{"_id":"6a523ad6d58adc305706d0fa","slug":"bhupesh-baghel-statement-regarding-aap-in-punjab-2026-07-11","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"बघेल का बड़ा दावा: चुनाव से पहले टूटेगी आप, कई नेता कांग्रेस के संपर्क में; सीएम फेस को लेकर कही ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बघेल का बड़ा दावा: चुनाव से पहले टूटेगी आप, कई नेता कांग्रेस के संपर्क में; सीएम फेस को लेकर कही ये बात
Sat, 11 Jul 2026 06:15 PM IST
शाहिल शर्मा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 11 Jul 2026 06:15 PM IST
सार
कांग्रेस में चल रहे विवाद के बीच प्रभारी भूपेश बघेल ने दावा किया कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी टूटेगी। पार्टी के कई विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के संपर्क में हैं
विज्ञापन
भूपेश बघेल, पंजाब कांग्रेस के प्रभारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेतृत्व परिवर्तन के लिए भले ही पंजाब में बगावत का माहौल बना हुआ है मगर हाईकमान अपने कड़वे अनुभव से सीख लेते हुए पुरानी गलती नहीं दोहराना चाहता। हालांकि इस बार भी साल 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस में आपसी फूट की स्क्रिप्ट साल 2022 सरीखे पुरानी ही है मगर किरदार बदले हुए हैं।
बगावत को शांत कराने आए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट कहा, अनुभव से सीखना चाहिए। इस संदर्भ में पार्टी हाईकमान का पिछला अनुभव अच्छा नहीं था। चुनाव से छह महीने पहले नेतृत्व परिवर्तन किया था मगर कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि चुनावी समीकरण बिगड़ गए। हाईकमान ने इस अनुभव से सीखा है, इसलिए तय किया है कि इस बार चुनाव से ठीक पहले प्रदेशाध्यक्ष नहीं बदला जाएगा। पार्टी और मजबूती से चुनाव लड़े, इसके लिए तीन अतिरिक्त कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई है।
बघेल ने कहा, राजनीति में जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है वो दिखता नहीं है। साल 2022 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। उस वक्त परिस्थितियां अलग थीं। तब हाईकमान ने ऐसा क्यों किया था, आज तक बहुत से नेता यह समझ ही नहीं पाए हैं। लिहाजा अबकी बार पंजाब के संदर्भ में हाईकमान पूरी तरह संजीदा है। कोई भी फैसला प्रदेश स्तर पर नहीं हो रहा है, हर चीज को राहुल गांधी खुद मॉनिटर कर रहे हैं। सभी वरिष्ठ नेता हमारी संपत्ति हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बगावत को शांत कराने आए प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने स्पष्ट कहा, अनुभव से सीखना चाहिए। इस संदर्भ में पार्टी हाईकमान का पिछला अनुभव अच्छा नहीं था। चुनाव से छह महीने पहले नेतृत्व परिवर्तन किया था मगर कोई फायदा नहीं हुआ बल्कि चुनावी समीकरण बिगड़ गए। हाईकमान ने इस अनुभव से सीखा है, इसलिए तय किया है कि इस बार चुनाव से ठीक पहले प्रदेशाध्यक्ष नहीं बदला जाएगा। पार्टी और मजबूती से चुनाव लड़े, इसके लिए तीन अतिरिक्त कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्षों की नियुक्ति कर दी गई है।
विज्ञापन
बघेल ने कहा, राजनीति में जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है वो दिखता नहीं है। साल 2022 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था। उस वक्त परिस्थितियां अलग थीं। तब हाईकमान ने ऐसा क्यों किया था, आज तक बहुत से नेता यह समझ ही नहीं पाए हैं। लिहाजा अबकी बार पंजाब के संदर्भ में हाईकमान पूरी तरह संजीदा है। कोई भी फैसला प्रदेश स्तर पर नहीं हो रहा है, हर चीज को राहुल गांधी खुद मॉनिटर कर रहे हैं। सभी वरिष्ठ नेता हमारी संपत्ति हैं।
विज्ञापन
जाखड़ को हटाकर सिद्धू को बनाया था अध्यक्ष
सुनील जाखड़ साल 2017 से जुलाई 2021 तक पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। जुलाई 2021 में कांग्रेस हाईकमान ने सुनील जाखड़ को हटाकर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। सिद्धू की नियुक्ति उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ उनके लंबे विवाद के बीच हुई थी। इसके कुछ ही महीनों बाद अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री बने।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद सिद्धू ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। कैप्टन और जाखड़ आज भाजपा में हैं।
सुनील जाखड़ साल 2017 से जुलाई 2021 तक पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रहे। जुलाई 2021 में कांग्रेस हाईकमान ने सुनील जाखड़ को हटाकर नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। सिद्धू की नियुक्ति उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ उनके लंबे विवाद के बीच हुई थी। इसके कुछ ही महीनों बाद अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री बने।
साल 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद सिद्धू ने प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। बाद में कांग्रेस ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पंजाब कांग्रेस का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया। कैप्टन और जाखड़ आज भाजपा में हैं।
बघेल का दावा: आप टूटेगी, कई विधायक संपर्क में
कांग्रेस में चल रहे विवाद के बीच प्रभारी भूपेश बघेल ने दावा किया कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी टूटेगी। पार्टी के कई विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के संपर्क में हैं मगर किसे कांग्रेस में शामिल किया जाना है और किसे नहीं यह नेताओं के गुण-दोष तय करेंगे। उनके अनुसार आप विधायकों को भी यह मालूम हो गया कि साल 2027 में कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में है।
कांग्रेस के पास सीएम के बहुत चेहरे
साल 2022 में चन्नी को सीएम फेस बनाया था, मगर इस बार सीएम फेस घोषित न करने की बात कही जा रही है, इस पर बघेल ने कहा, दरअसल, कांग्रेस में सीएम फेस के बहुत चेहरे हैं। सीएम कौन होगा यह तो हाईकमान तय करेगा मगर आम आदमी पार्टी के पास सिर्फ एक चेहरा (भगवंत सिंह मान) और शिअद के पास पुराना चेहरा (सुखबीर सिंह बादल) ही है। भाजपा के पास तो कोई चेहरा ही नहीं है।
कांग्रेस में चल रहे विवाद के बीच प्रभारी भूपेश बघेल ने दावा किया कि चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी टूटेगी। पार्टी के कई विधायक वरिष्ठ कांग्रेसी नेताओं के संपर्क में हैं मगर किसे कांग्रेस में शामिल किया जाना है और किसे नहीं यह नेताओं के गुण-दोष तय करेंगे। उनके अनुसार आप विधायकों को भी यह मालूम हो गया कि साल 2027 में कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में है।
कांग्रेस के पास सीएम के बहुत चेहरे
साल 2022 में चन्नी को सीएम फेस बनाया था, मगर इस बार सीएम फेस घोषित न करने की बात कही जा रही है, इस पर बघेल ने कहा, दरअसल, कांग्रेस में सीएम फेस के बहुत चेहरे हैं। सीएम कौन होगा यह तो हाईकमान तय करेगा मगर आम आदमी पार्टी के पास सिर्फ एक चेहरा (भगवंत सिंह मान) और शिअद के पास पुराना चेहरा (सुखबीर सिंह बादल) ही है। भाजपा के पास तो कोई चेहरा ही नहीं है।