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Summer Business Idea: मार्च के महीने में खेतों में लगाएं ये सब्जियां, गर्मी के मौसम में होगी बंपर कमाई
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:49 PM IST
सार
Seasonal Vegetable Planting In March: अगर आप सब्जियों की मदद से बंपर कमाई करना चाहते हैं तो पहले ये जान लें कि मार्च में कौन-कौन सी सब्जियां उगाई जा सकती हैं।
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मार्च के महीने में कौन सी सब्जियां उगा सकते हैं?
- फोटो : Adobe Stock
Which Vegetables Can Be Grown in March: मार्च का महीना खेती के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस समय मौसम धीरे-धीरे गर्म होता है और खेतों में नई फसलें उगाने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनती हैं। यदि किसान सही फसल चुनें और समय पर बुवाई करें, तो गर्मियों में अच्छी पैदावार और बंपर आमदनी सुनिश्चित की जा सकती है।
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मार्च के महीने में कौन सी सब्जियां उगा सकते हैं?
- फोटो : Freepik.com
मार्च के महीने में कौन सी सब्जियां उगा सकते हैं?
मार्च में किसानों के लिए कई सब्जियों की बुवाई का अनुकूल समय होता है। इस महीने टमाटर, शिमला मिर्च, बैगन, खीरा, लौकी, तोरी, पालक, मेथी, मूली और हरी मिर्च जैसी सब्जियां बोई जा सकती हैं। इन सब्जियों की खेती मौसम और मिट्टी की नमी के अनुसार अच्छी पैदावार देती है, जिससे गर्मियों में किसानों को लाभ मिलता है।
मार्च में किसानों के लिए कई सब्जियों की बुवाई का अनुकूल समय होता है। इस महीने टमाटर, शिमला मिर्च, बैगन, खीरा, लौकी, तोरी, पालक, मेथी, मूली और हरी मिर्च जैसी सब्जियां बोई जा सकती हैं। इन सब्जियों की खेती मौसम और मिट्टी की नमी के अनुसार अच्छी पैदावार देती है, जिससे गर्मियों में किसानों को लाभ मिलता है।
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मार्च के महीने में कौन सी सब्जियां उगा सकते हैं?
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
कहां उगानी चाहिए ये सब्जियां?
टमाटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों के लिए गमले या प्लास्टिक टनल का उपयोग करना फायदेमंद होता है। इससे पौधों को बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है और पौधों पर कीट या बीमारी का खतरा कम होता है।
टमाटर और शिमला मिर्च जैसी सब्जियों के लिए गमले या प्लास्टिक टनल का उपयोग करना फायदेमंद होता है। इससे पौधों को बढ़ने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है और पौधों पर कीट या बीमारी का खतरा कम होता है।
मार्च के महीने में कौन सी सब्जियां उगा सकते हैं?
- फोटो : Freepik.com
इन बातों का खास ध्यान रखें
बैगन, लौकी और तोरी की बुवाई करते समय मिट्टी में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है। नियमित सिंचाई और खाद का संतुलित उपयोग करने से पौधों की वृद्धि सही ढंग से होती है और उत्पादन अधिक मिलता है।
पालक, मेथी और मूली जैसी पत्तेदार सब्जियों की पैदावार जल्दी होती है और इन्हें बाजार में जल्दी बेचकर अच्छी कीमत मिल सकती है। हरी मिर्च और खीरा की खेती में भी समय-समय पर पानी देना और खाद देना जरूरी है ताकि पौधे स्वस्थ रहें और पैदावार बढ़े।
बैगन, लौकी और तोरी की बुवाई करते समय मिट्टी में नमी बनाए रखना बहुत जरूरी है। नियमित सिंचाई और खाद का संतुलित उपयोग करने से पौधों की वृद्धि सही ढंग से होती है और उत्पादन अधिक मिलता है।
पालक, मेथी और मूली जैसी पत्तेदार सब्जियों की पैदावार जल्दी होती है और इन्हें बाजार में जल्दी बेचकर अच्छी कीमत मिल सकती है। हरी मिर्च और खीरा की खेती में भी समय-समय पर पानी देना और खाद देना जरूरी है ताकि पौधे स्वस्थ रहें और पैदावार बढ़े।
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मार्च के महीने में कौन सी सब्जियां उगा सकते हैं?
- फोटो : Adobe Stock
खेती से बंपर कमाई कैसे करें
इन सब्जियों को उगाने के बाद उन्हें सही समय पर काटकर स्थानीय बाजार, मंडी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेच सकते हैं। समय पर कटाई करने से ताजगी बनी रहती है और कीमत अधिक मिलती है। जैविक उर्वरक और कीट नियंत्रण के सही उपाय अपनाने से पैदावार में वृद्धि होती है और उत्पादन लागत कम रहती है।
डिसक्लेमर- यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन और कृषि-संबंधित सुझावों के लिए प्रदान की गई है। खेती की परिस्थितियां जैसे मिट्टी की गुणवत्ता, मौसम, पानी की उपलब्धता और बीज की किस्म के अनुसार पैदावार में भिन्नता हो सकती है। किसान स्वयं अपनी स्थिति के अनुसार उपयुक्त उपाय और समय का चयन करें। इस लेख में बताई गई विधियाँ और सुझाव स्थानीय कृषि अधिकारियों या विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं हैं। किसी भी प्रकार के कीट, बीमारी, या प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी पूरी तरह किसान की होगी। खेतों में उपयोग किए जाने वाले उर्वरक, कीटनाशक या अन्य रसायनों का प्रयोग निर्माता के निर्देश और सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार करें।
इन सब्जियों को उगाने के बाद उन्हें सही समय पर काटकर स्थानीय बाजार, मंडी या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेच सकते हैं। समय पर कटाई करने से ताजगी बनी रहती है और कीमत अधिक मिलती है। जैविक उर्वरक और कीट नियंत्रण के सही उपाय अपनाने से पैदावार में वृद्धि होती है और उत्पादन लागत कम रहती है।
डिसक्लेमर- यह जानकारी केवल सामान्य मार्गदर्शन और कृषि-संबंधित सुझावों के लिए प्रदान की गई है। खेती की परिस्थितियां जैसे मिट्टी की गुणवत्ता, मौसम, पानी की उपलब्धता और बीज की किस्म के अनुसार पैदावार में भिन्नता हो सकती है। किसान स्वयं अपनी स्थिति के अनुसार उपयुक्त उपाय और समय का चयन करें। इस लेख में बताई गई विधियाँ और सुझाव स्थानीय कृषि अधिकारियों या विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं हैं। किसी भी प्रकार के कीट, बीमारी, या प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी पूरी तरह किसान की होगी। खेतों में उपयोग किए जाने वाले उर्वरक, कीटनाशक या अन्य रसायनों का प्रयोग निर्माता के निर्देश और सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार करें।