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पंजाब: हाईकोर्ट की सख्ती पर कटने से बचेंगे 251 पुराने पेड़, नए कानून पर रोक; क्या बोली सरकार?

Tue, 03 Nov 2026 09:04 PM IST
शाहिल शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Tue, 03 Nov 2026 09:04 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने 31 अक्तूबर को कानून के प्रावधानों पर गंभीर चिंता जताई थी। अदालत ने कहा था कि शुल्क जमा कर पेड़ काटने की अनुमति देने की व्यवस्था राज्य के पर्यावरण को तबाह कर सकती है।

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251 old trees saved from being felled, thanks to High Court firm stance
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पंजाब सरकार ने अपने नए वृक्ष संरक्षण कानून, 2026 के क्रियान्वयन पर फिलहाल रोक लगा दी है। सुनवाई के दौरान सरकार ने अदालत को भरोसा दिलाया कि प्रावधानों पर दोबारा विचार होने तक कानून के तहत कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। पेड़ों की कटाई को लेकर हाईकोर्ट की ओर से तैयार किए जाने वाले दिशा-निर्देशों का भी पालन किया जाएगा।

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हाईकोर्ट ने 31 अक्तूबर को कानून के प्रावधानों पर गंभीर चिंता जताई थी। अदालत ने कहा था कि शुल्क जमा कर पेड़ काटने की अनुमति देने की व्यवस्था राज्य के पर्यावरण को तबाह कर सकती है। मामला मोहाली में विकास कार्यों के लिए 251 पुराने पेड़ काटने के प्रस्ताव से जुड़ा है। दिसंबर 2025 में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब में अपनी पूर्व अनुमति के बिना पेड़ काटने पर रोक लगाई थी। बाद में अदालत ने हरियाणा में भी पेड़ों की कटाई से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप किया।
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पंजाब सरकार ने सितंबर 2026 में नया कानून अधिसूचित किया था। इसमें निर्धारित समय में निर्णय नहीं होने पर कुछ परिस्थितियों में पेड़ काटने की अनुमति स्वत: मिलने का प्रावधान था। याचिकाकर्ताओं ने इसका विरोध करते हुए कहा कि इससे पर्यावरण संरक्षण के मौजूदा उपाय कमजोर होंगे। अधिकारियों की भूमिका और हितों के टकराव पर भी सवाल उठाए गए।
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राष्ट्रीय औसत से बहुत कम है हरियाली
हाईकोर्ट ने वन स्थिति रिपोर्ट-2023 का हवाला देते हुए बताया कि पंजाब में वन एवं वृक्ष आवरण 3.67 प्रतिशत और हरियाणा में 3.65 प्रतिशत है, जबकि राष्ट्रीय औसत 25.17 प्रतिशत है। अदालत अब दोनों राज्यों में पेड़ों की कटाई के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश तैयार करेगी। फिलहाल कानून को असंवैधानिक घोषित नहीं किया गया है, बल्कि सरकार के आश्वासन पर इसका क्रियान्वयन रोका गया है।

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