ऑनलाइन शॉपिंग में सामान पसंद न आने या खराब निकलने पर उसे वापस करना आम बात है। रिटर्न स्वीकार होने के बाद ग्राहक को रिफंड का इंतजार रहता है। कई बार बैंक अकाउंट में पैसे नजर नहीं आते तो लगता है कि कंपनी ने रिफंड किया ही नहीं। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। रिफंड की जानकारी देखने के लिए सिर्फ बैंक अकाउंट चेक करना ही काफी नहीं है। कुछ और चीजें भी देखनी जरूरी हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं।
2 of 5
शादी होते ही संभाल लें ये कागज
- फोटो : Adobe Stock
रिफंड का स्टेटस सबसे पहले चेक करें
सामान वापस करने के बाद सबसे पहले उस ऑनलाइन शॉपिंग ऐप या वेबसाइट पर जाकर ऑर्डर की डिटेल खोलें। यहां रिटर्न और रिफंड का स्टेटस देखें। अगर वहां रिफंड प्रोसेस्ड या जारी होने की जानकारी दी गई है तो रिफंड की तारीख भी देख लें। कई प्लेटफॉर्म रिफंड की एक अनुमानित तारीख भी बताते हैं। तय समय पूरा होने से पहले घबराने की जरूरत नहीं है।
3 of 5
शादी होते ही संभाल लें ये कागज
- फोटो : AI Generated
रिफंड रेफरेंस नंबर संभालकर रखें
अगर कंपनी ने रिफंड जारी कर दिया है तो कई बार उसके साथ एक रिफंड रेफरेंस नंबर, ट्रांजेक्शन आईडी या दूसरी जानकारी दी जाती है। इसे नोट कर लें। बैंक से रिफंड की जानकारी लेते समय यही नंबर काफी काम आ सकता है। सिर्फ खाते में पैसे नहीं दिख रहे हैं, इतना बताने के बजाय बैंक को यह जानकारी देना ज्यादा उपयोगी रहता है।
4 of 5
शादी होते ही संभाल लें ये कागज
- फोटो : Adobe stock
बैंक स्टेटमेंट में सिर्फ एक जगह न देखें
कई लोग मोबाइल बैंकिंग ऐप में केवल खाते का मौजूदा बैलेंस देखते हैं। ऐसा करने के बजाय बैंक स्टेटमेंट या ट्रांजेक्शन हिस्ट्री खोलकर देखें। रिफंड की एंट्री वहां अलग नाम या किसी मर्चेंट के नाम से दिखाई दे सकती है। जिस खाते या कार्ड से पेमेंट किया था, उसी की स्टेटमेंट चेक करना जरूरी है।
5 of 5
शादी होते ही संभाल लें ये कागज
- फोटो : Adobe Stock
कार्ड से पेमेंट किया था तो कार्ड भी चेक करें
अगर सामान खरीदते समय डेबिट या क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल किया था तो रिफंड का तरीका पेमेंट के हिसाब से अलग दिख सकता है। क्रेडिट कार्ड के मामले में रिफंड कार्ड अकाउंट में क्रेडिट के तौर पर दिख सकता है। आरबीआई के नियमों के मुताबिक, कुछ परिस्थितियों में पहले से चुकाए गए कार्ड लेनदेन का रिफंड बैंक खाते में भी क्रेडिट किया जा सकता है।
रिफंड अटका हो तो शिकायत करें
अगर कंपनी की ओर से रिफंड जारी होने की जानकारी मिल चुकी है और बताई गई समय सीमा भी बीत गई है, तो पहले कंपनी के कस्टमर सपोर्ट से संपर्क करें। उन्हें ऑर्डर नंबर और रिफंड रेफरेंस नंबर दें। अगर पेमेंट यूपीआई से हुआ था, तो संबंधित यूपीआई ऐप में ट्रांजेक्शन हिस्ट्री देखकर शिकायत का विकल्प भी इस्तेमाल किया जा सकता है। एनपीसीआई के मुताबिक, यूपीआई से जुड़ी शिकायतों के लिए ट्रांजेक्शन हिस्ट्री से शिकायत की स्थिति भी देखी जा सकती है।