{"_id":"6aa225779a952add910f22a0","slug":"political-equations-shifted-in-ferozepur-dehati-assembly-seat-roads-sewerage-system-election-weapons-2026-09-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीट का समीकरण: फिरोजपुर देहाती में बदले समीकरण, सड़क-सीवरेज समेत कई समस्याएं बनेंगी चुनावी हथियार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीट का समीकरण: फिरोजपुर देहाती में बदले समीकरण, सड़क-सीवरेज समेत कई समस्याएं बनेंगी चुनावी हथियार
Thu, 10 Sep 2026 09:06 AM IST
Nivedita
अनिल कुमार, संवाद, फिरोजपुर
अनिल कुमार, संवाद, फिरोजपुर
Published by: Nivedita
Updated Thu, 10 Sep 2026 09:06 AM IST
सार
आप की टिकट के लिए मौजूदा विधायक रजनीश दहिया के अलावा मोड़ा सिंह अंजान ने भी दावेदारी जताई है। अनमोल गगन का नाम भी लोगों के बीच चर्चा में है। अकाली दल बादल से पूर्व विधायक जोगिंदर सिंह और कांग्रेस से आशु बांगड़ प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। ये सभी दावेदार अभी से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रियता बढ़ा रहे हैं।
विज्ञापन
फिरोजपुर देहाती हलका का समीकरण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले फिरोजपुर देहाती हलके में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बार आम आदमी पार्टी (आप), कांग्रेस और अकाली दल बादल के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने की संभावना है।
विज्ञापन
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सक्रियता अभी तक कम दिखाई दे रही है। अपराध की दुनिया से राजनीति में आए गुरप्रीत सिंह सेखों के आप में शामिल होने से हलके में नए राजनीतिक समीकरण बनने की चर्चा है।
विज्ञापन
दावेदार बढ़ा रहे सक्रियता
सेखों के आप में शामिल होने को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में उनकी एंट्री से हलके की राजनीतिक तस्वीर में बदलाव आने की उम्मीद है। आप की टिकट के लिए मौजूदा विधायक रजनीश दहिया के अलावा मोड़ा सिंह अंजान ने भी दावेदारी जताई है। अनमोल गगन का नाम भी लोगों के बीच चर्चा में है। अकाली दल बादल से पूर्व विधायक जोगिंदर सिंह और कांग्रेस से आशु बांगड़ प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं।
विज्ञापन
ये सभी दावेदार अभी से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में सक्रियता बढ़ा रहे हैं। जन्माष्टमी पर्व के दौरान सभी दावेदार अलग-अलग मंदिरों में आयोजित कार्यक्रमों में नजर आए। रजनीश दहिया और आशु बांगड़ ने तलवंडी भाई में आयोजित जन्माष्टमी कार्यक्रम में भजन भी गाए। गांवों में सभाएं कर लोगों से संपर्क साधा जा रहा है। सुबह और शाम के समय जनसंपर्क अभियान तेज किया जा रहा है।
विकास कार्यों पर विधायक और कांग्रेस नेता आमने-सामने
आप विधायक रजनीश दहिया ने दावा किया कि विधानसभा हलके में लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के अनुरूप विकास कार्य करवाए गए हैं। उन्होंने ममदोट और मुदकी में सीवरेज व्यवस्था, नहरी पानी की पाइपलाइन बिछाने और गांव मिरजे में 66 केवी बिजली के काम का जिक्र किया। दहिया ने बताया कि हलके में 15 नई सड़कों का निर्माण हुआ है, दाना मंडियों में शेड बने हैं और ममदोट में 30 बेड के अस्पताल का निर्माण चल रहा है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आशु बांगड़ ने इन दावों को खोखला बताया। उन्होंने कहा कि हलके में पढ़े-लिखे नौजवानों के लिए कोई बड़ा रोजगार प्रोजेक्ट नहीं आया। बांगड़ ने आरोप लगाया कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने में विफल रही है।
पिछले चुनावों के आंकड़े
2022 के विधानसभा चुनाव में फिरोजपुर देहाती हलके में कुल 1,96,789 मतदाता थे। इनमें से 1,51,909 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिससे 77.21 फीसदी मतदान दर्ज हुआ। आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी रजनीश दहिया को 75,293 वोट मिले। कांग्रेस के आशु बांगड़ को 20,396 और शिरोमणि अकाली दल (बादल) के जोगिंदर सिंह को 47,547 वोट प्राप्त हुए। दहिया ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जोगिंदर सिंह को 27,746 वोटों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी। 2012 के चुनाव में अकाली दल (बादल) के जोगिंदर सिंह ने कांग्रेस की सत्कार कौर को महज 162 वोटों से हराया था। वहीं, 2017 में कांग्रेस की सत्कार कौर ने जोगिंदर सिंह को 21,380 वोटों के अंतर से मात दी थी।
हलके की प्रमुख समस्याएं
फिरोजपुर देहाती हलके में बिजली, पेयजल और सीवरेज जैसी कई स्थानीय समस्याएं लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। ममदोट में कई सड़कें लंबे समय से जर्जर हालत में हैं। वर्षों पुरानी पानी की पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त होने के कारण लोगों के घरों में दूषित पानी पहुंचने की शिकायतें आती रही हैं। कुछ माह पहले गांव हजारा सिंह में दूषित पानी के सेवन से बीमारी फैलने से तीन स्कूली बच्चों की मौत भी हुई थी। तलवंडी भाई के लोग सीवरेज और रेलवे फाटक की समस्या से जूझ रहे हैं। रेलवे फाटक लंबे समय से बंद रहने के कारण आसपास के दुकानदारों के कारोबार पर भी बुरा असर पड़ रहा है।