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पंजाब में खनन माफिया पर शिकंजा: HC ने डीसी और माइनिंग अधिकारी को निरीक्षण के दिए निर्देश, मांगी स्टेटस रिपोर्ट
Thu, 03 Sep 2026 05:13 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, तलवाड़ा (होशियापुर)
संवाद न्यूज एजेंसी, तलवाड़ा (होशियापुर)
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 03 Sep 2026 05:13 PM IST
सार
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि निरीक्षण के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में निरीक्षण किए गए स्थानों और उनके सटीक जियो-कोऑर्डिनेट्स का उल्लेख किया जाए। यह रिपोर्ट मौके के निरीक्षण के एक सप्ताह के भीतर अदालत में सीलबंद लिफाफे में पेश करनी होगी।
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पंजाब में अवैध खनन पर हाईकोर्ट सख्त
- फोटो : संवाद
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विस्तार
पंजाब में कथित अवैध खनन गतिविधियों को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। होशियारपुर में 50 से 100 मीटर तक गहरी अवैध माइनिंग किए जाने के आरोपों पर अदालत ने मौके का निरीक्षण करवाने और इसकी विस्तृत सील बंद स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं। यह निर्देश याचिकाकर्ता राहुल मनचंदा बनाम पंजाब सरकार एवं अन्य मामले की सुनवाई के दौरान जारी किए गए।
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याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि जहां नियमानुसार माइनिंग की अनुमत गहराई करीब तीन मीटर तक सीमित है। वहीं, संबंधित क्षेत्रों में कथित तौर पर बिना वैध अनुमति के 50 मीटर से भी अधिक गहराई तक खुदाई की गई। याचिकाकर्ता ने अपने आरोपों के समर्थन में प्रभावित स्थानों की तस्वीरें और उनके जियो-कोऑर्डिनेट्स (स्थान निर्देशांक) भी अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए।
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मामले की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति यशवीर सिंह राठौर की खंडपीठ ने होशियारपुर जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव को खुद मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा कि निरीक्षण के दौरान मौके पर चल रही खनन गतिविधियों की प्रकृति, क्षेत्रफल और अनुमानित गहराई का आकलन किया जाए। निरीक्षण में होशियारपुर के उपायुक्त (डीसी) और स्थानीय माइनिंग अधिकारी को आवश्यक सहयोग देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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सीलबंद लिफाफे में देनी होगी रिपोर्ट
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि निरीक्षण के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में निरीक्षण किए गए स्थानों और उनके सटीक जियो-कोऑर्डिनेट्स का उल्लेख किया जाए। यह रिपोर्ट मौके के निरीक्षण के एक सप्ताह के भीतर अदालत में सीलबंद लिफाफे में पेश करनी होगी। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने प्रतिवादियों की ओर से नोटिस स्वीकार किया। राज्य सरकार को मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही संशोधित पर्यावरणीय मंजूरियांभी रिकॉर्ड पर रखने की बात कही गई है।
डीएलएसए रिपोर्ट के बाद सीबीआई जांच पर फैसला
याचिकाकर्ता ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग भी की है। हाईकोर्ट ने इस मांग पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अदालत अब डीएलएसए सचिव की निरीक्षण रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सीबीआई जांच की मांग पर आगे विचार करेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद होशियारपुर में कथित गहरी और अवैध माइनिंग को लेकर जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिक गई हैं।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि निरीक्षण के बाद तैयार की जाने वाली रिपोर्ट में निरीक्षण किए गए स्थानों और उनके सटीक जियो-कोऑर्डिनेट्स का उल्लेख किया जाए। यह रिपोर्ट मौके के निरीक्षण के एक सप्ताह के भीतर अदालत में सीलबंद लिफाफे में पेश करनी होगी। सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश वकील ने प्रतिवादियों की ओर से नोटिस स्वीकार किया। राज्य सरकार को मामले में विस्तृत जवाब दाखिल करने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही संशोधित पर्यावरणीय मंजूरियांभी रिकॉर्ड पर रखने की बात कही गई है।
डीएलएसए रिपोर्ट के बाद सीबीआई जांच पर फैसला
याचिकाकर्ता ने मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की मांग भी की है। हाईकोर्ट ने इस मांग पर फिलहाल कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। अदालत अब डीएलएसए सचिव की निरीक्षण रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद सीबीआई जांच की मांग पर आगे विचार करेगी। मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद होशियारपुर में कथित गहरी और अवैध माइनिंग को लेकर जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजरें टिक गई हैं।