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Divorce Rule: तलाक के समय गहने और उपहारों पर किसका हक होता है? जानें नियम

यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Fri, 17 Apr 2026 11:25 AM IST
सार

Divorce Jewelry Settlement Rules: तलाक के समय अक्सर पत्नी के गहनों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल होते हैं। आइए इस लेख में जानते हैं कि स्त्री को उपहार में मिले गहनों पर किसका अधिकार होता है?

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Divorce & Streedhan Rules Who Owns the Jewelry and Gifts After Separation Know Your Rights Under Indian Law
तलाक से समय स्त्रीधन पर किसका अधिकार होता है? - फोटो : AI
Streedhan Rights For Women India: तलाक की प्रक्रिया भावनात्मक रूप से काफी कठिन होती है। इसकी प्रक्रिया में संपत्ति और गहनों के बंटवारे को लेकर भी कई कानूनी दांवपेंच होते है, जिसकी वजह से अक्सर तलाक की प्रक्रिया अक्सर विवादित हो जाती है। अक्सर यह सवाल उठता है कि शादी में मिले सोने के जेवर, कीमती उपहार और नकदी पर किसका अधिकार है। भारतीय कानून में महिलाओं को सुरक्षा देने के लिए 'स्त्रीधन' की अवधारणा दी गई है।


हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम और विभिन्न अदालती फैसलों के अनुसार, शादी के पहले, शादी के दौरान या विदाई के समय एक महिला को जो भी उपहार मिलते हैं, वे उसकी निजी संपत्ति माने जाते हैं। कानूनी दिशा-निर्देशों के तहत, अब अदालतों ने स्त्रीधन की वापसी की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बना दिया है। अगर कोई पति या ससुराल पक्ष इन गहनों को जबरन अपने पास रखता है, तो इसे आपराधिक विश्वासघात माना जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि तलाक के समय किन-किन चीजों पर सिर्फ पत्नी का हक होता है।
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गहनें - फोटो : Adobe stock

किसे माना जाता है 'स्त्रीधन'?

  • स्त्रीधन में वह सब कुछ शामिल है जो महिला को उपहार स्वरूप मिला हो।
  • शादी के समय माता-पिता, भाई-बहनों या रिश्तेदारों द्वारा दिए गए गहने, कपड़े और नकदी।
  • पति या सास-ससुर द्वारा मुंह दिखाई या रस्मों के दौरान दिए गए जेवर।
  • महिला ने अपनी कमाई से जो भी गहने या संपत्ति खरीदी है, वह भी स्त्रीधन का हिस्सा है।
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तलाक के दौरान बंटवारे के नियम - फोटो : Adobe Stock

तलाक के दौरान बंटवारे के नियम

  • स्त्रीधन पर पत्नी का पूर्ण अधिकार होता है, पति इसका केवल संरक्षक हो सकता है, मालिक नहीं।
  • पति को उसके परिवार या दोस्तों से मिले व्यक्तिगत उपहारों पर पत्नी का हक नहीं होता।
  • अगर कोई संपत्ति (जैसे घर) दोनों के नाम पर है, तो उसका बंटवारा निवेश के अनुपात में होगा।
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दुष्कर्म के आरोपी को कठोर कारावास की सजा - फोटो : अमर उजाला

अगर ससुराल वाले गहने न लौटाएं

  • गहने न लौटाने पर पति और ससुराल वालों पर 'अमानत में ख्यानत' का मामला दर्ज किया जा सकता है।
  • इस कानून के तहत भी महिला अपने स्त्रीधन की वापसी की मांग कर सकती है।
  • तलाक की डिक्री के साथ ही कोर्ट गहनों की सूची के आधार पर वापसी का आदेश दे सकता है।
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सिंगल बैंक अकाउंट में रखें अपने गहनें - फोटो : Adobe Stock
सावधानी और जागरूकता
  • शादी में मिले सभी गहनों की एक सूची और उनकी फोटो संभाल कर रखें।
  • अगर संभव हो, तो गहनों की खरीद की रसीदें अपने पास रखें।
  • गहनों को जॉइंट लॉकर के बजाय अपने व्यक्तिगत लॉकर में रखना अधिक सुरक्षित होता है ताकि भविष्य में कोई कानूनी विवाद न हो।
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