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पंजाब-चंडीगढ़ में ईडी के एक्शन पर रार: आप ने बताया राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित, भाजपा का सवाल-एतराज क्या है
Fri, 25 Sep 2026 09:24 AM IST
Nivedita
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 25 Sep 2026 09:24 AM IST
सार
पंजाब और चंडीगढ़ में अप्रैल से लेकर अभी तक ईडी विभिन्न मामलों में करीब 15 रेड को अंजाम दे चुकी है। इसी का विरोध आम आदमी पार्टी कर रही है।
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मोहाली में ईडी रेड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-चंडीगढ़ में दो दिनों के भीतर ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) कार्यालय, मंत्री के भांजे और आईएएस के घर व आप मंत्रियों की कोठियों के बीच स्थित एक सरकारी आवास पर ईडी की कार्रवाई से सियासी संग्राम छिड़ गया है।
आम आदमी पार्टी और भाजपा के नेता आमने-सामने हैं जबकि पंजाब पुलिस भी निशाने पर आ गई है। शिरोमणि अकाली दल ने इस मसले पर सरकार की घेराबंदी की है। आप नेता इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बता रहे हैं, वहीं भाजपा नेता कहते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई से आप को ऐतराज क्या हैं।
पंजाब व चंडीगढ़ में अप्रैल से लेकर अभी तक ईडी विभिन्न मामलों में करीब 15 रेड को अंजाम दे चुकी है। इसी का विरोध आम आदमी पार्टी कर रही है। आप सरकार में मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने आरोप लगाया कि चुनाव वाले राज्यों में केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
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पंजाब को एजेंसियों के जरिये दबाने की कोशिश की जा रही है और यह तरीका अब नियमित हो गया है। उन्होंने बिहार और दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव के दौरान आप नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया लेकिन बाद में अदालतों में मामले टिक नहीं सके।
शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई बड़े नाम सामने आएंगे। उन्होंने तंज कसा, अफसरों से लेकर वजीरों और वजीरों के बॉस तक सब पकड़े जाएंगे।
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आम आदमी पार्टी और भाजपा के नेता आमने-सामने हैं जबकि पंजाब पुलिस भी निशाने पर आ गई है। शिरोमणि अकाली दल ने इस मसले पर सरकार की घेराबंदी की है। आप नेता इसे राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बता रहे हैं, वहीं भाजपा नेता कहते हैं कि भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई से आप को ऐतराज क्या हैं।
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पंजाब व चंडीगढ़ में अप्रैल से लेकर अभी तक ईडी विभिन्न मामलों में करीब 15 रेड को अंजाम दे चुकी है। इसी का विरोध आम आदमी पार्टी कर रही है। आप सरकार में मंत्री लालचंद कटारूचक्क ने आरोप लगाया कि चुनाव वाले राज्यों में केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं और अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
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पंजाब को एजेंसियों के जरिये दबाने की कोशिश की जा रही है और यह तरीका अब नियमित हो गया है। उन्होंने बिहार और दिल्ली का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां चुनाव के दौरान आप नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया लेकिन बाद में अदालतों में मामले टिक नहीं सके।
शिरोमणि अकाली दल के उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई बड़े नाम सामने आएंगे। उन्होंने तंज कसा, अफसरों से लेकर वजीरों और वजीरों के बॉस तक सब पकड़े जाएंगे।
मंत्री-सांसद भी कार्रवाई की जद में आए
24 सितंबर तक पंजाब से जुड़े मामलों में ईडी की 15 अलग-अलग कार्रवाई सामने आई हैं। अप्रैल में जालंधर-फगवाड़ा में आप के तत्कालीन राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के /लवली ग्रुप, लुधियाना-जालंधर-चंडीगढ़ में उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और बाद में डीआईजी हरचरणी भुल्लर मामले में चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा व जालंधर में कार्रवाई हुई। मई में मोहाली-खरड़ के सनटेक सिटी मामले और न्यू चंडीगढ़-माजरी में तलाशी हुई।
जून में लुधियाना-जालंधर समेत मानव तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई हुई। जुलाई में पठानकोट, गुरदासपुर-अमृतसर, पंजाब-जम्मू-कश्मीर और बैंक फ्रॉड मामले में तलाशी हुई। अगस्त में चंडीगढ़, अमृतसर, गुरदासपुर-लुधियाना में पीएसआईईसी और मोहाली-पंजाब में कार्रवाई हुई। अब सितंबर में पटियाला-चंडीगढ़ तथा 23-24 सितंबर को मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 स्थानों पर तलाशी ली गई।
पंजाब पुलिस ने नहीं की थी कार्रवाई
दरअसल, ईडी ने पंजाब पुलिस के डीजीपी को पत्र भेजकर गमाडा में सीएलयू, जमीन और निजी रियल एस्टेट परियोजनाओं को कथित लाभ पहुंचाने के मामलों सहित अन्य गड़बड़ियों की जानकारी दी थी। इनमें मोहाली सेक्टर-62 में रेमिगेट बिल्डर्स को करीब 40 करोड़ रुपये के गैर-निर्माण शुल्क व पेनेल्टी की कथित छूट का मामला भी शामिल था। ईडी ने पुलिस को पत्र में जांच के बाद कार्रवाई के लिए लिखा था। कार्रवाई न होने पर रिमाइंडर भी भेजे गए थे लेकिन पंजाब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।
24 सितंबर तक पंजाब से जुड़े मामलों में ईडी की 15 अलग-अलग कार्रवाई सामने आई हैं। अप्रैल में जालंधर-फगवाड़ा में आप के तत्कालीन राज्यसभा सदस्य अशोक मित्तल के /लवली ग्रुप, लुधियाना-जालंधर-चंडीगढ़ में उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा और बाद में डीआईजी हरचरणी भुल्लर मामले में चंडीगढ़, लुधियाना, पटियाला, नाभा व जालंधर में कार्रवाई हुई। मई में मोहाली-खरड़ के सनटेक सिटी मामले और न्यू चंडीगढ़-माजरी में तलाशी हुई।
जून में लुधियाना-जालंधर समेत मानव तस्करी नेटवर्क पर कार्रवाई हुई। जुलाई में पठानकोट, गुरदासपुर-अमृतसर, पंजाब-जम्मू-कश्मीर और बैंक फ्रॉड मामले में तलाशी हुई। अगस्त में चंडीगढ़, अमृतसर, गुरदासपुर-लुधियाना में पीएसआईईसी और मोहाली-पंजाब में कार्रवाई हुई। अब सितंबर में पटियाला-चंडीगढ़ तथा 23-24 सितंबर को मोहाली, चंडीगढ़, पंचकूला और लुधियाना में 26 स्थानों पर तलाशी ली गई।
पंजाब पुलिस ने नहीं की थी कार्रवाई
दरअसल, ईडी ने पंजाब पुलिस के डीजीपी को पत्र भेजकर गमाडा में सीएलयू, जमीन और निजी रियल एस्टेट परियोजनाओं को कथित लाभ पहुंचाने के मामलों सहित अन्य गड़बड़ियों की जानकारी दी थी। इनमें मोहाली सेक्टर-62 में रेमिगेट बिल्डर्स को करीब 40 करोड़ रुपये के गैर-निर्माण शुल्क व पेनेल्टी की कथित छूट का मामला भी शामिल था। ईडी ने पुलिस को पत्र में जांच के बाद कार्रवाई के लिए लिखा था। कार्रवाई न होने पर रिमाइंडर भी भेजे गए थे लेकिन पंजाब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।