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पंजाब में एसआईआर: विधानसभा चुनाव से पहले कटे 13 लाख वोट, मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने दी जानकारी
Mon, 12 Oct 2026 04:38 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 12 Oct 2026 04:38 PM IST
सार
विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब में हुई एसआईआर में 13 लाख वोट कट गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण से पहले पंजाब में करीब 2.14 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे जो अब घटकर 2.01 करोड़ रह गए हैं।
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अनिंदिता मित्रा, मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पंजाब में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद करीब 13 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने यह जानकारी दी। एसआईआर की प्रक्रिया से पहले राज्य में करीब 2.14 करोड़ मतदाता पंजीकृत थे, जबकि पुनरीक्षण के बाद यह संख्या घटकर लगभग 2.01 करोड़ रह गई है।
मतदाता सूची में हुए इस बदलाव के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कर उनमें दर्ज नामों और संबंधित विवरणों की जांच की जाती है, ताकि सूची को अद्यतन किया जा सके।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची में करीब 13 लाख मतदाताओं की कमी आई है। हालांकि, हटाए गए नामों के कारणों और अलग-अलग श्रेणियों में नाम कटने का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने नाम मृत मतदाताओं, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से हटाए गए हैं।
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मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के अधिकार के लिए जरूरी है। ऐसे में मतदाताओं के लिए अपनी प्रविष्टियों की जांच करना महत्वपूर्ण है, ताकि आगामी चुनावों के दौरान उन्हें मतदान करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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मतदाता सूची में हुए इस बदलाव के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। एसआईआर के तहत मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कर उनमें दर्ज नामों और संबंधित विवरणों की जांच की जाती है, ताकि सूची को अद्यतन किया जा सके।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया के बाद राज्य की मतदाता सूची में करीब 13 लाख मतदाताओं की कमी आई है। हालांकि, हटाए गए नामों के कारणों और अलग-अलग श्रेणियों में नाम कटने का विस्तृत ब्योरा उपलब्ध होने पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कितने नाम मृत मतदाताओं, स्थान परिवर्तन या अन्य कारणों से हटाए गए हैं।
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मतदाता सूची में नाम दर्ज होना मतदान के अधिकार के लिए जरूरी है। ऐसे में मतदाताओं के लिए अपनी प्रविष्टियों की जांच करना महत्वपूर्ण है, ताकि आगामी चुनावों के दौरान उन्हें मतदान करने में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।