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pralay: world's first Epidemic
प्रलय

प्रलय: दुनिया की सबसे पहली महामारी

24 February 2023

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महामारियों के इतिहास पर नजर डालने पर हम पाते हैं कि पहली दर्ज महामारी 430-26 ईसा पूर्व फैली थी। प्राचीन ग्रीस की राजधानी एथेंस में प्लेग की महामारी उस समय फैली जब एथेंस और स्पार्टा के बीच पेलोपोनेसियन युद्ध चल रहा था।   

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नेपाल में बीते 12 साल में आठ बड़े विमान हादसे हो चुके हैं। 2010 से लेकर 2022 तक यहां 166 लोगों की मौत हो चुकी है। यहां खराब मौसम और पहाड़ों के बीच बनीं कठिन हवाई पट्टी इन हादसों का बड़ा कारण बनती हैं।
 

178 साल पहले 25 नवंबर 1839 को आंध्र प्रदेश के कोरिंगा में आए इस भीषण तूफान में करीब 3 लाख लोगों ने अपनी जान गंवा दी थी। वर्ल्ड वाइड स्तर पर किसी भी तूफान में मरने वाले लोगों का ये आंकड़ा तीसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है।

आज से 43 साल पहले 18 नवंबर को दक्षिण अमेरिका के गुयाना के जोन्सटाउन में 900 से अधिक लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली थी, ये सभी एक धार्मिक पंथ पीपल्स टेंपल ग्रुप को मानने वाले थे। 

25 अप्रैल 2015 सुबह 11 बजकर 56 मिनट... 8.1 तीव्रता का भूकंप का झटका नेपाल में आया। यह झटका इतना तेज था कि इससे आई तबाही के निशान आज भी नेपाल में मौजूद हैं।
 

देश में एक ऐसा रेल हादसा भी हुआ था जिसे भूल पाना नामुमकिन है. इस रेल हादसे ने सिर्फ देश को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया था। 

विभाजन के दौरान व्यापक स्तर पर सांप्रदायिक दंगे हुए, जिनमें मरने वालों की संख्या की गिनती नहीं थी. छिटपुट दंगे आज़ादी की घोषणा से पहले से होने लगे थे। 

कयामत का समय यानी आधी रात सिर्फ 90 सेकेंड दूर है। इस घड़ी में आधी रात 12 बजने का मतलब है कि दुनिया समाप्त हो जाएगी। 
 

26 जुलाई को बांद्रा तलाब में पानी भर गया था। तालाब के पास सड़कों पर मछलियां तैर रही थीं। इस बारिश ने कभी न रुकने वाले इस शहर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया था।

अंग्रेजों के समय धनुषकोटि बड़ा नगर था और रामेश्वरम एक छोटा सा गांव था। उस समय यहां से श्रीलंका के लिए नौकायें चलती थी और किसी प्रकार पासपोर्ट की जरूरत नहीं होती थी।
 

साल 1990 के आखिर में पहली बार जापान ने माना था कि उसकी एक यूनिट ने चीन के लोगों पर बर्बर प्रयोग किए लेकिन उन प्रयोगों के बारे में तब भी कोई जानकारी नहीं दी गई थी लेकिन, धीरे-धीरे इसकी जानकारी सामने आती गई।
 

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