रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते समय आपने एक चीज जरूर देखी होगी। प्लेटफॉर्म पर लगी डिजिटल घड़ी अक्सर 12 घंटे के बजाय 24 घंटे के फॉर्मेट में समय दिखाती है यानी रात के 8 बजे को 20:00 और रात के 11 बजे को 23:00 लिखा दिखाई देता है।
वहीं रात 12 बजे के लिए 00:00 का इस्तेमाल होता है। ऐसे में क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि रेलवे 12 घंटे वाली नहीं बल्कि, 24 घंटे वाली घडड़ी का इस्तेमाल क्यों करता है? चलिए जानते हैं इसके पीछे का कारण। आप आगे इस बारे में जान सकते हैं...
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रेलवे स्टेशन पर क्यों होती है 24 घंटे फॉर्मेट वाली घड़ी?
- फोटो : AI Generated
आखिर रेलवे 24 घंटे फॉर्मेट वाली घड़ियों का इस्तेमाल क्यों करता है?
- दरअसल, इसका सीधा संबंध ट्रेन संचालन और समय की सटीकता से है
- 24 घंटे वाले फॉर्मेट में AM और PM लिखने की जरूरत नहीं पड़ती
- ऐसे में 07:00 का मतलब सुबह 7 बजे और 19:00 का मतलब शाम 7 बजे होता है
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रेलवे स्टेशन पर क्यों होती है 24 घंटे फॉर्मेट वाली घड़ी?
- फोटो : AdobeStock
- इससे ट्रेन के आने-जाने का समय पढ़ते समय दिन और रात को लेकर भ्रम की संभावना कम होती है
- रेलवे के लिए यह खास तौर पर जरूरी है, क्योंकि ट्रेनें दिन और रात दोनों समय चलती हैं
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रेलवे स्टेशन पर क्यों होती है 24 घंटे फॉर्मेट वाली घड़ी?
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- अगर किसी समय को सिर्फ 8 बजे लिखा जाए, तो यह स्पष्ट करने के लिए AM या PM बताना पड़ेगा
- 24 घंटे के फॉर्मेट में 08:00 और 20:00 लिखने से समय तुरंत स्पष्ट हो जाता है
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- फोटो : AI Generated
ट्रेन संचालन में समय का बड़ा महत्व
- रेलवे में समय सिर्फ यात्रियों के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है बल्कि, ट्रेन संचालन में स्टेशन की घड़ी और निर्धारित समय का इस्तेमाल कर्मचारियों द्वारा भी किया जाता है
- भारतीय रेलवे के नियमों में ट्रेनों के संचालन के लिए सरकार द्वारा निर्धारित Standard Time का पालन करने की बात कही गई है
- नियमों के अनुसार, ट्रेन के रवाना होने से पहले गार्ड अपनी घड़ी स्टेशन की घड़ी या अधिकृत घड़ी के अनुसार सेट करता है
- इसके बाद यही समय ट्रेन के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है