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nitish Kumar
Updated Fri, 15 May 2026 05:27 PM IST
सार
देशभर में पेट्रोल और डीजल के दामों में 3 रुपये प्रति लीटर तक का इजाफा हो गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसका सीधा असर आपके मोबाइल बिल पर भी पड़ने वाला है? जी हां, फ्यूल महंगा होने से जून 2026 में मोबाइल टैरिफ भी महंगे हो सकते हैं। आइए समझते हैं पेट्रोल-डीजल और मोबाइल रिचार्ज का यह खास कनेक्शन।
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पेट्रोल पंप (सांकेतिक सस्वीर)
- फोटो : AI जनरेटेड
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महंगाई की मार एक बार फिर आम आदमी की जेब पर पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर गाड़ी चलाने वालों पर तो पड़ेगा ही। लेकिन, एक और बड़ा झटका जल्द आपकी जेब को लगने वाला है। आपका मोबाइल रिचार्ज भी अब महंगा हो सकता है।
समझें फ्यूल प्राइस से कनेक्शन
- फोटो : AI जनरेटेड
मोबाइल रिचार्ज से क्या है फ्यूल प्राइस का कनेक्शन?
आपको लग रहा होगा कि गाड़ी के तेल का मोबाइल रिचार्ज से क्या लेना-देना है? दरअसल, आपके फोन में नेटवर्क पहुंचाने वाले मोबाइल टावर बिजली और डीजल से ही चलते हैं।
ऑपरेटिंग कॉस्ट का बड़ा हिस्सा: एक मोबाइल टावर को चलाने में आने वाले कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ बिजली और ईंधन (फ्यूल) का होता है।
बढ़ेगा कंपनियों का खर्च: टावर को लगातार पावर देने के लिए डीजल का भारी इस्तेमाल होता है। डीजल महंगा होने से टेलीकॉम कंपनियों की लागत सीधे तौर पर बढ़ जाएगी।
करोड़ों का अतिरिक्त बोझ: बड़े पैमाने पर काम करने वाली इन कंपनियों को अब हर साल सिर्फ डीजल पर ही सैकड़ों करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
आपको लग रहा होगा कि गाड़ी के तेल का मोबाइल रिचार्ज से क्या लेना-देना है? दरअसल, आपके फोन में नेटवर्क पहुंचाने वाले मोबाइल टावर बिजली और डीजल से ही चलते हैं।
ऑपरेटिंग कॉस्ट का बड़ा हिस्सा: एक मोबाइल टावर को चलाने में आने वाले कुल खर्च का लगभग 40% हिस्सा सिर्फ बिजली और ईंधन (फ्यूल) का होता है।
बढ़ेगा कंपनियों का खर्च: टावर को लगातार पावर देने के लिए डीजल का भारी इस्तेमाल होता है। डीजल महंगा होने से टेलीकॉम कंपनियों की लागत सीधे तौर पर बढ़ जाएगी।
करोड़ों का अतिरिक्त बोझ: बड़े पैमाने पर काम करने वाली इन कंपनियों को अब हर साल सिर्फ डीजल पर ही सैकड़ों करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
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5G नेटवर्क और ग्लोबल सप्लाई चेन पर असर
समस्या सिर्फ 4G तक सीमित नहीं है। 5G टावर्स को चलाने के लिए पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली और डीजल की जरूरत होती है। इसलिए, 5G नेटवर्क को मैनेज करना कंपनियों के लिए और भी महंगा हो गया है। इसके अलावा, ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से भी टेलीकॉम कंपनियों का व्यापारिक खर्च लगातार बढ़ रहा है।
समस्या सिर्फ 4G तक सीमित नहीं है। 5G टावर्स को चलाने के लिए पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा बिजली और डीजल की जरूरत होती है। इसलिए, 5G नेटवर्क को मैनेज करना कंपनियों के लिए और भी महंगा हो गया है। इसके अलावा, ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही दिक्कतों की वजह से भी टेलीकॉम कंपनियों का व्यापारिक खर्च लगातार बढ़ रहा है।
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यूजर्स को लग सकता है तगड़ा झटका
- फोटो : AI जनरेटेड
जून में मोबाइल यूजर्स को लग सकता है तगड़ा झटका
टेलीकॉम कंपनियां (Jio, Airtel, Vi) पहले से ही भारतीय बाजार में टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही थीं। लेकिन अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी ने आग में घी का काम करेगा। रिपोर्ट्स की मानें तो जून में ही रिचार्ज प्लान्स 15% तक महंगे हो सकते हैं। जो टैरिफ बढ़ोतरी कुछ समय बाद होने वाली थी, कंपनियों की बढ़ती लागत को देखते हुए अब वह बहुत जल्द लागू हो सकती है।
अगर आने वाले महीनों में मोबाइल टैरिफ बढ़ते हैं, तो यूजर्स के लिए अभी लंबी वैलिडिटी वाले प्लान लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे कुछ समय तक बढ़े हुए रिचार्ज कीमतों से बचा जा सकेगा।
टेलीकॉम कंपनियां (Jio, Airtel, Vi) पहले से ही भारतीय बाजार में टैरिफ बढ़ाने की योजना बना रही थीं। लेकिन अब पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी ने आग में घी का काम करेगा। रिपोर्ट्स की मानें तो जून में ही रिचार्ज प्लान्स 15% तक महंगे हो सकते हैं। जो टैरिफ बढ़ोतरी कुछ समय बाद होने वाली थी, कंपनियों की बढ़ती लागत को देखते हुए अब वह बहुत जल्द लागू हो सकती है।
अगर आने वाले महीनों में मोबाइल टैरिफ बढ़ते हैं, तो यूजर्स के लिए अभी लंबी वैलिडिटी वाले प्लान लेना फायदेमंद साबित हो सकता है। इससे कुछ समय तक बढ़े हुए रिचार्ज कीमतों से बचा जा सकेगा।