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Punjab: छात्र नेता बनने निकले थे, गैंगवार ने बना दिया मोस्ट वांटेड गैंगस्टर; रडार पर भट्टी के गुर्गे
Sat, 11 Jul 2026 05:55 PM IST
शाहिल शर्मा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Sat, 11 Jul 2026 05:55 PM IST
सार
महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने पाकिस्तान में बैठे कथित आईएसआई हैंडलर और गैंगस्टर शाहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। एटीएस ने राज्यभर में 112 लोगों की पहचान की है।
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रडार पर भट्टी के गुर्गे
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब और चंडीगढ़ की छात्र राजनीति से निकले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ आज देश के सबसे मोस्ट वांटेड गैंगस्टरों में गिने जाते हैं। कभी छात्र संघ की राजनीति में पहचान बनाने का सपना देखने वाले इन दोनों का सफर समय के साथ अपराध की दुनिया तक पहुंच गया। आज दोनों का नेटवर्क देश ही नहीं, विदेशों तक फैला माना जाता है और कई सनसनीखेज मामलों में उनके नाम सामने आ चुके हैं।
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हाल ही में अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने कनाडा और यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ गैंग के खिलाफ बड़ी अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की है। इस साझा अभियान को ऑपरेशन हार्ड बॉल का नाम दिया गया है। एजेंसी के आरोप पत्र में बताया गया है कि भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और विदेशों में छिपे गोल्डी बराड़ ने ही जून 2023 में कनाडा के
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ब्रिटिश कोलंबिया (सरे) में सिख अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। इसके अलावा एफबीआई ने गोल्डी बराड़ को आधिकारिक तौर पर मोस्ट वांटेड घोषित कर दिया है।
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एजेंसी ने उसे पकड़वाने या उसकी गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम की घोषणा की है। एफबीआई ने उसे उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई सिंडिकेट का मुख्य संचालक बताया है। पंजाब पुलिस का दावा है कि लॉरेंस और गोल्डी लंबे समय तक एक-दूसरे के करीबी सहयोगी रहे। दोनों के नेटवर्क ने पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और अन्य राज्यों में रंगदारी, हत्या और संगठित अपराध के मामलों में अपनी पकड़ बनाई।
हालांकि समय के साथ दोनों के रास्ते अलग होने की चर्चाएं भी सामने आती रहीं और गैंगवार ने कई पुराने साथियों को एक-दूसरे का दुश्मन बना दिया। हाल में अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा अंतरराष्ट्रीय गैंग नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई के बाद पंजाब पुलिस ने भी लॉरेंस और गोल्डी बराड़ से जुड़े नेटवर्क, उनके गुर्गों और आर्थिक मददगारों पर शिकंजा कसने की तैयारी तेज कर दी है। पुलिस का मानना है कि विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के नेटवर्क को कमजोर करने से राज्य में संगठित अपराध पर भी असर पड़ेगा।
अपराध के दलदल में फंसते गए
फाजिल्का निवासी लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब विश्वविद्यालय से पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति में कदम रखा। वह छात्र संगठन सोपू से जुड़ा और छात्र संघ चुनाव भी लड़ा, लेकिन जीत नहीं सका। इसी दौरान उसकी पहचान कई ऐसे युवाओं से हुई, जो बाद में संगठित अपराध से जुड़े। छोटे-छोटे विवाद, आपसी वर्चस्व की लड़ाई और गैंगबाजी ने धीरे-धीरे उसे अपराध की दुनिया का बड़ा चेहरा बना दिया।
दूसरी ओर, श्री मुक्तसर साहिब के रहने वाले गोल्डी बराड़ की पहचान भी छात्र राजनीति से बनी। बाद में वह पढ़ाई के लिए कनाडा चला गया लेकिन वर्ष 2020 में उसके चचेरे भाई और छात्र नेता गुरलाल बराड़ की चंडीगढ़ में गोली मारकर हत्या के बाद उसने खुलकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उसने विदेश में रहकर अपने नेटवर्क को सक्रिय किया और पंजाब में कई वारदातों की साजिश रचने के आरोप लगे।
फाजिल्का निवासी लॉरेंस बिश्नोई ने पंजाब विश्वविद्यालय से पढ़ाई के दौरान छात्र राजनीति में कदम रखा। वह छात्र संगठन सोपू से जुड़ा और छात्र संघ चुनाव भी लड़ा, लेकिन जीत नहीं सका। इसी दौरान उसकी पहचान कई ऐसे युवाओं से हुई, जो बाद में संगठित अपराध से जुड़े। छोटे-छोटे विवाद, आपसी वर्चस्व की लड़ाई और गैंगबाजी ने धीरे-धीरे उसे अपराध की दुनिया का बड़ा चेहरा बना दिया।
दूसरी ओर, श्री मुक्तसर साहिब के रहने वाले गोल्डी बराड़ की पहचान भी छात्र राजनीति से बनी। बाद में वह पढ़ाई के लिए कनाडा चला गया लेकिन वर्ष 2020 में उसके चचेरे भाई और छात्र नेता गुरलाल बराड़ की चंडीगढ़ में गोली मारकर हत्या के बाद उसने खुलकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद उसने विदेश में रहकर अपने नेटवर्क को सक्रिय किया और पंजाब में कई वारदातों की साजिश रचने के आरोप लगे।
शहजाद भट्टी से जुड़े 112 लोग रडार पर
महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने पाकिस्तान में बैठे कथित आईएसआई हैंडलर और गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। एटीएस ने राज्यभर में 112 लोगों की पहचान की है। ये लोग कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में आए थे। एटीएस इन सभी की तलाश कर उनके ठिकानों का सत्यापन कर रही है और उनसे
पूछताछ की जा रही है।
महाराष्ट्र एटीएस के अनुसार, शुक्रवार सुबह सात बजे से शुरू की गई इस कार्रवाई में उसकी 14 इकाइयां शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि शाहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। इसी आशंका के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
इस सिलसिले में मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, मीरा रोड, भायंदर, सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। एटीएस उन लोगों के डिजिटल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है, जो कथित तौर पर भट्टी के संपर्क में थे। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पाकिस्तान से
संचालित दो कथित मॉड्यूल का पर्दाफाश किए जाने के बाद शुरू हुई है। उस मामले में दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों पर शहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेट्रोल बम हमलों की साजिश रचने का आरोप है।
महाराष्ट्र एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) ने पाकिस्तान में बैठे कथित आईएसआई हैंडलर और गैंगस्टर शहजाद भट्टी से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया है। एटीएस ने राज्यभर में 112 लोगों की पहचान की है। ये लोग कथित तौर पर सोशल मीडिया के माध्यम से शहजाद भट्टी के संपर्क में आए थे। एटीएस इन सभी की तलाश कर उनके ठिकानों का सत्यापन कर रही है और उनसे
पूछताछ की जा रही है।
महाराष्ट्र एटीएस के अनुसार, शुक्रवार सुबह सात बजे से शुरू की गई इस कार्रवाई में उसकी 14 इकाइयां शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि शाहजाद भट्टी सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के लिए प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। इसी आशंका के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर जांच का दायरा बढ़ाया गया है।
इस सिलसिले में मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, कुर्ला, बांद्रा, जोगेश्वरी, मीरा रोड, भायंदर, सांगली, सतारा और छत्रपति संभाजीनगर समेत कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया। एटीएस उन लोगों के डिजिटल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच कर रही है, जो कथित तौर पर भट्टी के संपर्क में थे। यह कार्रवाई कुछ दिन पहले दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा पाकिस्तान से
संचालित दो कथित मॉड्यूल का पर्दाफाश किए जाने के बाद शुरू हुई है। उस मामले में दिल्ली और पंजाब से छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि आरोपियों पर शहजाद भट्टी के निर्देश पर दिल्ली के भीड़भाड़ वाले इलाकों में पेट्रोल बम हमलों की साजिश रचने का आरोप है।